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योगी सरकार ने दो पावर कंपनियों से 944 हेक्टेयर जमीन वापस ली

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कानपुर देहात में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पावर कंपनियों को आवंटित 944.029 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया है।

योगी सरकार ने दो पावर कंपनियों से 944 हेक्टेयर जमीन वापस ली
Image credit: News Darpan Team

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कानपुर देहात में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पावर कंपनियों को आवंटित 944.029 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया है। भोगनीपुर तहसील में थर्मल पावर प्लांट लगाने के नाम पर दी गई यह जमीन 15 साल से पड़ी थी और कंपनियों ने इसे अवैध तरीके से बैंकों में गिरवी रखकर बड़ी धोखाधड़ी की थी। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अंतिम आदेश जारी कर जिलाधिकारी को तुरंत खतौनी में जमीन दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

मामला 28 जून 2011 का है जब ऊर्जा विभाग ने दो कंपनियों मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड के साथ पावर प्लांट लगाने का समझौता किया था। एग्रीमेंट की शर्त के मुताबिक कब्जा मिलने के 3 साल के भीतर निर्माण पूरा करना जरूरी था, लेकिन 15 साल बाद भी जमीन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। लैन्को कंपनी को आवंटित 375.378 हेक्टेयर जमीन केनरा बैंक और पीएनबी में गिरवी रखी गई, जबकि हिमावत कंपनी ने 568.651 हेक्टेयर जमीन आईडीबीआई बैंक में बंधक रख दी।

सरकार ने 25 मई 2026 को दोनों कंपनियों को 15 दिन का कारण बताओ नोटिस भेजा था, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। एग्रीमेंट के खिलाफ जाकर राज्य सरकार की इजाजत के बिना जमीन बैंकों में गिरवी रखना और कोई निर्माण न करना साफ धोखाधड़ी मानी गई। अपराध और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत 25 अगस्त 2026 को सरकार ने पूरी जमीन वापस लेने का फैसला कर लिया।

अब यह पूरी जमीन सीधे उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा विभाग के नाम दर्ज होगी। यह कदम उन कंपनियों के लिए सख्त संदेश है जो सरकारी जमीन लेकर उसका गलत इस्तेमाल करती हैं और अपने वादे पूरे नहीं करतीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार ने कितनी जमीन दो पावर कंपनियों से वापस ली?

योगी सरकार ने कानपुर देहात में दो पावर कंपनियों को आवंटित 944.029 हेक्टेयर जमीन वापस ली है। यह जमीन थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए दी गई थी।

कौन सी दो कंपनियों की जमीन वापस ली गई?

मैसर्स लैन्को अनपरा पावर लिमिटेड और मैसर्स हिमावत पावर प्राइवेट लिमिटेड की जमीन वापस ली गई। लैन्को को 375.378 हेक्टेयर और हिमावत को 568.651 हेक्टेयर जमीन दी गई थी।

कंपनियों ने सरकारी जमीन का गलत इस्तेमाल कैसे किया?

दोनों कंपनियों ने सरकार की बिना इजाजत के जमीन को बैंकों में गिरवी रख दिया। लैन्को ने केनरा बैंक और पीएनबी में जमीन बंधक रखी, जबकि हिमावत ने आईडीबीआई बैंक में जमीन गिरवी रखी।

पावर प्लांट लगाने की शर्त क्या थी?

एग्रीमेंट की शर्त के मुताबिक कंपनियों को जमीन का कब्जा मिलने के 3 साल के भीतर निर्माण पूरा करना जरूरी था, लेकिन 15 साल बाद भी कोई काम नहीं हुआ।

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