यूक्रेन का रूस पर 1,000 ड्रोन और मिसाइलों से सबसे बड़ा हमला
1,000 ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलें: यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया रूस और यूक्रेन के बीच 2022 में शुरू हुई जंग के बाद से मॉस्को पर यह सबसे बड़ा हमला है।
रूस और यूक्रेन के बीच 2022 में शुरू हुई जंग के बाद से मॉस्को पर यह सबसे बड़ा हमला है। करीब 200 ड्रोन ने राजधानी मॉस्को को निशाना बनाया। रूस के डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि 24 घंटे के अंदर करीब 1,000 ड्रोन और 4 क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराया गया।
इस हमले के बाद मॉस्को में काफी दिक्कतें हुईं। चार एयरपोर्ट्स को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा। 500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल या लेट हुईं। शहर के कई हिस्सों में आग लग गई। साउथ-ईस्ट मॉस्को के कापोटन्या ऑयल रिफाइनरी पर एक महीने में तीसरी बार और इस हफ्ते दूसरी बार हमला हुआ। काले धुएं के गुबार पूरे शहर में देखे गए। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में एक बड़े ऑयल टैंक का ढक्कन धमाके के बाद हवा में उड़ता दिखा। एक शॉपिंग सेंटर में भी आग लग गई, जहां मलबा गिरा था। कई रिहायशी इमारतों को खाली कराना पड़ा। मॉस्को रीजन में 17 लोग घायल हुए। रूस के साउथ रोस्तोव रीजन में एक ऑयल डिपो पर भी हमला हुआ, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई।
रूस ने हमले की कवरेज को रोकने की कोशिश की और प्रभावित इलाकों की तस्वीरें पब्लिश करने पर बैन लगा दिया। लेकिन ड्रोन और धमाकों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस ऑपरेशन को रूस के हालिया हमले का जवाब बताया, जिसमें कीव के एक बड़े धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचा था। ज़ेलेंस्की ने इसे "लॉन्ग-रेंज सैंक्शन्स" कहा और मॉस्को को चेतावनी दी, "अगर यूक्रेन जलेगा, तो तुम्हारा मॉस्को भी जलेगा।"
इस हमले से यूक्रेन की लंबी दूरी तक हमला करने की बढ़ती ताकत का पता चलता है। 2023 की शुरुआत में मॉस्को पर हुए छोटे ड्रोन हमलों के मुकाबले अब यूक्रेन ने सैकड़ों ड्रोन का इस्तेमाल किया और रूस की एयर डिफेंस को चकमा देने में कामयाबी पाई। मॉस्को से 500 किलोमीटर दूर तक यूक्रेन के ड्रोन पहुंचे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूक्रेन ने कम लागत वाले ड्रोन बनाने और अटैक स्ट्रैटेजी में काफी तरक्की की है, जिससे रूस की मजबूत डिफेंस सिस्टम को भी चुनौती दी जा रही है।
यूक्रेन की यह रणनीति रूस के मिलिट्री साइट्स, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक हब्स को निशाना बनाने की है, ताकि रूस के लोगों को भी जंग का असर महसूस हो और क्रेमलिन की नीतियों के खिलाफ उनका समर्थन कम हो। हालांकि, जंग का बड़ा हिस्सा अभी भी यूक्रेन के फ्रंट लाइन्स पर ही लड़ा जा रहा है, लेकिन ये क्रॉस-बॉर्डर हमले अब इस संघर्ष का अहम हिस्सा बन गए हैं।
रूस ने भी यूक्रेन पर हमले जारी रखे हैं। कीव ने बताया कि रूस ने एक रात में 200 से ज्यादा ड्रोन और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जो कज़ान में साउथईस्ट एशियन लीडर्स के साथ एक समिट में थे, मॉस्को पर हुए इस बड़े हमले पर रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई बयान नहीं दिया। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने मॉस्को के आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने नेताओं से इस जंग के नतीजों पर सवाल पूछें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जंग बढ़ती रही, तो मॉस्को जैसे दूर के इलाकों में भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
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