उज्जैन में सिंहस्थ की जमीन पर आश्रम का कथित अवैध निर्माण ढहाया
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर विकास कार्यों के साथ सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई भी लगातार जारी है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर विकास कार्यों के साथ सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई भी लगातार जारी है। नगर निगम प्रशासन सिंहस्थ की भूमि पर अवैध रूप से बने होटल और दुकानों के साथ किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है।
इसी अभियान के तहत रविवार सुबह करीब 5 बजे नगर निगम की टीम जयसिंहपुरा क्षेत्र में नरसिंह घाट के पास स्थित महासिद्ध आश्रम, एमएस सुकृत ट्रस्ट के परिसर में पहुंची। यहां सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि पर बने अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई।
नगर निगम की टीम ने मशीनों की मदद से आश्रम में हाल ही में बने भवन के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भवन के भीतर रखा सामान निकालने के लिए समय दिया गया। इसके बाद निगम की टीम ने कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया और मौके से लौट गई।
इस कार्रवाई को लेकर सामने आई जानकारी में मशीनों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। एक जानकारी के मुताबिक, नए बने भवन के कुछ हिस्सों को तीन पोकलैंड मशीनों की मदद से गिराया गया। वहीं, दूसरी जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम चार पोकलेन मशीनों और एक जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि नगर निगम की ओर से आश्रम को अवैध अतिक्रमण और निर्माण हटाने के लिए दो बार नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद आश्रम की ओर से निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद निगम की टीम ने रविवार सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
नगर निगम अधिकारी के अनुसार, सिंहस्थ की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने नगर निगम को अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। इसी निर्देश के बाद सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले भी सिंहस्थ भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। जूना अखाड़े से जुड़े हरियाणा सेवा आश्रम के महामंडलेश्वर ज्योति गिरि जी महाराज के आश्रम में बने जी प्लस 3 होटलनुमा भवन को ध्वस्त किया गया था।
उज्जैन में इस भवन के खिलाफ नगर निगम ने शुक्रवार सुबह कार्रवाई की थी। बताया गया कि आश्रम परिसर में चार मंजिला होटलनुमा भवन का निर्माण किया गया था। निगम की ओर से दो बार नोटिस दिए जाने के बाद भी निर्माण नहीं हटाया गया था।
इसके बाद शुक्रवार सुबह नगर निगम की टीम ने मशीनों की मदद से भवन को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की। स्रोत के अनुसार, निगम की टीम इससे पहले भी दो आश्रमों पर कार्रवाई कर चुकी है।
नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने बताया कि आश्रम परिसर में सिंहस्थ के लिए सुरक्षित जमीन पर हाल ही में तीन अलग-अलग पक्के भवनों का निर्माण किया गया था। उन्होंने बताया कि इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए आश्रम संचालक को पहले ही दो बार नोटिस जारी किए जा चुके थे।
राजकुमार राठौर के अनुसार, तय समय सीमा में निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद रविवार सुबह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र की भूमि पर बने अवैध निर्माण हटाने की नगर निगम की कार्रवाई जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उज्जैन में किस आश्रम पर कार्रवाई की गई?
नगर निगम ने जयसिंहपुरा में नरसिंह घाट के पास स्थित महासिद्ध आश्रम, एमएस सुकृत ट्रस्ट के परिसर में कार्रवाई की।
नगर निगम ने आश्रम में क्या कार्रवाई की?
टीम ने मशीनों की मदद से हाल ही में बने भवन के कुछ हिस्सों को ढहा दिया। सामान निकालने के लिए समय देने के बाद कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई।
आश्रम के निर्माण को क्यों हटाया गया?
नगर निगम के मुताबिक, यह निर्माण सिंहस्थ 2028 के लिए सुरक्षित जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इसे हटाने की कार्रवाई की गई।
क्या आश्रम को पहले नोटिस दिए गए थे?
हां, नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण और निर्माण हटाने के लिए आश्रम को दो बार नोटिस दिए थे, लेकिन निर्माण नहीं हटाया गया।
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