टीई की सतर्कता से यात्री का चोरी हुआ लैपटॉप और कीमती सामान बरामद
मैसूरु में टीटीई चंद्र नायक ने चोरी हुआ लैपटॉप बैग और कीमती सामान बरामद कराया। संदिग्ध को जीआरपी के हवाले किया गया।
रेल मदद पर मिली शिकायत के बाद की गई जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर यानी टीटीई ने संदिग्ध हालात में सफर कर रहे एक व्यक्ति को देखा। इसके बाद की गई कार्रवाई में कीमती सामान से भरा एक लैपटॉप बैग बरामद किया गया।
यह शिकायत अभिषेक ने दर्ज कराई थी। वह ट्रेन नंबर 16585 से होलेनरसिपुर से मंगलुरु जंक्शन जा रहे थे। अभिषेक ने बताया कि सफर के दौरान उनका लैपटॉप बैग उनकी बर्थ से गायब हो गया।
शिकायत के बाद सामान बरामद करने की कोशिश
अभिषेक को शक था कि बैग होलेनरसिपुर और सकलेशपुर के बीच कहीं गायब हुआ होगा। गायब सामान में करीब ₹80,000 कीमत का लेनोवो लैपटॉप, एक चार्जर, सोने की चेन, एक कलाई घड़ी और पहचान पत्र शामिल थे।
इसके बाद की गई जांच के दौरान टीटीई चंद्र नायक ने ट्रेन नंबर 17302 में सफर कर रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध हालात में देखा। यह बेलगावी-मैसूरु ट्रेन है। उस व्यक्ति को हिरासत में लिया गया और के.आर. नगर स्थित रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यानी आरपीएफ की चौकी को सौंप दिया गया।
पूछताछ के दौरान उस व्यक्ति की पहचान बसवराज के तौर पर हुई। बताया गया कि उसने होलेनरसिपुर और हासन के बीच वाले हिस्से में ट्रेन नंबर 16585 से लैपटॉप बैग चोरी करने की बात कबूल की।
इस जानकारी के मुताबिक, चोरी की शिकायत उसी ट्रेन में हुई थी, जिसमें अभिषेक सफर कर रहे थे। हालांकि, अभिषेक को शुरुआत में शक था कि बैग होलेनरसिपुर और सकलेशपुर के बीच गायब हुआ है। कार्रवाई और उसके बाद की गई जांच के बाद बरामद सामान को सुरक्षित कर लिया गया।
आगे की कार्रवाई के लिए मामला सौंपा गया
इसके बाद बसवराज को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए मैसूरु के.आर. नगर स्थित सरकारी रेलवे पुलिस यानी जीआरपी के सब-इंस्पेक्टर को सौंप दिया गया। एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, जरूरी जांच और पहचान की पुष्टि के बाद बरामद सामान अभिषेक को सौंप दिया गया।
साउथ वेस्टर्न रेलवे ने टीटीई चंद्र नायक की सतर्कता और सूझबूझ की तारीफ की। रेलवे ने कहा कि उनकी निगरानी की वजह से यात्री का सामान बरामद किया जा सका। इस घटना से पता चलता है कि यात्री की शिकायत मिलने के बाद रेलवे कर्मचारी किस तरह कार्रवाई कर सकते हैं और बाद की जांच के दौरान संदिग्ध माने जा रहे व्यक्ति की पहचान कर सकते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से कहा है कि वे ट्रेन से सफर के दौरान सतर्क रहें और अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखें। प्रेस रिलीज में आगे बताया गया कि यात्री सामान के गुम होने, चोरी या सुरक्षा से जुड़ी दूसरी समस्याओं की जानकारी रेल मदद के जरिए 139 पर दे सकते हैं। इसके अलावा, मदद के लिए वे रेलवे कर्मचारियों या आरपीएफ के जवानों से भी संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यात्री का चोरी हुआ सामान कैसे बरामद हुआ?
रेल मदद पर शिकायत के बाद टीटीई चंद्र नायक ने संदिग्ध व्यक्ति को देखा। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप बैग और उसमें रखा कीमती सामान बरामद किया गया।
यात्री अभिषेक का कौन-कौन सा सामान चोरी हुआ था?
अभिषेक का करीब ₹80,000 कीमत का Lenovo लैपटॉप, चार्जर, सोने की चेन, कलाई घड़ी और पहचान पत्र चोरी हुआ था।
संदिग्ध व्यक्ति की पहचान किस रूप में हुई?
पूछताछ में संदिग्ध व्यक्ति की पहचान बसवराज के तौर पर हुई। उसने लैपटॉप बैग चोरी करने की बात कबूल की।
चोरी या सामान गुम होने पर यात्री क्या कर सकते हैं?
यात्री रेल मदद के जरिए 139 पर शिकायत कर सकते हैं। वे रेलवे कर्मचारियों या RPF जवानों से भी मदद ले सकते हैं।
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