ट्रंप ने चीन पर 'बर्थ टूरिज़्म' का आरोप लगाया
ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता पर चीन को बनाया निशाना सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद ट्रंप का 'बर्थ टूरिज़्म' पर फोकस अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा जन्मजात नागरिकता को सीमित करने की कोशिश खारिज करने के बाद,
ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता पर चीन को बनाया निशाना
सुप्रीम कोर्ट में हार के बाद ट्रंप का 'बर्थ टूरिज़्म' पर फोकस
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा जन्मजात नागरिकता को सीमित करने की कोशिश खारिज करने के बाद, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित 'बर्थ टूरिज़्म' स्कीम्स पर ध्यान केंद्रित किया है। इस बार चीन उनकी नई इमिग्रेशन पॉलिसी का मुख्य निशाना बन रहा है। प्रशासन अब उन महिलाओं पर कार्रवाई को प्राथमिकता दे रहा है जो अमेरिका में सिर्फ बच्चे को जन्म देने के लिए आती हैं।
न्याय विभाग ने जांच तेज की
ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तंज भरा संदेश पोस्ट करने के कुछ घंटों बाद, न्याय विभाग ने संघीय अभियोजकों को 'बर्थ टूरिज़्म' स्कीम्स की जांच तेज करने का निर्देश दिया। इन स्कीम्स में कथित तौर पर विदेशी नागरिक, खासकर चीन से, अमेरिका सिर्फ बच्चे को जन्म देने के लिए आते हैं ताकि उनके बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके।
कानूनी कदम उठाने की तैयारी
कुछ दिन बाद, अमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने पुष्टि की कि सांसद इस मुद्दे पर संभावित कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि प्रस्तावित कदमों की पूरी जानकारी अभी साफ नहीं है, लेकिन ये प्रयास प्रशासन की रणनीति में बदलाव को दिखाते हैं, खासकर जब सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता के संवैधानिक संरक्षण को पलटने की कोशिश नाकाम कर दी।
चीन क्यों है बहस के केंद्र में
ट्रंप और उनके सहयोगियों ने इस नई इमिग्रेशन पॉलिसी में चीन को मुख्य मुद्दा बनाया है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि चीन से महिलाओं द्वारा अमेरिका में बच्चों को जन्म देने की संख्या कुल जन्मों का बहुत छोटा हिस्सा है। इसके अलावा, 'बर्थ टूरिज़्म' की वास्तविकता को लेकर कोई संघीय आंकड़े मौजूद नहीं हैं। यह सवाल उठता है कि इस कथित समस्या का पैमाना कितना बड़ा है और प्रशासन की इमिग्रेशन पॉलिसी में इसे इतना महत्व क्यों दिया जा रहा है।
कार्यकारी आदेश से व्यापक कार्रवाई का संकेत
पद पर वापस लौटने के पहले ही दिन, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे उन बच्चों को नागरिकता दस्तावेज देने से इनकार करें जो अमेरिका में पैदा हुए हैं लेकिन उनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर वहां रह रहे थे। यह कदम उनकी इमिग्रेशन पॉलिसी को सख्त बनाने और 14वें संशोधन की लंबे समय से चली आ रही व्याख्या को चुनौती देने की उनकी मंशा को दर्शाता है।
'बर्थ टूरिज़्म' पर फोकस और कानून बनाने की कोशिशें दिखाती हैं कि ट्रंप जन्मजात नागरिकता के संवैधानिक संरक्षण के बावजूद इमिग्रेशन पॉलिसी को बदलने का दृढ़ संकल्प रखते हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ट्रंप ने 'बर्थ टूरिज़्म' पर अचानक ध्यान क्यों दिया?
सुप्रीम कोर्ट ने जन्मजात नागरिकता को सीमित करने की ट्रंप की कोशिश खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और चीन को लक्ष्य करते हुए 'बर्थ टूरिज़्म' पर फोकस किया, जिसमें विदेशी महिलाएं सिर्फ बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए आती हैं।
'बर्थ टूरिज़्म' क्या है?
यह वह प्रक्रिया है जिसमें विदेशी नागरिक, खासकर चीन से, अमेरिका आते हैं सिर्फ इसलिए ताकि उनके बच्चे को जन्म के द्वारा अमेरिकी नागरिकता मिल सके। अमेरिका में जन्म लेने वाला कोई भी बच्चा अमेरिकी नागरिक माना जाता है।
न्याय विभाग ने 'बर्थ टूरिज़्म' के बारे में क्या कदम उठाए?
ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद, न्याय विभाग ने संघीय अभियोजकों को 'बर्थ टूरिज़्म' स्कीम्स की जांच तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने बताया कि सांसद इस मुद्दे पर नए कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं।
क्या 'बर्थ टूरिज़्म' वास्तव में बड़ी समस्या है?
नहीं, उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि चीन से महिलाओं द्वारा अमेरिका में बच्चों को जन्म देना कुल जन्मों का बहुत छोटा हिस्सा है। इसके अलावा, 'बर्थ टूरिज़्म' की वास्तविकता पर कोई संघीय आंकड़े मौजूद नहीं हैं।
ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
पद पर लौटने के पहले दिन ही, ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें अमेरिका में पैदा होने वाले उन बच्चों को नागरिकता दस्तावेज देने से इनकार किया गया जिनके माता-पिता अवैध या अस्थायी वीजा पर रह रहे थे।
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