पश्चिम बंगाल में TMC में बगावत: 50 विधायकों के समर्थन का दावा, स्पीकर से मिल सकते हैं बागी विधायक
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत गहराती दिख रही है। पार्टी से निकाले गए दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने 50 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। दोनों विधायकों ने खुद को असली TMC बताते हुए पार्टी के चुनाव चिह्न की मांग की है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने बुधवार को कोलकाता विधानसभा में दावा किया कि TMC के 80 में से 50 विधायक उनके साथ हैं। दोनों विधायकों ने स्पीकर से मिलने की योजना बनाई है और तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
इनकी पहली मांग है कि उनके गुट को असली TMC के रूप में मान्यता दी जाए। दूसरी, विपक्ष के नेता के तौर पर ऋतब्रत बनर्जी को नियुक्त किया जाए। तीसरी, पार्टी का चुनाव चिह्न उनके गुट को दिया जाए। हालांकि, पार्टी में विभाजन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 54 विधायकों का समर्थन जरूरी है। अगर यह संख्या पूरी नहीं होती, तो स्पीकर नए गुट को मान्यता नहीं देंगे।
TMC में इस बगावत के बाद तीन संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। पहली, बागी गुट बीजेपी में शामिल हो सकता है। दूसरी, पार्टी दो हिस्सों में बंट सकती है, जिसमें चुनाव आयोग और अदालत की भूमिका अहम होगी। तीसरी, बागी गुट नई पार्टी बना सकता है।
पिछले कुछ दिनों से TMC में अंदरूनी कलह के संकेत मिल रहे थे। पार्टी की बैठकों में विधायकों की कम उपस्थिति, इस्तीफों और हिंसा की घटनाओं ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। अब सभी की नजरें स्पीकर के फैसले और इस मामले में आगे होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।
TMC के लिए यह संकट ऐसे समय में आया है जब पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी करनी है। बगावत का यह मामला ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पश्चिम बंगाल में TMC के कितने विधायक बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं?
TMC के 80 में से 50 विधायक बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं।
बागी विधायकों की पहली मांग क्या है?
बागी विधायकों की पहली मांग है कि उनके गुट को असली TMC के रूप में मान्यता दी जाए।
क्या बागी गुट बीजेपी में शामिल हो सकता है?
हाँ, बागी गुट बीजेपी में शामिल हो सकता है।
TMC में बगावत के बाद क्या संभावनाएँ हैं?
TMC में बगावत के बाद तीन संभावनाएँ हैं: बागी गुट बीजेपी में शामिल हो सकता है, पार्टी दो हिस्सों में बंट सकती है, या बागी गुट नई पार्टी बना सकता है।
TMC के लिए यह संकट क्यों महत्वपूर्ण है?
यह संकट TMC के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी करनी है।
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