तीन पंचायत सचिवों पर गौशाला में दस हजार रुपये वसूली का आरोप
संभल में तीन पंचायत सचिवों पर गौशाला में जबरन वसूली का आरोप, डीएम ने गठित की जांच समिति संभल के गुन्नौर ब्लाक में तीन पंचायत सचिवों पर गौशाला से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है।
संभल के गुन्नौर ब्लाक में तीन पंचायत सचिवों पर गौशाला से रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। तीनों ने खुद को नोडल अधिकारी बताते हुए गौशाला का निरीक्षण किया और रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की। जब केयरटेकर ने उनका वीडियो बनाना शुरू किया तो तीनों वहां से निकल गए। मामले की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जांच समिति का गठन कर दिया है।
यह पूरा मामला 12 सितंबर का है। आरोपित सचिवों में महेश और उमेश विकासखंड बनियाखेड़ा में तैनात हैं जबकि कमल सिंह विकासखंड रजपुरा में पदस्थ हैं। दिलचस्प बात यह है कि तीनों का गुन्नौर ब्लाक से कोई संबंध नहीं है और ना ही उन्हें गौशाला की किसी तरह की कोई जिम्मेदारी सौंपी गई है। बावजूद इसके बीते शनिवार को तीनों एक ही कार में सवार होकर गांव कल्हा की गौशाला में पहुंच गए।
गौशाला के केयरटेकर छोटे ने बताया कि तीनों ने खुद को नोडल अधिकारी बताया और गौशाला का निरीक्षण करने की बात कही। जब उन्होंने बिना अनुमति निरीक्षण कराने से मना किया तो तीनों ने उन्हें धमकाया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान का प्रशासक कार्यकाल खत्म होगा ही, साथ ही पंचायत सचिव की भी नौकरी चली जाएगी। इसके बाद केयरटेकर ने ग्राम प्रधान के पति विजयपाल को फोन कर पूरी जानकारी दी।
उनकी अनुमति मिलने के बाद तीनों पंचायत सचिवों ने गौशाला का निरीक्षण किया और जमकर रौब जमाया तथा खिदमत भी करवाई। जब निरीक्षण के बाद रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को कहा गया तो तीनों ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग रख दी। केयरटेकर को संदेह हुआ तो उन्होंने अपने फोन से तीनों सचिवों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख तीनों सचिव गौशाला से निकल गए।
इस घटना की शिकायत ग्राम प्रधान के पति विजयपाल ने उच्चाधिकारियों से की। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि गौशाला में किसी सचिव को नोडल अधिकारी बनाकर नहीं भेजा गया था। उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए समिति का गठन कर दिया है। जांच समिति में उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी, डीपीआरओ गिरीश कुमार और सीवीओ डॉक्टर शैलेंद्र सिंह शामिल हैं। डीएम ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपित सचिवों में से कपिल ने इस प्रकरण में शामिल नहीं होने की बात कही है। वहीं दोनों अन्य सचिवों का फोन बंद आ रहा है। यह पूरा प्रकरण रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट पर आधारित है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल में पंचायत सचिवों पर क्या आरोप लगा है?
संभल के गुन्नौर ब्लॉक में तीन पंचायत सचिवों पर गौशाला से जबरन 10 हजार रुपये वसूली का आरोप लगा है। तीनों ने खुद को नोडल अधिकारी बताया और रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के एवज में रिश्वत मांगी थी।
ये तीनों सचिव कहाँ से तैनात थे?
आरोपित सचिवों में महेश और उमेश विकासखंड बनियाखेड़ा में तैनात हैं, जबकि कमल सिंह विकासखंड रजपुरा में पदस्थ हैं। इन तीनों का गुन्नौर ब्लॉक से कोई संबंध नहीं है और उन्हें गौशाला की कोई जिम्मेदारी भी नहीं दी गई थी।
जिलाधिकारी ने क्या कदम उठाए हैं?
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि गौशाला में किसी सचिव को नोडल अधिकारी नहीं भेजा गया था। उन्होंने जांच समिति का गठन कर दिया है, जिसमें उप कृषि निदेशक, डीपीआरओ और सीवीओ शामिल हैं।
गौशाला के केयरटेकर ने क्या किया?
जब तीनों सचिवों ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, तो केयरटेकर छोटे को संदेह हुआ और उन्होंने अपने फोन से तीनों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो देखकर तीनों सचिव वहां से चले गए।
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