अमेठी के मुसाफिरखाना में ईद मिलादुन्नबी का जश्न, हजारों लोगों का जुलूस
अमेठी के मुसाफिरखाना इलाके में पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया गया।
अमेठी के मुसाफिरखाना इलाके में पैगंबर इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। इस खुशी में बड़े जोश और शान के साथ मोहम्मदी जुलूस निकाला गया जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। जुलूस इसौली रोड स्थित सुन्नी वक्फ जामा मस्जिद से शुरू हुआ और पूरे बस्ती भनौली, मलिक हरगडवा पेट्रोल पंप से होते हुए वापस नगर पंचायत मुसाफिरखाना इसौली रोड के सामने पहुंचा।
जुलूस के समापन पर मौलाना नूरुल हसन नूरी ने पैगंबर मोहम्मद साहब की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए कहा कि उन्होंने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया था। मौलाना नूरी साहब ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाएं आज भी इंसानियत के लिए सबसे बड़ी रहनुमाई हैं। जुलूस में शामिल अंजुमन के बच्चों को सहबान अहमद ने इनाम भी दिए।
इस मौके पर वक्फ जामा मस्जिद के पेशइमाम मौलाना महमूद आलम, पूरे बस्ती के पेशइमाम मौलाना फैजान अहमद, मौलाना बिलाल अहमद मलिक और पूर्व जामा मस्जिद के पेशइमाम मौलाना मोहम्मद उमर ने भी जुलूस को संबोधित किया। सभी धर्मगुरुओं ने मुसलमानों से अपील की कि वे मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर अमल करें और इंसानियत, मोहब्बत के साथ आपसी भाईचारा बनाए रखें।
जुलूस में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सैयद मकसूदुल हसन, उबैद अहमद, सभासद तस्लीम अहमद, नगर पंचायत अध्यक्ष के पूर्व प्रत्याशी फिरोज खान, इसरार अहमद, गुलफाम अहमद, मोजिस अब्बास, सभासद खलील अहमद, चांद बाबू अंसारी, शाहिद मुस्तफा, फुरकान अंसारी और अकील हैदर भनौली समेत हजारों लोग शामिल हुए। पूरे इलाके में शांति और भाईचारे का माहौल रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेठी में ईद मिलादुन्नबी का जश्न कहां मनाया गया?
अमेठी के मुसाफिरखाना इलाके में ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। जुलूस इसौली रोड स्थित सुन्नी वक्फ जामा मस्जिद से शुरू हुआ और बस्ती भनौली, मलिक हरगडवा पेट्रोल पंप से होते हुए नगर पंचायत मुसाफिरखाना के सामने खत्म हुआ।
इस जुलूस में कितने लोगों ने हिस्सा लिया?
मोहम्मदी जुलूस में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें धर्मगुरु, समाजवादी पार्टी के नेता, सभासद और आम जनता शामिल थी।
मौलाना नूरुल हसन नूरी ने जुलूस में क्या कहा?
मौलाना नूरुल हसन नूरी ने पैगंबर मोहम्मद साहब की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए कहा कि उन्होंने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया था। उन्होंने कहा कि पैगंबर की शिक्षाएं आज भी इंसानियत के लिए सबसे बड़ी रहनुमाई हैं।
धर्मगुरुओं ने लोगों से क्या अपील की?
सभी धर्मगुरुओं ने मुसलमानों से अपील की कि वे पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर अमल करें और इंसानियत, मोहब्बत के साथ आपसी भाईचारा बनाए रखें।
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