तेलंगाना DGP ने साइबर क्राइम से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी पर जोर दिया
साइबर क्राइम से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी पर जोर, तेलंगाना DGP सी.वी. आनंद का बयान साइबर क्राइम से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी पर फोकस तेलंगाना के डीजीपी सी.वी.
साइबर क्राइम से निपटने के लिए टेक्नोलॉजी पर फोकस
तेलंगाना के डीजीपी सी.वी. आनंद ने राज्य में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को और तेज़ करने की बात कही है। शुक्रवार को सभी पुलिस यूनिट्स के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि तेलंगाना पुलिस को केंद्र सरकार के साइबर सिक्योरिटी मानकों पर अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करनी होगी।
साइबर फ्रॉड बढ़ने पर केंद्र सरकार की चिंता
मीटिंग के दौरान डीजीपी आनंद ने बताया कि केंद्र सरकार साइबर फ्रॉड, खासकर "डिजिटल अरेस्ट" जैसे स्कैम्स को लेकर चिंतित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के PRAGATI प्लेटफॉर्म से गवर्नेंस प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखी जाती है। ऐसे में टेक्नोलॉजी में आगे रहना बेहद जरूरी है ताकि इन चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
तेलंगाना की साइबर सिक्योरिटी रैंकिंग
गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) साइबर सिक्योरिटी तैयारियों पर राज्यों को 9 प्रमुख बिंदुओं पर रेट करता है। तेलंगाना की मौजूदा रैंकिंग में सुधार की जरूरत है। राज्य ई-जीरो एफआईआर लागू करने में 13वें, मनी रेस्टोरेशन में 18वें (46.6% रिकवरी रेट), शिकायत निवारण प्रणाली (GRM) में चौथे और क्षमता निर्माण में आठवें स्थान पर है। लेकिन अन्य क्षेत्रों में, जैसे सहयोग पोर्टल और सोशल मीडिया परफॉर्मेंस में 16वें और साइबर सिक्योरिटी पैरामीटर्स में 15वें स्थान पर है।
साइबर सिक्योरिटी मजबूत करने की अपील
डीजीपी आनंद ने अधिकारियों को सभी मानकों पर तेलंगाना की परफॉर्मेंस सुधारने और राष्ट्रीय रैंकिंग में ऊपर आने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम से निपटने और जनता की सुरक्षा के लिए टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
सीनियर अधिकारियों ने लिया हिस्सा
इस रिव्यू मीटिंग में तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की डायरेक्टर शिखा गोयल, टी-स्पार्क एसपी रुपेश, साइबर सिक्योरिटी एसपी साई श्री और राज्य के अलग-अलग यूनिट्स के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
साइबर क्राइम के बढ़ते खतरे के बीच टेक्नोलॉजी-ड्रिवन पुलिसिंग पर यह नया फोकस तेलंगाना को प्रगतिशील गवर्नेंस और मजबूत साइबर सिक्योरिटी उपायों के लिए एक मिसाल बनाने की कोशिश है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेलंगाना DGP ने साइबर क्राइम से निपटने के लिए क्या सुझाव दिया है?
तेलंगाना के डीजीपी सी.वी. आनंद ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को और तेज़ करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना पुलिस को केंद्र सरकार के साइबर सिक्योरिटी मानकों पर अपनी परफॉर्मेंस बेहतर करनी होगी।
केंद्र सरकार किस तरह के साइबर फ्रॉड को लेकर चिंतित है?
केंद्र सरकार साइबर फ्रॉड, खासकर 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे स्कैम्स को लेकर चिंतित है। प्रधानमंत्री के PRAGATI प्लेटफॉर्म से गवर्नेंस प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर नजर रखी जाती है।
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी में किन क्षेत्रों में सबसे कमजोर है?
तेलंगाना मनी रेस्टोरेशन में 18वें स्थान पर है (46.6% रिकवरी रेट), सहयोग पोर्टल और सोशल मीडिया परफॉर्मेंस में 16वें और साइबर सिक्योरिटी पैरामीटर्स में 15वें स्थान पर है।
I4C क्या करता है और यह किन मानकों पर राज्यों को रेट करता है?
गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) साइबर सिक्योरिटी तैयारियों पर राज्यों को 9 प्रमुख बिंदुओं पर रेट करता है।
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