तेलंगाना में गिग वर्कर्स की हड़ताल टली, सरकार से हुई बातचीत
तेलंगाना में कैब ड्राइवर और गिग वर्कर्स की हड़ताल टली, सरकार से बातचीत के बाद फैसला तेलंगाना में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की प्रस्तावित हड़ताल, जो 8 अगस्त से शुरू होने वाली थी, सरकार और वर्कर्स
तेलंगाना में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की प्रस्तावित हड़ताल, जो 8 अगस्त से शुरू होने वाली थी, सरकार और वर्कर्स यूनियनों के बीच हुई बातचीत के बाद टाल दी गई है। शुक्रवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता तेलंगाना के श्रम मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी ने की। बैठक में वर्कर्स की भलाई, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लंबित मांगों पर चर्चा हुई।
गिग वर्कर्स के अधिकारों पर सरकार का भरोसा
बैठक के दौरान मंत्री वेंकटस्वामी ने गिग वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि तेलंगाना गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट को लागू करने के लिए गाइडलाइन्स तैयार की जा रही हैं, जो जल्द ही अधिसूचित की जाएंगी।
मंत्री ने यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर सहानुभूति के साथ विचार किया जाएगा और उनसे धैर्य रखने की अपील की, क्योंकि वेलफेयर एक्ट का ढांचा अंतिम रूप ले रहा है।
क्यों है ये अहम?
यह सफलता ऐसे समय में आई है जब पूरे भारत में गिग वर्कर्स प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार पर बढ़ती निर्भरता के बीच मजबूत सुरक्षा और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। तेलंगाना का वर्कर्स यूनियनों के साथ सक्रिय संवाद अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है, जो इसी तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेलंगाना में गिग वर्कर्स की हड़ताल क्यों टाली गई?
सरकार और वर्कर्स यूनियनों के बीच बातचीत के बाद हड़ताल टाली गई। श्रम मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्कर्स की भलाई, सामाजिक सुरक्षा और अन्य मांगों पर चर्चा हुई।
हड़ताल कब से शुरू होने वाली थी?
यह हड़ताल 8 अगस्त से शुरू होने वाली थी, लेकिन सरकार से बातचीत के बाद इसे टाल दिया गया।
तेलंगाना गिग वर्कर्स वेलफेयर एक्ट पर क्या कहा गया?
सरकार इस एक्ट को लागू करने के लिए गाइडलाइन्स तैयार कर रही है, जो जल्द ही अधिसूचित की जाएंगी। मंत्री ने वर्कर्स से धैर्य रखने की अपील की क्योंकि वेलफेयर एक्ट का ढांचा अभी अंतिम रूप ले रहा है।
इस समझौते का मतलब क्या है?
यह दिखाता है कि तेलंगाना सरकार गिग वर्कर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह सफलता अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकती है जहां गिग वर्कर्स को समान समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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