तेलंगाना ने 20 महीनों में 150 GCCs से बनाए 1.5 लाख जॉब्स
तेलंगाना ने 20 महीने में 150 GCCs को किया आकर्षित, 1.5 लाख से ज्यादा टेक जॉब्स बनाए तेलंगाना ने पिछले 20 महीनों में करीब 150 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को अपनी ओर आकर्षित किया है, जिससे 1.5 लाख
तेलंगाना ने पिछले 20 महीनों में करीब 150 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को अपनी ओर आकर्षित किया है, जिससे 1.5 लाख से ज्यादा हाई-वैल्यू टेक्नोलॉजी जॉब्स बने हैं। ये जानकारी IT और इंडस्ट्रीज मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने दी। गुरुवार को हैदराबाद में JLL बिजनेस सर्विसेज (JBS) के नए 1.20 लाख स्क्वायर फीट GCC के उद्घाटन पर मंत्री ने कहा कि राज्य का फोकस AI और ऑटोमेशन जैसी टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों के बीच भविष्य के रोजगार को सुरक्षित करने पर है।
हैदराबाद: GCC इन्वेस्टमेंट्स का बड़ा सेंटर
हैदराबाद GCCs का बड़ा हब बनकर उभरा है। 2024 से 2026 के बीच भारत में GCC लीजिंग एक्टिविटी का 16% हिस्सा सिर्फ हैदराबाद से आया। इसी दौरान हैदराबाद में GCCs ने ऑफिस लीजिंग एक्टिविटी में 42% का योगदान दिया, जो शहर को ग्लोबल टेक्नोलॉजी और बिजनेस ऑपरेशन्स के लिए अहम बना रहा है।
ग्लोबल रियल एस्टेट कंपनी JLL के इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स प्लेटफॉर्म JLL बिजनेस सर्विसेज ने गुरुग्राम के बाद अपना दूसरा भारतीय हब हैदराबाद में चुना। ये नया सेंटर अगले दो साल में 1,600 कर्मचारियों तक बढ़ने की उम्मीद है। JBS के चीफ शेयर्ड सर्विस सेंटर ऑफिसर मैथ्यू रीज़ ने इसे "स्ट्रैटेजिक और डेलिबरेट" फैसला बताया। उन्होंने हैदराबाद के टैलेंट पूल, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI-इनेबल्ड वर्कफ्लो को मुख्य वजह बताया।
सेक्टर-वाइज GCC ग्रोथ
हैदराबाद में GCCs की ग्रोथ कई सेक्टर्स में फैली हुई है। फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कंपनियां 34.5% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद टेक्नोलॉजी फर्म्स 23.2%, हेल्थकेयर और बायोटेक कंपनियां 17%, और इंजीनियरिंग R&D ऑपरेशन्स 12.1% हिस्सेदारी के साथ हैं। ये डाइवर्सिफिकेशन हैदराबाद को IT हब से ग्लोबल इनोवेशन और बिजनेस डेस्टिनेशन में बदलने का संकेत देता है।
ग्रोथ के पीछे रणनीतिक फायदे
JLL ने बताया कि हेल्थकेयर-बायोटेक और सेमीकंडक्टर GCCs के लिए भारत में हैदराबाद की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे प्रोग्रेसिव सरकारी नीतियां, बिजनेस-फ्रेंडली इकोसिस्टम और मजबूत रियल एस्टेट डेवलपमेंट पाइपलाइन हैं। इन वजहों से शहर हाई-वैल्यू और इनोवेशन-ड्रिवन ऑपरेशन्स की डिमांड को पूरा करने में सक्षम हुआ है।
मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना की GCC रणनीति सिर्फ इन्वेस्टमेंट्स लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि "भविष्य के रोजगार" बनाने पर भी केंद्रित है। जैसे-जैसे कंपनियां अपने IT ऑपरेशन्स को री-स्ट्रक्चर और कंसॉलिडेट कर रही हैं, हैदराबाद खुद को एक इनोवेशन-लेड और मजबूत इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित कर रहा है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेलंगाना ने पिछले 20 महीनों में कितने GCCs को आकर्षित किया है?
तेलंगाना ने पिछले 20 महीनों में करीब 150 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को आकर्षित किया है, जिससे 1.5 लाख से ज्यादा हाई-वैल्यू टेक्नोलॉजी जॉब्स बने हैं।
हैदराबाद में कौन-कौन सी कंपनियां GCCs सेटअप कर रही हैं?
हैदराबाद में फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस कंपनियां सबसे आगे हैं (34.5% हिस्सेदारी)। इसके बाद टेक्नोलॉजी फर्म्स (23.2%), हेल्थकेयर और बायोटेक कंपनियां (17%), और इंजीनियरिंग R&D ऑपरेशन्स (12.1%) हैं।
JLL बिजनेस सर्विसेज ने हैदराबाद में क्या सेटअप किया है?
JLL ने हैदराबाद में अपना दूसरा भारतीय हब स्थापित किया है जो 1.20 लाख स्क्वायर फीट का है। यह सेंटर आने वाले दो साल में 1,600 कर्मचारियों तक बढ़ने की उम्मीद है।
2024 से 2026 के बीच भारत की GCC लीजिंग एक्टिविटी का कितना हिस्सा हैदराबाद से आया?
2024 से 2026 के बीच भारत में GCC लीजिंग एक्टिविटी का 16% हिस्सा सिर्फ हैदराबाद से आया। साथ ही हैदराबाद में GCCs ने ऑफिस लीजिंग एक्टिविटी में 42% का योगदान दिया।
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