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तेलंगाना में पॉलिमर इंडस्ट्री के लिए नए अवसर, सरकार का समर्थन

उद्योगों की तरक्की के लिए माहौल बनाने को प्रतिबद्ध: श्रीधर बाबू तेलंगाना में पॉलिमर इंडस्ट्री के लिए बड़े मौके, सरकार देगी पूरा सपोर्ट तेलंगाना के इंडस्ट्रीज और आईटी मंत्री डी.

तेलंगाना में पॉलिमर इंडस्ट्री के लिए नए अवसर, सरकार का समर्थन
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उद्योगों की तरक्की के लिए माहौल बनाने को प्रतिबद्ध: श्रीधर बाबू

तेलंगाना में पॉलिमर इंडस्ट्री के लिए बड़े मौके, सरकार देगी पूरा सपोर्ट

तेलंगाना के इंडस्ट्रीज और आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने राज्य को प्लास्टिक और पॉलिमर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की है। उन्होंने यह बात प्लास्टिक एक्सपो HIPLEX 2026 के उद्घाटन के दौरान कही। मंत्री ने कहा कि यह सेक्टर तेलंगाना के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस और फार्मा सेक्टर जैसी सफलता दोहरा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया, "हम हमेशा सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार हैं। हम ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां उद्योग विश्वास के साथ तरक्की कर सके।"

पॉलिमर सेक्टर का आर्थिक महत्व

मंत्री ने भारत की अर्थव्यवस्था में प्लास्टिक और पॉलिमर इंडस्ट्री की अहमियत को "साइलेंट इंजन" बताते हुए इसकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह सेक्टर देशभर में करीब 50 लाख लोगों को सीधा रोजगार और एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। सिर्फ तेलंगाना में ही करीब दो लाख परिवार इस सेक्टर पर निर्भर हैं।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हर साल करीब 13 लाख टन पॉलिमर की खपत होती है। यह आंकड़ा 2030 तक 20 लाख टन से ज्यादा हो सकता है। बढ़ती मांग को देखते हुए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सपोर्ट की जरूरत है।

मौके और सरकारी मदद

श्रीधर बाबू ने प्लास्टिक प्रोसेसिंग, पॉलिमर कंपाउंडिंग, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, रीसाइक्लिंग, बायो-बेस्ड पॉलिमर और ईवी कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में उभरते मौकों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना बिजनेस-फ्रेंडली माहौल, भरोसेमंद पावर सप्लाई, स्किल्ड वर्कफोर्स और प्रोग्रेसिव इंडस्ट्रियल पॉलिसी देता है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार मानती है कि उद्योग और सरकार विकास में साझेदार हैं।" उन्होंने इंडस्ट्री एसोसिएशनों से नीति सुधारों के लिए विस्तृत सुझाव देने की अपील की।

इंडस्ट्री की मांग: डेडिकेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर

ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनिल रेड्डी वेन्नम ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकारों से वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक डेडिकेटेड प्लास्टिक्स पार्क बनाने की मांग की। उन्होंने 250 एकड़ का एक रीसाइक्लिंग क्लस्टर और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) स्थापित करने की भी अपील की, ताकि टिकाऊ प्रैक्टिस को बढ़ावा दिया जा सके। वॉटर मैनेजमेंट, पैकेजिंग और मेडिकल प्लास्टिक्स में निवेश को भी सेक्टर की तरक्की के लिए जरूरी बताया गया।

HIPLEX 2026: इनोवेशन का मंच

तेलंगाना और आंध्र प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (TAAPMA) द्वारा आयोजित चार दिवसीय HIPLEX 2026 एग्जीबिशन में 550 से ज्यादा एग्जीबिटर्स प्लास्टिक और पॉलिमर इंडस्ट्री की नई तकनीकों को प्रदर्शित कर रहे हैं। यह इवेंट इनोवेशन और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है।

क्यों है यह अहम

तेलंगाना का पॉलिमर इंडस्ट्री को बढ़ावा देने का कदम उसके औद्योगिक आधार को विविध बनाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। अपनी मौजूदा ताकत, इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी, का फायदा उठाकर राज्य निवेश आकर्षित करना, रोजगार पैदा करना और इस तेजी से बढ़ते सेक्टर में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना चाहता है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना पॉलिमर इंडस्ट्री को क्यों बढ़ावा दे रहा है?

तेलंगाना सरकार पॉलिमर इंडस्ट्री को इसलिए बढ़ावा दे रही है क्योंकि इसमें बड़ी आर्थिक संभावना है। यह सेक्टर देशभर में 50 लाख लोगों को सीधा और एक करोड़ से ज्यादा लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। तेलंगाना में अकेले दो लाख परिवार इस पर निर्भर हैं। मंत्री ने कहा कि यह सेक्टर IT, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसी सफलता दोहरा सकता है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पॉलिमर की मांग कितनी है?

इस समय तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हर साल करीब 13 लाख टन पॉलिमर की खपत होती है। यह मांग 2030 तक 20 लाख टन से ज्यादा हो सकती है। इसी वजह से मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नीतिगत समर्थन की जरूरत है।

पॉलिमर इंडस्ट्री में कौन से नए अवसर हैं?

मंत्री श्रीधर बाबू ने प्लास्टिक प्रोसेसिंग, पॉलिमर कंपाउंडिंग, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, रीसाइक्लिंग, बायो-बेस्ड पॉलिमर और ईवी कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में उभरते मौके बताए हैं। इन सभी क्षेत्रों में निवेश की गुंजाइश है।

HIPLEX 2026 क्या है?

HIPLEX 2026 एक चार दिवसीय एग्जीबिशन है जिसे TAAPMA द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें 550 से ज्यादा एग्जीबिटर्स पॉलिमर और प्लास्टिक इंडस्ट्री की नई तकनीकें प्रदर्शित कर रहे हैं। यह इवेंट इनोवेशन और व्यावसायिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है।

इंडस्ट्री एसोसिएशन सरकार से क्या मांग कर रहे हैं?

AIPMA ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकारों से एक डेडिकेटेड प्लास्टिक्स पार्क, 250 एकड़ का रीसाइक्लिंग क्लस्टर और कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) बनाने की मांग की है। साथ ही वॉटर मैनेजमेंट, पैकेजिंग और मेडिकल प्लास्टिक्स में निवेश को भी बढ़ावा देने के लिए कहा है।

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