कैमरे के शौक ने मलप्पुरम के नौशाद की जिंदगी बदल दी
कैमरे का गिफ्ट जिसने जिंदगी बदल दी 1996 में, मलप्पुरम के ए.पी. नौशाद को उनके पिता कुन्हु मुहम्मद ने एक गिफ्ट दिया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उनके पिता उस वक्त गल्फ में काम कर रहे थे।
कैमरे का गिफ्ट जिसने जिंदगी बदल दी
1996 में, मलप्पुरम के ए.पी. नौशाद को उनके पिता कुन्हु मुहम्मद ने एक गिफ्ट दिया, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। उनके पिता उस वक्त गल्फ में काम कर रहे थे। यह गिफ्ट था याशिका DX एनालॉग कैमरा। शुरुआत में नौशाद ने इस कैमरे का इस्तेमाल अपने गांव की रोजमर्रा की जिंदगी के पल कैद करने के लिए किया। उनके क्लासमेट्स उन्हें देखकर जलते थे। लेकिन धीरे-धीरे यह शौक कैमरों के प्रति गहरी दिलचस्पी में बदल गया।
आज नौशाद के इस जुनून ने उन्हें 25 देशों से 800 से ज्यादा कैमरों का मालिक बना दिया है। उनकी कलेक्शन में पुराने बॉक्स और बेलोज़ कैमरे, पोलारॉइड्स, अंडरवाटर इक्विपमेंट, वीडियो रिकॉर्डर्स और दुर्लभ मिलिट्री व स्पाई कैमरे शामिल हैं। ये सारे कैमरे मलप्पुरम के कन्नमंगलम के थोट्टसेरियारा में उनके प्राइवेट ‘न्यूज़ियम’ में रखे गए हैं।
43 साल के नौशाद, जो कोझिकोड में असिस्टेंट इंफॉर्मेशन ऑफिसर हैं, बताते हैं कि उनके पास मौजूद ज्यादातर कैमरे पर्सनल कलेक्शन से आए हैं। उन्होंने कहा, "ये कैमरे अक्सर पैरेंट्स या ग्रैंडपैरेंट्स ने इकट्ठा किए होते हैं, लेकिन अगली पीढ़ी उनकी ऐतिहासिक अहमियत को समझ नहीं पाती। जब ऐसे कैमरे बेचे जाते हैं, तो मैं उन्हें खरीदकर संभालने की कोशिश करता हूं।"
उनकी कलेक्शन में सबसे खास है ग्राफलेक्स स्पीड ग्राफिक प्रेस कैमरा, जो 1940 के दशक की शुरुआत में बना था। यह उनके पास मौजूद सबसे पुराना कैमरा है। इसके अलावा, उनके पास वगीश्वरी फील्ड कैमरा भी है, जो भारत का पहला ऐसा मॉडल था और अलप्पुझा में बना था। इस कैमरे को हासिल करने के लिए नौशाद ने सालों तक मेहनत की और आखिरकार इसे कोट्टायम के एक कलेक्टर से खरीदा। उनकी सबसे महंगी खरीद एक लकड़ी का बेलोज़ कैमरा है, जिसे उन्होंने मंगलुरु के एक परिवार से ₹60,000 में खरीदा।
कैमरों के अलावा नौशाद के पास 1700 के दशक के अंत में छपे अखबार, 200 से ज्यादा रेडियो, पेजर और मोबाइल फोन भी हैं। उनकी कलेक्शन में सबसे दुर्लभ चीज़ों में से एक है द लंदन क्रॉनिकल का 1764 का एडिशन। उन्होंने अपने कलेक्शन को करीब 20 स्कूल और कॉलेज की एग्ज़िबिशन में दिखाया है। अब वह अपने घर के पास एक म्यूज़ियम बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं, ताकि लोग उनकी कलेक्शन को देख सकें।
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