तस्मैक की ऑनलाइन बिक्री शुरू, तकनीकी दिक्कतों से ग्राहक परेशान
तस्मैक ने शुरू की ऑनलाइन बुकिंग, लेकिन दुकानों पर तकनीकी दिक्कतें और लंबी लाइनें तस्मैक ऑनलाइन बिक्री की शुरुआत में तकनीकी समस्याएं और ग्राहकों की शिकायतें तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन
तस्मैक ने शुरू की ऑनलाइन बुकिंग, लेकिन दुकानों पर तकनीकी दिक्कतें और लंबी लाइनें
तस्मैक ऑनलाइन बिक्री की शुरुआत में तकनीकी समस्याएं और ग्राहकों की शिकायतें
तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (तस्मैक) ने शुक्रवार को अपनी ऑनलाइन शराब बिक्री प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। पहले दिन करीब 700 बुकिंग हुईं और लगभग ₹7 लाख की बिक्री दर्ज की गई। लेकिन इस शुरुआत में तकनीकी दिक्कतें और लॉजिस्टिक चुनौतियां सामने आईं, जिससे रिटेल आउटलेट्स पर परेशानी हुई।
तकनीकी दिक्कतों से काउंटर सेल्स प्रभावित
तस्मैक दुकानों के सेल्समैन ने बताया कि मशीनें बार-बार फ्रीज हो रही थीं, जिससे ऑनलाइन ऑर्डर प्रोसेसिंग और सामान्य काउंटर सेल्स में देरी हुई। एक सेल्समैन ने सुझाव दिया, "स्थिति संभालना बहुत मुश्किल था। हर दुकान पर ऑनलाइन ऑर्डर संभालने के लिए अलग व्यक्ति होना चाहिए, जैसे रेस्टोरेंट्स में फूड डिलीवरी के लिए अलग स्टाफ होता है।"
ग्राहकों को भी देरी का सामना करना पड़ा। एस. सूरज, जिन्होंने ऑनलाइन शराब बुक की थी, ने कहा कि प्रक्रिया काफी मुश्किल थी। "मैंने एक ब्रांड बुक किया और पेमेंट किया, लेकिन बुकिंग में बहुत समय लगा। मैं सीधे काउंटर पर जाकर बोतलें ले सकता था, वह ज्यादा जल्दी होता," उन्होंने कहा।
टूटी बोतलें और ग्राहकों की चिंताएं
कुछ ग्राहकों ने खराब सामान मिलने की शिकायत की। एक मामले में, एक ग्राहक को पिकअप के समय टूटी हुई बोतल मिली। दुकान के स्टाफ के मुताबिक, जिस बॉक्स में बोतल थी, उसे करीब छह महीने से नहीं खोला गया था और नुकसान पर ध्यान नहीं दिया गया।
उम्र सत्यापन और अलग स्टाफ की मांग
ग्राहकों ने उम्र सत्यापन की मजबूत व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए। वेबसाइट पर यूजर्स को 21 साल से ज्यादा उम्र का कंफर्म करना और लोकेशन एक्सेस देना पड़ता है, लेकिन कुछ ने सुझाव दिया कि ऑनलाइन आईडी प्रूफ अपलोड करना और पिकअप के समय वही आईडी दिखाना बेहतर होगा।
इसके अलावा, ऑनलाइन ऑर्डर संभालने के लिए अलग स्टाफ की कमी को बड़ी समस्या बताया गया। नियमित काउंटर पर लंबी लाइनें लग गईं क्योंकि सेल्समैन ऑनलाइन और ऑफलाइन ग्राहकों को संभालने में संघर्ष कर रहे थे।
प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है
तस्मैक पोर्टल यूजर्स को दुकान लोकेट करने, स्टॉक चेक करने और ऑर्डर प्लेस करने की सुविधा देता है। इसमें प्रोडक्ट चुनने, पर्सनल डिटेल्स डालने और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी से पहचान सत्यापित करने की प्रक्रिया शामिल है। फिलहाल पेमेंट केवल यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए हो रहा है।
पोर्टल में शिकायत सेक्शन भी है, जहां ग्राहक एमआरपी उल्लंघन, प्रोडक्ट क्वालिटी, स्टाफ के व्यवहार, दुकान की स्थिति और स्टॉक की कमी जैसी समस्याओं की रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके साथ फोटो सबूत भी अपलोड किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत
तस्मैक, तमिलनाडु सरकार के लिए एक बड़ा राजस्व स्रोत है, जो अपने रिटेल नेटवर्क के जरिए रोजाना करीब ₹150 करोड़ कमाता है। ऑनलाइन बिक्री की पहल इसका संचालन आधुनिक बनाने और ग्राहक सुविधा बढ़ाने के लिए है, लेकिन शुरुआती दिक्कतें दिखाती हैं कि इसे बेहतर तरीके से लागू करने की जरूरत है।
ऑनलाइन बिक्री के पहले दिन मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया यह बताती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रांजिशन करते समय ऑफलाइन ऑपरेशन को सुचारू बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण है।
स्रोत: The Hindu
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