सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक की पांच साल की एफडी पर 8.25% ब्याज
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक की पांच साल की एफडी पर 8.25% ब्याज एसबीआई एफडी रेट्स: स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहा 8.25% रिटर्न, जानिए एसबीआई और एचडीएफसी कहां खड़े हैं उपलब्ध ब्याज दरों की तुलना के मुताबिक,
एसबीआई एफडी रेट्स: स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहा 8.25% रिटर्न, जानिए एसबीआई और एचडीएफसी कहां खड़े हैं
उपलब्ध ब्याज दरों की तुलना के मुताबिक, एक स्मॉल फाइनेंस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.25% तक ब्याज दे रहा है। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 444 दिन की एफडी पर 6.45% ब्याज दे रहा है।
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पांच साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.25% ब्याज दे रहा है।
इस तुलना में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, एसबीएम बैंक इंडिया, डीसीबी बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज दरें भी दी गई हैं।
आंकड़ों से पता चलता है कि इस तुलना में सबसे ज्यादा ब्याज दर किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक की है, न कि एसबीआई या एचडीएफसी बैंक की।
फिक्स्ड डिपॉजिट पर क्यों विचार किया जा रहा है
रिपोर्ट में कहा गया है कि शेयर मार्केट इस समय मुश्किल हालात से गुजर रहा है। वहीं, गोल्ड मार्केट में भी उतार-चढ़ाव देखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते सोने की कीमत 150000 रुपये से नीचे गिर गई थी।
ऐसे माहौल में रिपोर्ट यह सवाल उठाती है कि निवेशकों को अपना पैसा कहां लगाना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे हालात में फिक्स्ड डिपॉजिट एक विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसमें तय रिटर्न मिलता है।
दी गई सामग्री में फिक्स्ड डिपॉजिट को सुरक्षित और लोकप्रिय निवेश विकल्प बताया गया है।
सामग्री में कहा गया है कि फिक्स्ड डिपॉजिट को सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें लगाया गया पैसा मार्केट के जोखिम से जुड़ा नहीं होता।
जिन लोगों के पास ₹1 लाख उपलब्ध हैं, उनके लिए यह समझना जरूरी हो जाता है कि 10 साल में यह जमा रकम कितनी बढ़ सकती है।
सोर्स में बताया गया है कि आखिर में मिलने वाली रकम ब्याज दर और डिपॉजिट में ब्याज जुड़ने के तरीके पर निर्भर करती है।
इसमें यह भी कहा गया है कि डिपॉजिटर बैंक की ओर से दी जा रही ब्याज दर के आधार पर बैंक चुन सकते हैं।
एसबीआई की दी गई ब्याज दर
तुलना के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 444 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.45% ब्याज दे रहा है।
यह ब्याज दर 444 दिन की एक खास अवधि के लिए दी गई है। इसलिए इसे बाकी सभी ब्याज दरों के साथ जुड़ी उनकी-अपनी अवधि को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए।
इस तुलना में एसबीआई की 6.45% दर को पांच साल की दर नहीं बताया गया है। इसमें इसकी अवधि 444 दिन दी गई है।
यह फर्क इसलिए जरूरी है, क्योंकि बैंक में पैसा कितने समय के लिए रखा जाता है, उसके हिसाब से फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें अलग होती हैं।
इसी तुलना में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 555 दिन की एफडी पर 6.55% तक ब्याज दे रहा है।
बैंक ऑफ बड़ौदा 555 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.75% ब्याज दे रहा है।
पंजाब एंड सिंध बैंक 666 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.85% ब्याज दे रहा है।
बैंक ऑफ इंडिया 999 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.85% ब्याज दे रहा है।
इन ब्याज दरों की तुलना केवल प्रतिशत देखकर नहीं की जा सकती, क्योंकि इनके साथ जुड़ी डिपॉजिट की अवधि अलग-अलग है।
इसलिए एसबीआई पर विचार करने वाले डिपॉजिटर को तुलना में दी गई 6.45% ब्याज दर के साथ 444 दिन की अवधि को भी देखना होगा।
एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक कहां खड़े हैं
एचडीएफसी बैंक तीन साल और एक दिन से शुरू होकर चार साल और सात महीने से पहले खत्म होने वाली अवधि की डिपॉजिट पर 6.50% ब्याज दे रहा है।
आईसीआईसीआई बैंक तीन साल और एक दिन से शुरू होकर 10 साल तक की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.50% ब्याज दे रहा है।
एक्सिस बैंक भी अधिकतम 6.50% ब्याज दे रहा है। तुलना में यह दर तीन साल की एफडी के लिए दी गई है।
इस तुलना में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक की दी गई ब्याज दरें एसबीआई की दिखाई गई दर से ज्यादा हैं। हालांकि, इनकी डिपॉजिट की अवधि एक जैसी नहीं है।
इस तुलना में एसबीआई को 444 दिन के लिए 6.45% पर रखा गया है। वहीं, तीनों प्राइवेट सेक्टर बैंकों को अपनी-अपनी अवधि के लिए 6.50% पर दिखाया गया है।
इन ब्याज दरों के बीच के छोटे अंतर को डिपॉजिट की अवधि के साथ देखकर समझना चाहिए, क्योंकि सोर्स में हर ऑफर के लिए अलग अवधि दी गई है।
आंकड़ों में सभी बैंकों के लिए एक जैसी अवधि नहीं दी गई है। इसलिए यह तुलना ब्याज दरों की है, न कि सभी बैंकों की एक जैसी अवधि के आधार पर मैच्योरिटी रकम की सीधी तुलना।
स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा ब्याज दर
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पांच साल की एफडी पर 8.25% ब्याज दे रहा है। यह इस तुलना में दी गई सबसे ज्यादा ब्याज दर है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 666 दिन की एफडी पर 8.10% ब्याज दे रहा है।
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक तीन साल और एक दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8% ब्याज दे रहा है।
ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 800 दिन की एफडी पर 8% ब्याज दे रहा है।
तुलना में दिए गए 8% के दोनों ऑफर अलग-अलग अवधि से जुड़े हैं। इक्विटास के लिए अवधि तीन साल और एक दिन है, जबकि ईएसएएफ के लिए अवधि 800 दिन है।
एसबीएम बैंक इंडिया 18 महीने से ज्यादा और दो साल से कम अवधि की डिपॉजिट पर 7.65% ब्याज दे रहा है।
डीसीबी बैंक 24 महीने से लेकर 25 महीने से कम अवधि की डिपॉजिट पर 7.50% ब्याज दे रहा है।
इन स्मॉल फाइनेंस बैंकों के लिए दी गई ब्याज दरें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के लिए बताई गई दरों से ज्यादा हैं।
हालांकि, इन सभी की डिपॉजिट अवधि में काफी फर्क है। ये अवधि 666 दिन और 800 दिन से लेकर पांच साल तक है।
इसी वजह से केवल सबसे ज्यादा प्रतिशत देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि मैच्योरिटी पर किस डिपॉजिट से सबसे बड़ी रकम मिलेगी।
आखिर में मिलने वाली रकम जमा की गई मूल रकम, डिपॉजिट की अवधि और ब्याज के खाते में जुड़ने या दोबारा निवेश किए जाने के तरीके पर भी निर्भर करती है।
10 साल में ₹1 लाख कैसे बढ़ सकते हैं
दी गई कैलकुलेशन में 10 साल के लिए जमा की गई ₹1 लाख की रकम पर ध्यान दिया गया है।
इसमें समझाया गया है कि एफडी पर 6%, 7% या 8% ब्याज मिलने पर रकम अलग-अलग तरीके से बढ़ सकती है।
सामग्री में इन ब्याज दरों को लंबे समय में ब्याज के असर को समझाने के उदाहरण के तौर पर पेश किया गया है।
इसमें कहा गया है कि ब्याज दर में छोटा सा अंतर भी लंबे समय में फंड पर बड़ा असर डाल सकता है।
सोर्स में खास तौर पर कहा गया है कि 6% के बजाय 8% ब्याज मिलने पर 10 साल बाद डिपॉजिटर के पास लगभग ₹39,400 ज्यादा रकम हो सकती है।
इस तुलना का मकसद यह दिखाना है कि जब डिपॉजिट लंबे समय तक रखा जाता है, तब ब्याज दर क्यों महत्वपूर्ण हो जाती है।
सोर्स में एफडी खोलने से पहले जांचे जाने वाले इकलौते फैक्टर के तौर पर ब्याज दर को नहीं बताया गया है।
इसमें निवेशकों से यह भी कहा गया है कि वे देखें कि बैंक ब्याज की कैलकुलेशन किस तरह करता है और उसका भुगतान कैसे करता है।
क्यूम्युलेटिव एफडी का मतलब क्या है
क्यूम्युलेटिव एफडी में डिपॉजिट की अवधि के दौरान ब्याज डिपॉजिटर के बैंक अकाउंट में नहीं दिया जाता।
इसके बजाय, ब्याज को मूल रकम में वापस जोड़ दिया जाता है।
अगली बार ब्याज की कैलकुलेशन में डिपॉजिटर को सिर्फ मूल ₹1 लाख पर ही नहीं, बल्कि उसमें पहले से जोड़े गए ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।
सोर्स में इस प्रक्रिया को कंपाउंडिंग बताया गया है।
आसान भाषा में कहें तो ब्याज उस रकम का हिस्सा बन जाता है, जिस पर आगे का ब्याज कैलकुलेट किया जाता है।
इसी वजह से सोर्स में कहा गया है कि एफडी चुनते समय निवेशकों को ब्याज के भुगतान की व्यवस्था को भी देखना चाहिए।
10 साल में 6% और 8% की तुलना लंबे समय में कंपाउंडिंग के इसी असर से जुड़ी है।
इसलिए क्यूम्युलेटिव डिपॉजिट से मिलने वाली मैच्योरिटी रकम उस डिपॉजिट से अलग हो सकती है, जिसमें ब्याज को मूल रकम में जोड़ने के बजाय अलग से दिया जाता है।
दी गई सामग्री में बैंक की तुलना में शामिल हर ब्याज दर और हर अवधि के लिए अलग-अलग मैच्योरिटी रकम नहीं दी गई है।
इसके बजाय, इसमें ₹1 लाख और 10 साल का उदाहरण देकर समझाया गया है कि ब्याज दर और कंपाउंडिंग की प्रक्रिया रकम की बढ़ोतरी पर किस तरह असर डालती है।
डिपॉजिट की सुरक्षा और बैंक का चुनाव
सोर्स में कहा गया है कि एफडी में लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और डिपॉजिट को ₹5 लाख तक का कवर मिलता है।
इसमें यह भी कहा गया है कि मार्केट से जुड़े निवेशों की तरह फिक्स्ड डिपॉजिट में मार्केट का जोखिम नहीं होता।
इसे एक वजह बताया गया है कि बहुत से लोगों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट अब भी पहली पसंद बना हुआ है।
सामग्री में इस प्रोडक्ट को सुरक्षित और लोकप्रिय बताया गया है, खास तौर पर शेयर मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव के संदर्भ में।
साथ ही, तुलना से पता चलता है कि एक बैंक की ओर से दी जाने वाली ब्याज दर दूसरे बैंक की दर से अलग हो सकती है।
डिपॉजिट की अवधि में भी काफी अंतर हो सकता है। तुलना में दिए गए ऑफर 444 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के हैं।
इसलिए एसबीआई की तुलना दूसरे बैंकों से करने वाले निवेशक को ब्याज दर और उसके लिए जरूरी अवधि, दोनों को साथ देखकर समझना होगा।
सोर्स की कैलकुलेशन से यह भी संकेत मिलता है कि जब पैसा लंबे समय तक निवेश में रखा जाता है, तब ब्याज दरों का अंतर ज्यादा मायने रख सकता है।
एक नजर में सभी आंकड़े
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पांच साल के लिए 8.25% पर लिस्टेड है। वहीं, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक 666 दिन के लिए 8.10% पर लिस्टेड है।
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक और ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक दोनों 8% पर लिस्टेड हैं। इनके लिए अलग-अलग अवधि तीन साल और एक दिन तथा 800 दिन है।
एसबीएम बैंक इंडिया 18 महीने से ज्यादा और दो साल से कम अवधि के लिए 7.65% पर लिस्टेड है। वहीं, डीसीबी बैंक 24 महीने से लेकर 25 महीने से कम अवधि के लिए 7.50% पर लिस्टेड है।
एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक, तीनों इस तुलना में दी गई अपनी-अपनी अवधि के लिए 6.50% पर लिस्टेड हैं।
बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक दोनों 6.85% पर लिस्टेड हैं। हालांकि, बैंक ऑफ इंडिया की अवधि 999 दिन है, जबकि पंजाब एंड सिंध बैंक की अवधि 666 दिन है।
बैंक ऑफ बड़ौदा 555 दिन के लिए 6.75% पर लिस्टेड है। वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 555 दिन के लिए 6.55% तक पर लिस्टेड है।
एसबीआई 444 दिन के लिए 6.45% पर लिस्टेड है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस तुलना में दी गई ब्याज दरों का सोर्स Policybazaar.com है।
10 साल के उदाहरण के लिए सोर्स का मुख्य संदेश यह है कि कंपाउंडिंग और लागू ब्याज दरों के बीच का अंतर ₹1 लाख की डिपॉजिट की आखिर में मिलने वाली रकम को काफी बदल सकता है।
इस तुलना में स्मॉल फाइनेंस बैंकों के ऑफर दी गई ब्याज दरों की सबसे ऊंची रेंज में हैं। साथ ही, इसमें एसबीआई और दूसरे बड़े बैंकों की उपलब्ध खास ब्याज दरों और डिपॉजिट की अवधियों को भी दिखाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पांच साल की एफडी पर कितना ब्याज दे रहा है?
सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पांच साल की एफडी पर 8.25% ब्याज दे रहा है।
एसबीआई 444 दिन की एफडी पर कितना ब्याज दे रहा है?
एसबीआई 444 दिन की एफडी पर 6.45% ब्याज दे रहा है।
फिक्स्ड डिपॉजिट को निवेश का विकल्प क्यों माना जा रहा है?
फिक्स्ड डिपॉजिट में तय रिटर्न मिलता है और इसमें जमा पैसा मार्केट के जोखिम से जुड़ा नहीं होता।
एफडी की ब्याज दरों की तुलना करते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
सिर्फ ब्याज प्रतिशत नहीं देखना चाहिए, क्योंकि हर बैंक की एफडी की अवधि अलग-अलग हो सकती है।
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