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Health Press note बिलासपुर

एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह, सीएम सुक्खू ने छात्रों को दी बधाई

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू इस समारोह में शामिल हुए।

एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह, सीएम सुक्खू ने छात्रों को दी बधाई
Image credit: News Darpan Team

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू इस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले स्नातक विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

समारोह में मुख्यमंत्री ने भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मु का हिमाचल प्रदेश में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश न केवल देवभूमि है, बल्कि वीरभूमि भी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश के मंदिरों, लोक परंपराओं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत ने हिमाचल प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दी है।

मुख्यमंत्री ने बिलासपुर के लोगों के योगदान और उनके त्याग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लोगों ने राष्ट्र निर्माण और विकास की कीमत के रूप में विस्थापन का दर्द सहा है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की विकास की परिकल्पना के अनुरूप निर्मित भाखड़ा बांध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बांध केवल विकास और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाखड़ा बांध बिलासपुर के लोगों के त्याग और योगदान को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में स्थानीय लोगों ने जो बलिदान दिया, उसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए। बिलासपुर के लोगों का यह योगदान राष्ट्र निर्माण से जुड़ा हुआ है।

सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के लोगों को राज्य के भीतर ही गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और इनका फायदा प्रदेश के लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में आधुनिक डायग्नॉस्टिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें 3-टेस्ला एमआरआई, पैट स्कैन, उच्च क्षमता वाली एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक जांच और उपचार की सुविधाओं को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें। इन सेवाओं का लाभ दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं का पूरे प्रदेश में लगातार विस्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि जो अत्याधुनिक उपचार पहले मुख्य रूप से महंगे निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थे, अब उन्हें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। उनके अनुसार, इस पहल से विशेष रूप से आम जनता और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को लाभ मिलेगा।

सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने मेडिकल शिक्षा से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहले केवल 277 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (पीजी) मेडिकल सीटें थीं। राज्य सरकार अब इसमें 320 अतिरिक्त पीजी सीटें बढ़ाने के प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से सहयोग का आग्रह भी किया।

उन्होंने कहा कि राज्य में उत्तर भारत का पहला ऐसा कॉलेज भी शुरू किया गया है, जहां पैरामेडिकल और अलाइड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कॉलेज का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन तैयार करना है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एम्स की तर्ज पर एक आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करना और प्रदेश के लोगों को आधुनिक उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, सांसद हर्ष महाजन, विधायक रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल और त्रिलोक जम्वाल उपस्थित थे। इनके अलावा एम्स के अध्यक्ष एन.के. अरोड़ा, कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल दलजीत सिंह, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार तथा अन्य गणमान्य भी समारोह में मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह कब और कहां हुआ?

एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में आयोजित हुआ।

दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने क्या कहा?

उन्होंने डिग्री पाने वाले छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल व सफल भविष्य की कामना की।

हिमाचल प्रदेश में कौन-कौन सी आधुनिक डायग्नॉस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं?

राज्य में 3-टेस्ला एमआरआई, पैट स्कैन, उच्च क्षमता वाली एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।

हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कौन सी नई सुविधा शुरू की गई है?

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है।

राज्य सरकार किन क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है?

राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

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