राष्ट्रपति मुर्मू ने एम्स बिलासपुर के पहले स्नातक बैच को दीं उपाधियां
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के पहले स्नातक बैच को संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में उपाधियां प्रदान कीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के पहले स्नातक बैच को संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में उपाधियां प्रदान कीं। एम्स बिलासपुर में आयोजित यह समारोह संस्थान के विकास और देश में चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उसके योगदान के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्नातकों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने उनके माता-पिता और अभिभावकों की भी सराहना की। राष्ट्रपति ने उन शिक्षकों का भी आभार जताया, जिन्होंने छात्रों के पूरे शैक्षणिक पाठ्यक्रम के दौरान उनका मार्ग-दर्शन किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स बिलासपुर से स्नातक होने वाला यह पहला बैच है। ऐसे में संस्थान की पहचान और विरासत को आकार देने में इन छात्रों की भूमिका खास है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने आचरण, प्रतिबद्धता और सेवा के जरिए संस्थान की प्रतिष्ठा को बनाए रखें।
उन्होंने स्नातकों को याद दिलाया कि चिकित्सा पेशा सिर्फ पढ़ाई और नौकरी तक सीमित नहीं है। इसका मानवता के प्रति भी एक दायित्व है। राष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि वे अपने काम में लोगों की जरूरतों को सबसे ऊपर रखें।
राष्ट्रपति ने खास तौर पर दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की विशेष स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। इसलिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को उनके लिए काम करने की कोशिश करनी चाहिए।
एम्स बिलासपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति ने संस्थान और उसके स्नातकों से इस क्षेत्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने इसके लिए दूरस्थ चिकित्सा, विशेषज्ञ परामर्श, चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण और आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल सहित अलग-अलग माध्यमों पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि एम्स बिलासपुर जैसे संस्थानों की जिम्मेदारी केवल अपने परिसर तक सीमित नहीं है। इन संस्थानों को आसपास और दूरदराज के क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाने में योगदान देना चाहिए। उन्होंने स्नातकों से अपनी शिक्षा और कौशल का इस्तेमाल उन लोगों के लिए करने की अपील की, जिन्हें विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से नहीं मिल पातीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर स्वास्थ्य देखभाल का वित्तीय बोझ कम हुआ है।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। राष्ट्रपति ने बताया कि योजना के तहत उपचार पर 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
उन्होंने सभी हितधारकों से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि इन स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की जानकारी दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचे। राष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य योजनाओं और उनके तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि जरूरत के समय वे इनका लाभ ले सकें।
राष्ट्रपति ने एम्स जैसे प्रमुख संस्थानों से बुनियादी और किफायती स्वास्थ्य देखभाल समाधानों के विकास में योगदान देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का उद्देश्य ऐसे समाधान तैयार करना होना चाहिए, जो लोगों के लिए उपयोगी और उनकी पहुंच में हों।
स्नातकों को आजीवन सीखने के लिए प्रोत्साहित करते हुए राष्ट्रपति ने उनसे चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे बदलावों के साथ तालमेल बनाए रखने को कहा। उन्होंने छात्रों से अनुसंधान को ऐसे नवाचारों में बदलने का आग्रह किया, जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "चिकित्सा का क्षेत्र केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी का क्षेत्र नहीं है। यह वास्तव में करुणा और विश्वास का क्षेत्र भी है।" उन्होंने स्नातकों से चिकित्सा सेवा में विज्ञान, तकनीक, करुणा और विश्वास, इन सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किसे उपाधियां प्रदान कीं?
उन्होंने एम्स बिलासपुर के पहले स्नातक बैच को उपाधियां प्रदान कीं।
राष्ट्रपति ने एम्स बिलासपुर के स्नातकों से क्या कहा?
उन्होंने स्नातकों से अपने आचरण, प्रतिबद्धता और सेवा के जरिए संस्थान की प्रतिष्ठा बनाए रखने को कहा।
राष्ट्रपति ने डॉक्टरों को किन लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों पर ध्यान देने को कहा?
उन्होंने दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों पर ध्यान देने को कहा।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कितना स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है?
पात्र लाभार्थियों को प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है।
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