सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एसआई अरुण चाहर को राजकीय सम्मान
मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिवंगत उपनिरीक्षक अरुण चाहर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। अरुण चाहर सिविल लाइन थाने की स्टेडियम चौकी के प्रभारी थे।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने दिवंगत उपनिरीक्षक अरुण चाहर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। अरुण चाहर सिविल लाइन थाने की स्टेडियम चौकी के प्रभारी थे। 24 अक्टूबर की रात जानसठ थाना क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
जानकारी के मुताबिक, उपनिरीक्षक अरुण चाहर शासकीय कार्य से जानसठ गए थे। काम पूरा करने के बाद वह वापस लौट रहे थे, तभी सड़क दुर्घटना हुई। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका उपचार चल रहा था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है। इस जांच के जरिए हादसे से जुड़े कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।
रविवार को पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में दिवंगत उपनिरीक्षक अरुण चाहर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान उन्हें अंतिम सलामी भी दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, एसपी सिटी अमृत जैन, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक, एसपी अपराध इंदु सिद्धार्थ और एसपी यातायात अतुल कुमार चौबे समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पुलिस लाइन में मौजूद रहे। सभी ने उपनिरीक्षक अरुण चाहर के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
राजकीय सम्मान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को परिजनों के सुपुर्द किया गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थल के लिए रवाना किया गया।
उपनिरीक्षक अरुण चाहर के असामयिक निधन से मुजफ्फरनगर पुलिस परिवार में शोक की लहर है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है।
पुलिस के अनुसार, परिजनों को नियमानुसार सेवा संबंधी लाभ और पुलिस वेतन पैकेज के अंतर्गत अनुमन्य सुविधाएं दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उपनिरीक्षक अरुण चाहर को राजकीय सम्मान क्यों दिया गया?
सड़क हादसे में घायल होने के बाद उपचार के दौरान निधन होने पर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई।
अरुण चाहर के साथ सड़क हादसा कब और कहां हुआ था?
24 अक्टूबर की रात जानसठ थाना क्षेत्र में सड़क हादसा हुआ था।
हादसे के समय अरुण चाहर कहां से लौट रहे थे?
अरुण चाहर शासकीय काम से जानसठ गए थे और काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे।
अरुण चाहर को अंतिम सलामी कहां दी गई?
रविवार को पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी दी गई।
हादसे की जांच के लिए पुलिस ने क्या कदम उठाया?
पुलिस ने हादसे के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया है।
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