News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
Education Official source आंध्र प्रदेश

स्टैनफोर्ड की टॉप 2% साइंटिस्ट्स लिस्ट में एसआरएम-एपी के 20 शोधकर्ता

एसआरएम यूनिवर्सिटी-एपी के 20 शोधकर्ताओं को स्टैनफोर्ड की वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स सूची में जगह मिली, पिछले साल यह संख्या सात थी।

स्टैनफोर्ड की टॉप 2% साइंटिस्ट्स लिस्ट में एसआरएम-एपी के 20 शोधकर्ता
News Darpan AI image

आंध्र प्रदेश के शोधकर्ताओं का नाम स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की तैयार की गई ‘वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स’ की लिस्ट में शामिल

आंध्र प्रदेश के शोधकर्ताओं का नाम स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की तैयार की गई ‘वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स’ की लिस्ट में शामिल है।

यूनिवर्सिटी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, एसआरएम यूनिवर्सिटी, ए.पी. से इस लिस्ट में शामिल मान्यता प्राप्त शोधकर्ताओं की संख्या पिछले साल के सात से बढ़कर इस साल 20 हो गई है।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय दर्ज की गई है, जब संस्थान की रिसर्च क्षमता कई अलग-अलग विषयों में बढ़ रही है। इन विषयों में अर्थ और पर्यावरण विज्ञान, सूचना और संचार तकनीक, रणनीतिक तकनीक, फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित शामिल हैं।

यह पहचान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर के सहयोग से तैयार की गई ‘वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स’ लिस्ट के जरिए मिली है। यह लिस्ट स्कोपस के साइटेशन मेट्रिक्स पर आधारित है। इसमें शोधकर्ताओं को उनके अकादमिक योगदान और रिसर्च के असर के लिए पहचान दी जाती है।

रिसर्च की गुणवत्ता और लंबे समय के असर पर जोर

एसआरएम यूनिवर्सिटी, ए.पी. के कैंपस में हुए सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वाइस चांसलर च. सतीश कुमार ने संख्यात्मक मापदंडों के बजाय रिसर्च की गुणवत्ता और लंबे समय के असर की अहमियत पर जोर दिया।

एसआरएम ग्रुप के सलाहकार प्रो. सौमित्र दत्ता ने कहा कि ज्ञान का निर्माण किसी भी यूनिवर्सिटी की पहचान की नींव होता है। कार्यक्रम में मौजूद रिसर्च लीडर्स ने भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग, अकादमिक ईमानदारी और रिसर्च को सार्थक नतीजों में बदलने की अहमियत पर जोर दिया।

एसआरएम यूनिवर्सिटी, ए.पी. के जिन फैकल्टी सदस्यों को पहचान मिली है, उनमें प्रो. रंगभाषियम सेल्वसेम्बियन, डॉ. आकाश बालकृष्णन, डॉ. देबलिना दत्ता, डॉ. आदित्य कुमार साहू, डॉ. रणधीर कुमार, प्रो. सराजू मोहंती, प्रो. कार्तिक राजेंद्रन, प्रो. उपद्रस्ता राममूर्ति और प्रो. योशियुकी कावाज़ो शामिल हैं। इनके अलावा भी कई अन्य फैकल्टी सदस्य इस पहचान पाने वालों में शामिल हैं।

यह पहचान कई अकादमिक क्षेत्रों में मिली है। इससे यूनिवर्सिटी की मान्यता प्राप्त फैकल्टी सदस्यों की लिस्ट में दिखाई गई रिसर्च गतिविधियों का दायरा सामने आता है। अलग-अलग विषयों में मिली यह पहचान बताती है कि संस्थान में रिसर्च का काम कई क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

आंध्र लोयोला कॉलेज के शोधकर्ता को फिर मिली पहचान

आंध्र प्रदेश की अकादमिक उपलब्धि में एक और बात जुड़ी है। आंध्र लोयोला कॉलेज के डॉ. एम. सी. राव ने फिजिक्स के क्षेत्र में ग्लोबल लिस्ट में जगह बनाई है। उन्हें 2020 से 2026 तक लगातार सातवें साल इस लिस्ट में जगह मिली है।

कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक, डॉ. एम. सी. राव की ग्लोबल पोजिशन 934 से बेहतर होकर 810 हो गई है। अधिकारियों ने कहा कि उनकी पोजिशन को 278 रिसर्च पब्लिकेशन्स का समर्थन हासिल है।

यह भी बताया गया है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के किसी अंडरग्रेजुएट कॉलेज से फिजिक्स कैटेगरी में शामिल होने वाले वह अकेले साइंटिस्ट हैं।

इन उपलब्धियों से आंध्र प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों के बढ़ते रिसर्च योगदान का पता चलता है। एसआरएम यूनिवर्सिटी, ए.पी. अपनी रिसर्च सुविधाओं और अलग-अलग विषयों को जोड़ने वाली पहलों को मजबूत कर रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में किया जा रहा काम भी शामिल है।

वहीं, आंध्र लोयोला कॉलेज में फैकल्टी की लगातार जारी रिसर्च के जरिए पहचान बढ़ती जा रही है। दोनों संस्थानों की ये प्रगति उनकी रिसर्च से जुड़े काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापक संदर्भ में रखती है। यह संदर्भ ऐसी लिस्ट के जरिए सामने आता है, जो साइटेशन पर आधारित मापदंडों और रिसर्च के असर पर तैयार की गई है।

प्रकाशित - October 13, 2026 10:31 pm IST.

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टैनफोर्ड की ‘वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स’ लिस्ट में एसआरएम-एपी के कितने शोधकर्ता शामिल हुए?

इस साल एसआरएम यूनिवर्सिटी, ए.पी. के 20 शोधकर्ता इस लिस्ट में शामिल हुए हैं।

एसआरएम-एपी के शोधकर्ताओं की संख्या पिछले साल कितनी थी?

पिछले साल इस लिस्ट में एसआरएम-एपी के सात शोधकर्ता शामिल थे।

‘वर्ल्ड्स टॉप 2% साइंटिस्ट्स’ लिस्ट किस आधार पर तैयार की गई है?

यह लिस्ट स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर ने मिलकर तैयार की है और यह स्कोपस के साइटेशन मेट्रिक्स पर आधारित है।

आंध्र लोयोला कॉलेज के डॉ. एम. सी. राव को कितने साल से लगातार पहचान मिल रही है?

डॉ. एम. सी. राव को 2020 से 2026 तक लगातार सातवें साल इस लिस्ट में जगह मिली है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

  5. 5

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।