सोनम वांगचुक का सेकमोल: लद्दाख में शिक्षा सुधार की नई दिशा
पहाड़ों में एक स्कूल और वांगचुक के एजुकेशन रिफॉर्म के प्रयोग सेकमोल और सोनम वांगचुक का लद्दाख में शिक्षा सुधार का सपना 1988 में सोनम वांगचुक द्वारा शुरू किया गया स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल
पहाड़ों में एक स्कूल और वांगचुक के एजुकेशन रिफॉर्म के प्रयोग
सेकमोल और सोनम वांगचुक का लद्दाख में शिक्षा सुधार का सपना
1988 में सोनम वांगचुक द्वारा शुरू किया गया स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) लद्दाख में शिक्षा को नया रूप देने की एक अनोखी कोशिश है। फेय गांव के पहाड़ों के बीच बसे इस संस्थान को बॉलीवुड फिल्म 3 इडियट्स के आखिरी सीन में दिखाए जाने के बाद काफी पहचान मिली। लेकिन इसकी अहमियत सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं है।
लद्दाख के शिक्षा संकट का जवाब
वांगचुक ने सेकमोल की शुरुआत लद्दाख के शिक्षा सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए की थी। उनका मानना था कि यह सिस्टम लद्दाख की सांस्कृतिक और भौगोलिक सच्चाइयों से कटा हुआ है। उस समय सरकारी स्कूलों में 10वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 95% छात्र हर साल फेल हो रहे थे। यह चौंकाने वाला आंकड़ा सुधार की सख्त जरूरत को दिखाता था।
लद्दाखी बच्चों के लिए यह शिक्षा प्रणाली अजनबी थी। किताबों में समुद्र, नारियल के पेड़ और मानसून जैसे विषय पढ़ाए जाते थे, जो उनके ठंडे रेगिस्तानी इलाके से बिल्कुल अलग थे। ऊपर से, 8वीं क्लास तक बच्चों को गैर-लद्दाखी भाषाओं में पढ़ाया जाता था, जिससे पढ़ाई और मुश्किल हो जाती थी। शिक्षक अक्सर सही ट्रेनिंग के बिना होते थे, बार-बार ट्रांसफर होते थे और उन पर समुदाय की कोई निगरानी नहीं थी। माता-पिता को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं थी, इसलिए स्कूलों के कामकाज में उनका कोई दखल नहीं था।
सेकमोल का अनोखा तरीका
सेकमोल का कैंपस इसके अनुभवात्मक शिक्षा के सिद्धांत को दर्शाता है। यहां छात्र इकोलॉजिकल टॉयलेट बनाना, सोलर हीटेड बिल्डिंग डिजाइन करना और सस्टेनेबल तरीके से रहना जैसे प्रैक्टिकल काम करते हैं। ये गतिविधियां पढ़ाई का हिस्सा हैं, न कि एक्स्ट्रा करिकुलर।
1994 में सेकमोल ने राज्य शिक्षा विभाग और गांवों के समुदायों के साथ मिलकर ऑपरेशन न्यू होप शुरू किया। इसका मकसद सरकारी स्कूलों में सुधार लाना था। इसमें क्लासरूम, टीचर ट्रेनिंग और समुदाय की भागीदारी पर फोकस किया गया। माता-पिता को स्कूल गवर्नेंस में शामिल किया गया, और शिक्षकों को बच्चों के केंद्रित, एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग की ट्रेनिंग दी गई। सेकमोल ने लद्दाख की संस्कृति और पर्यावरण पर आधारित किताबें भी तैयार कीं, जिससे पढ़ाई बच्चों के लिए ज्यादा असरदार और जुड़ी हुई हो।
चुनौतियां और नया रास्ता
शुरुआती सफलता के बावजूद, 2007 में सेकमोल और सरकार के बीच साझेदारी खत्म हो गई। प्रशासनिक तनाव और सोनम वांगचुक पर विदेशी फंडिंग और जमीन से जुड़े नियमों के उल्लंघन के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया। हालांकि 2013 में उन्हें बरी कर दिया गया, लेकिन इन विवादों ने एक नया मोड़ ला दिया। तब तक वांगचुक ने अपना ध्यान उच्च शिक्षा की ओर मोड़ लिया था।
HIAL: पहाड़ी समुदायों के लिए एक यूनिवर्सिटी
2017 में वांगचुक ने हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की शुरुआत की। यह संस्थान पहाड़ी समुदायों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। HIAL में अनुभवात्मक और संदर्भ-आधारित शिक्षा पर जोर दिया जाता है। यहां छात्र सस्टेनेबल आर्किटेक्चर, पानी प्रबंधन और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे मुद्दों पर प्रोजेक्ट्स के जरिए काम करते हैं। इसका कैंपस खुद सस्टेनेबिलिटी का मॉडल है, जहां सोलर हीटेड बिल्डिंग्स और पानी बचाने के लिए आइस स्तूप बनाए गए हैं।
शिक्षा के प्रति आजीवन समर्पण
59 साल की उम्र में भी वांगचुक का शिक्षा सुधार के प्रति समर्पण कायम है। हाल ही में उन्होंने NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों और प्रभावित छात्रों व परिवारों के लिए 25 दिन से ज्यादा की भूख हड़ताल की। यह प्रदर्शन शिक्षा में बड़ी खामियों को दूर करने की उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
सेकमोल की शुरुआत से लेकर HIAL की स्थापना तक, वांगचुक का दशकों लंबा सफर यह साबित करता है कि कैसे संदर्भ-विशेष और अनुभवात्मक शिक्षा जिंदगियां बदल सकती है। उनका काम भारत की नई शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के साथ मेल खाता है और शिक्षा को ज्यादा समावेशी और प्रासंगिक बनाने पर चर्चा को प्रेरित करता है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सेकमोल क्या है?
सेकमोल, यानी स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख, सोनम वांगचुक द्वारा शुरू किया गया एक संस्थान है जो लद्दाख में शिक्षा सुधार की कोशिश कर रहा है।
सेकमोल की शुरुआत क्यों हुई थी?
सेकमोल की शुरुआत लद्दाख के शिक्षा सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए की गई थी, जहां सरकारी स्कूलों में छात्र हर साल फेल हो रहे थे।
सेकमोल में छात्रों को क्या सिखाया जाता है?
सेकमोल में छात्रों को इकोलॉजिकल टॉयलेट बनाना, सोलर हीटेड बिल्डिंग डिजाइन करना और सस्टेनेबल तरीके से रहना जैसे प्रैक्टिकल काम सिखाए जाते हैं।
HIAL क्या है?
HIAL, यानी हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, एक यूनिवर्सिटी है जो पहाड़ी समुदायों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
सोनम वांगचुक का शिक्षा के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
सोनम वांगचुक का शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण अनुभवात्मक और संदर्भ-आधारित शिक्षा पर जोर देने का है।
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