स्मृति ईरानी ने मातृत्व पर साझा की भावुक बातें
‘बच्चे आपको भूल जाएं, इसी के लिए मां उन्हें पालती हैं’, स्मृति ईरानी ने मातृत्व पर कही ये बात केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जो टीवी स्टार से राजनीति तक का सफर तय कर चुकी हैं, ने हाल ही में एक इवेंट
‘बच्चे आपको भूल जाएं, इसी के लिए मां उन्हें पालती हैं’, स्मृति ईरानी ने मातृत्व पर कही ये बात
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जो टीवी स्टार से राजनीति तक का सफर तय कर चुकी हैं, ने हाल ही में एक इवेंट में मातृत्व पर अपनी भावुक राय रखी। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चे को धीरे-धीरे इस तरह तैयार करती है कि वह एक दिन खुद पर निर्भर हो जाए, भले ही इसका मतलब हो कि बच्चा उसे एक दिन जरूरत के तौर पर देखना बंद कर दे।
मातृत्व और करियर में संतुलन
तीन बच्चों की परवरिश के साथ अपने करियर को संभालने के सवाल पर स्मृति ने वहां मौजूद कामकाजी महिलाओं से सीधे बात की। उन्होंने माना कि कई महिलाएं घर, बच्चों और काम की जिम्मेदारियों के बीच सालों का हिसाब खो देती हैं।
स्मृति ने शुरुआती मातृत्व की चुनौतियों पर बात करते हुए बताया कि कैसे मां बच्चों के खाने, होमवर्क और ऑफिस के कामों को संभालते हुए अक्सर अपनी नींद तक कुर्बान कर देती है। उन्होंने इन शुरुआती सालों को सबसे मुश्किल लेकिन मां के लिए सबसे अहम बताया।
मातृत्व का भावनात्मक सफर
स्मृति ने मां-बच्चे के रिश्ते में समय के साथ आने वाले बदलावों पर भी बात की। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि एक मां अपने बच्चे के डायपर साफ करने से लेकर उस बच्चे के सवालों और विरोध का सामना करने तक का सफर तय करती है। उनकी ये बातें वहां मौजूद लोगों को काफी relatable लगीं।
उनकी स्पीच का सबसे भावुक हिस्सा तब आया जब उन्होंने मातृत्व की खूबसूरती और दर्द को बयां किया। उन्होंने कहा, "मां होने की खूबसूरती और दर्द इसी में है कि आप अपने बच्चे को इस मुकाम तक पहुंचाते हैं कि उसे आपकी जरूरत ही न रहे।" स्मृति के मुताबिक, मां का रोल तभी पूरा होता है जब बच्चा आत्मनिर्भर बन जाए, लेकिन ये पल मां के लिए भावनात्मक रूप से काफी मुश्किल होता है।
संवेदनशीलता में ताकत
स्मृति ने मातृत्व को महिलाओं की ताकत से भी जोड़ा और कहा कि भावनात्मक संवेदनशीलता को कमजोरी मानना गलत है। उन्होंने कहा कि यही खूबी महिलाओं को मुश्किलों से लड़ने, हार से उबरने और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने की ताकत देती है। उन्होंने मातृत्व से मिलने वाली ताकत को महिलाओं की सबसे बड़ी संपत्ति बताया।
उनकी बातें मातृत्व के त्याग, विकास और भावनात्मक जटिलताओं को गहराई से समझने का मौका देती हैं और वहां मौजूद लोगों के दिलों को छू गईं।
स्रोत: Patrika
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्मृति ईरानी ने मातृत्व के बारे में क्या कहा?
स्मृति ईरानी ने कहा कि मां अपने बच्चे को इस तरह तैयार करती हैं कि वह एक दिन खुद पर निर्भर हो जाए, भले ही इसका मतलब हो कि बच्चा उसे जरूरत के तौर पर देखना बंद कर दे।
क्या स्मृति ने मातृत्व और करियर के बीच संतुलन के बारे में बात की?
हां, स्मृति ने कामकाजी महिलाओं से बात करते हुए कहा कि कई महिलाएं घर, बच्चों और काम की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते समय सालों का हिसाब खो देती हैं।
स्मृति ने मातृत्व की चुनौतियों के बारे में क्या बताया?
स्मृति ने बताया कि मां बच्चों के खाने, होमवर्क और ऑफिस के कामों को संभालते हुए अक्सर अपनी नींद तक कुर्बान कर देती हैं।
स्मृति ने मातृत्व में भावनात्मक संवेदनशीलता के बारे में क्या कहा?
स्मृति ने कहा कि भावनात्मक संवेदनशीलता को कमजोरी मानना गलत है, यह महिलाओं को मुश्किलों से लड़ने और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने की ताकत देती है।
स्मृति ने मातृत्व की खूबसूरती और दर्द के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मां होने की खूबसूरती और दर्द इसी में है कि आप अपने बच्चे को इस मुकाम तक पहुंचाते हैं कि उसे आपकी जरूरत ही न रहे।
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