सेशेल्स की फर्स्ट लेडी ने मिशन शक्तिसैट का दौरा किया, 108 देशों की लड़की वैज्ञानिकों से मिलीं
सेशेल्स की फर्स्ट लेडी मैडम वेरोनिक हर्मिनी ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में मिशन शक्तिसैट का दौरा किया और दुनिया भर के 108 देशों से आई लड़की वैज्ञानिकों से मुलाकात की।
सेशेल्स की फर्स्ट लेडी मैडम वेरोनिक हर्मिनी ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में मिशन शक्तिसैट का दौरा किया और दुनिया भर के 108 देशों से आई लड़की वैज्ञानिकों से मुलाकात की। अपने देश में प्यार से 'सेशेल्स की मां' कहलाने वाली मैडम हर्मिनी ने इस मौके पर मिशन शक्तिसैट की लीडर और 'स्पेस मॉम' के नाम से मशहूर डॉ. श्रीमती केसन से भी मुलाकात की। यह मुलाकात दो मातृशक्तियों के मिलन के तौर पर देखी जा रही है।
इस खास मौके पर मैडम हर्मिनी ने दुनिया भर से आई युवा लड़की वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों को विज्ञान और टेक्नोलॉजी के फील्ड में आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने लड़कियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि बेटियों के सपनों की कोई सीमा नहीं होती। वे चाहें तो अंतरिक्ष रिसर्च और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं और चांद तक पहुंचने का सपना भी पूरा कर सकती हैं।
आयोजकों के मुताबिक, मिशन शक्तिसैट दुनिया के सबसे बड़े ऑल-गर्ल्स चंद्र मिशन में से एक है। इस मिशन का मकसद अगली पीढ़ी की महिलाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ना और उन्हें वैज्ञानिक सोच, तकनीकी स्किल और लीडरशिप की क्षमता विकसित करने के मौके देना है। मिशन में 108 से ज्यादा देशों की भागीदारी शामिल है।
मैडम हर्मिनी की इस यात्रा को मिशन के लिए एक बड़े समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। यह मिशन डॉ. श्रीमती केसन के नेतृत्व में चलाया जा रहा है और इसे स्पेस किड्ज इंडिया से भी जोड़ा गया है। स्पेस किड्ज इंडिया ने अब तक 27 सैटेलाइट मिशन बनाए और लॉन्च किए हैं। यह संगठन युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और टेक्नोलॉजी से जोड़ने और विज्ञान की पढ़ाई को ज्यादा आसान बनाने पर काम करता है। इस पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अगर बेटियों को सही मौके, गाइडेंस और हौसला मिले तो वे धरती से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी पहचान बना सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मिशन शक्तिसैट क्या है?
मिशन शक्तिसैट दुनिया के सबसे बड़े ऑल-गर्ल्स चंद्र मिशन में से एक है। इसका मकसद अगली पीढ़ी की महिलाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ना और उन्हें वैज्ञानिक सोच, तकनीकी स्किल और लीडरशिप की क्षमता विकसित करने के मौके देना है।
सेशेल्स की फर्स्ट लेडी ने मिशन शक्तिसैट का दौरा कब किया?
सेशेल्स की फर्स्ट लेडी मैडम वेरोनिक हर्मिनी ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में मिशन शक्तिसैट का दौरा किया और 108 देशों से आई लड़की वैज्ञानिकों से मुलाकात की।
इस मिशन में कितने देशों की भागीदारी है?
मिशन शक्तिसैट में 108 से ज्यादा देशों की भागीदारी शामिल है। यह दुनिया भर से युवा लड़की वैज्ञानिकों को एक साथ लाता है।
स्पेस किड्ज इंडिया ने अब तक कितने सैटेलाइट मिशन लॉन्च किए हैं?
स्पेस किड्ज इंडिया ने अब तक 27 सैटेलाइट मिशन बनाए और लॉन्च किए हैं। यह संगठन युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान और टेक्नोलॉजी से जोड़ने का काम करता है।
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