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हापुड़ के मेडिकल इंस्टीट्यूट ने शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय कोर्स पूरा किया

हापुड़ में सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस) ने तीन दिवसीय बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन (बीसीएमई) का आयोजन पूरा किया है।

हापुड़ के मेडिकल इंस्टीट्यूट ने शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय कोर्स पूरा किया
Image credit: News Darpan Team

हापुड़ में सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस) ने तीन दिवसीय बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन (बीसीएमई) का आयोजन पूरा किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल फैकल्टी की टीचिंग, लर्निंग और असेसमेंट से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करना और कंटेम्पररी मेडिकल एजुकेशन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना था।

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मेडिकल एजुकेटर्स को मॉडर्न पेडागॉजिकल फ्रेमवर्क्स, इनोवेटिव टीचिंग-लर्निंग मेथडोलॉजीज और इफेक्टिव असेसमेंट टेक्नीक्स से परिचित कराया गया। ये सभी तकनीकें कॉम्पिटेंसी-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन (सीबीएमई) के सफल इम्प्लीमेंटेशन के लिए जरूरी हैं।

तीन दिन चले इस कार्यक्रम में इंटरैक्टिव एकेडमिक सेशंस, ग्रुप डिस्कशंस, प्रैक्टिकल एक्सरसाइजेज, पार्टिसिपेटरी एक्टिविटीज और रिफ्लेक्टिव लर्निंग सेशंस की एक पूरी श्रृंखला आयोजित की गई। इन सेशंस में फैकल्टी मेंबर्स ने करिकुलम प्लानिंग, लर्नर-सेंटर्ड टीचिंग, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड एजुकेशन, असेसमेंट स्ट्रैटेजीज, कंस्ट्रक्टिव फीडबैक तथा इफेक्टिव क्लासरूम और क्लिनिकल टीचिंग के अलग-अलग पहलुओं का विस्तार से अध्ययन किया।

सेशंस के दौरान प्रतिभागियों को अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करने, मेडिकल टीचिंग और असेसमेंट से जुड़ी तमाम चुनौतियों पर आपस में चर्चा करने तथा स्टूडेंट एंगेजमेंट और लर्निंग आउटकम्स में सुधार के लिए प्रैक्टिकल अप्रोचेज तलाशने का भरपूर मौका भी मिला।

इस कार्यक्रम का संचालन डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. बरखा गुप्ता ने किया। यह पूरी इनिशिएटिव फाउंडर एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रेन के विजनरी पैट्रनेज में आयोजित की गई। एकेडमिक एक्सीलेंस और फैकल्टी डेवलपमेंट के प्रति उनके लगातार सपोर्ट और कमिटमेंट ने क्वालिटी मेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के तमाम प्रयासों को और भी ज्यादा मजबूत किया है।

इस कार्यक्रम को सीनियर एडवाइजर ब्रिग. डॉ. आर. के. सहगल, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन एवं डायरेक्टर रघुवार दत्त का वैल्यूएबल गाइडेंस और सपोर्ट हासिल हुआ। उनके एन्करेजमेंट ने इस पूरे एकेडमिक इनिशिएटिव के स्मूथ कंडक्ट में अहम योगदान दिया।

कार्यक्रम का मेटिक्युलस कोऑर्डिनेशन डॉ. क्राति वर्मा, कोऑर्डिनेटर, मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) ने किया। कार्यक्रम में एक डिस्टिंग्विश्ड पैनल ऑफ रिसोर्स फैकल्टी ने हिस्सा लिया, जिसमें डॉ. संजीव डिमरी, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. शलीन जैन, डॉ. अमित अग्रवाल एवं डॉ. सचेत दावर शामिल रहे।

रिसोर्स फैकल्टी ने कंटेम्पररी मेडिकल एजुकेशन में अपनी एक्सपर्टीज और प्रैक्टिकल इनसाइट्स को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। उन्होंने प्रतिभागियों को इफेक्टिव टीचिंग स्ट्रैटेजीज, करिकुलम इम्प्लीमेंटेशन, असेसमेंट मेथड्स और फीडबैक प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तार से गाइड किया। खास तौर पर मेडिकल एजुकेटर्स की एवॉल्विंग रोल पर जोर दिया गया, जिसमें टीचर्स, फैसिलिटेटर्स, मेंटर्स, असेसर्स और प्रोफेशनल रोल मॉडल्स के रूप में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में कन्वेंशनल टीचिंग अप्रोचेज से आगे बढ़कर लर्नर-सेंटर्ड, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड और आउटकम-ओरिएंटेड एजुकेशन की तरफ बढ़ने के महत्व पर खास जोर दिया गया। फैकल्टी मेंबर्स को ऐसे इनोवेटिव अप्रोचेज अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जो स्टूडेंट्स को प्रभावी मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी नॉलेज, स्किल्स, एटीट्यूड्स और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसीज को क्रमिक रूप से विकसित करने में सक्षम बनाते हैं।

बीसीएमई प्रोग्राम का सफल कम्प्लीशन सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की फैकल्टी डेवलपमेंट, एकेडमिक इनोवेशन और मेडिकल एजुकेशन में क्वालिटी इम्प्रूवमेंट के प्रति लगातार कमिटमेंट को दर्शाता है। संस्थान यह मानता है कि एम्पावर्ड और वेल-ट्रेंड एजुकेटर्स कॉम्पिटेंट, कम्पैशनेट, एथिकल और प्रोफेशनली रिस्पॉन्सिबल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को तैयार करने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।

इस तरह के एकेडमिक इनिशिएटिव्स के जरिए एसआईएमएस अपने एकेडमिक इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। साथ ही हेल्थकेयर और सोसाइटी की एवॉल्विंग नीड्स के मुताबिक क्वालिटी, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड और लर्नर-सेंटर्ड मेडिकल एजुकेशन को आगे बढ़ा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हापुड़ के सरस्वती इंस्टीट्यूट में यह तीन दिन का कोर्स क्या था?

यह Basic Course in Medical Education (BCME) था जो मेडिकल शिक्षकों को टीचिंग, लर्निंग और असेसमेंट की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया था।

इस कोर्स में शिक्षकों को क्या सिखाया गया?

शिक्षकों को आधुनिक पेडागॉजिकल फ्रेमवर्क्स, इनोवेटिव टीचिंग-लर्निंग मेथड्स, असेसमेंट टेक्नीक्स, करिकुलम प्लानिंग, लर्नर-सेंटर्ड टीचिंग और कंस्ट्रक्टिव फीडबैक दिया गया।

CBME का मतलब क्या है?

CBME का अर्थ है Competency-Based Medical Education - यानी ऐसी शिक्षा जो स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल मेडिकल प्रैक्टिस के लिए जरूरी नॉलेज और स्किल्स देती है।

इस कार्यक्रम का नेतृत्व किसने किया?

Dean और Principal डॉ. बरखा गुप्ता ने इस कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि Founder और Chairman डॉ. जे. रामचंद्रन तथा Vice Chairperson डॉ. रम्या रामचंद्रेन ने इसे विजनरी पैट्रनेज दिया।

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