संभल डीएम ने पद दुरुपयोग के आरोप में डीएलआरसी निलंबित किया
जनपद संभल में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है।
जनपद संभल में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। डीएम ने कलेक्ट्रेट में तैनात जिला भूमि व्यवस्था सहायक यानी DLRC प्रशस्त गुप्ता को गंभीर आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश भी दिए गए हैं।
यह मामला बहजोई थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव का है। गांव में एक निजी भूमि पर बाउंड्रीवाल को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी निजी विवाद में कलेक्ट्रेट में तैनात DLRC प्रशस्त गुप्ता ने अपने सरकारी पद और जिलाधिकारी कार्यालय के नाम का दुरुपयोग किया।
आरोप के मुताबिक, प्रशस्त गुप्ता ने खुद को डीएम कार्यालय से जुड़ा बताकर इस विवाद में दबाव बनाने की कोशिश की। इस प्रकरण से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इसके अलावा, मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। शिकायतों और वायरल वीडियो के बाद यह मामला जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के संज्ञान में आया।
डीएम खंडेलवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम चंदौसी को स्थलीय जांच के आदेश दिए। आदेश के बाद एसडीएम ने आनंदपुर गांव जाकर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने विवाद से जुड़े दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और मौके का निरीक्षण भी किया।
एसडीएम की ओर से सौंपी गई जांच आख्या में DLRC प्रशस्त गुप्ता पर लगे पद के दुरुपयोग के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की और प्रशस्त गुप्ता के निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
इसके साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान प्रशस्त गुप्ता को गुन्नौर तहसील से संबद्ध किया गया है। इस अवधि में वह बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर स्तर के एक अधिकारी को सौंपी गई है। जांच के जरिए इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी के इस एक्शन से साफ संदेश गया है कि सरकारी पद और कार्यालय के नाम का निजी कामों में दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल डीएम ने DLRC प्रशस्त गुप्ता को क्यों निलंबित किया?
प्रशस्त गुप्ता पर निजी भूमि विवाद में अपने सरकारी पद और जिलाधिकारी कार्यालय के नाम का दुरुपयोग कर दबाव बनाने की कोशिश करने का आरोप है।
यह मामला किस गांव से जुड़ा है?
यह मामला बहजोई थाना क्षेत्र के आनंदपुर गांव में निजी जमीन की बाउंड्रीवाल को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है।
मामले की जांच किसने की?
डीएम के आदेश पर एसडीएम चंदौसी ने गांव जाकर दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और मौके का निरीक्षण किया।
जांच में क्या सामने आया?
एसडीएम की जांच रिपोर्ट में प्रशस्त गुप्ता पर पद के दुरुपयोग के आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए।
निलंबन के दौरान प्रशस्त गुप्ता को कहां संबद्ध किया गया है?
निलंबन अवधि में उन्हें गुन्नौर तहसील से संबद्ध किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की मनाही है।
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