जलभराव में गोवंशों को सुरक्षित पहुंचाने में लापरवाही, अधिकारी निलंबित
गौशाला में जलभराव के दौरान संरक्षित गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था में लापरवाही और बिना अनुमति दूसरे विकासखंड की गौशाला में जाने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी महेश सिंह को
गौशाला में जलभराव के दौरान संरक्षित गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था में लापरवाही और बिना अनुमति दूसरे विकासखंड की गौशाला में जाने के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी महेश सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के अनुमोदन के बाद की गई। जिला पंचायती राज अधिकारी ग्रीश कुमार ने विकासखंड बनियाखेड़ा में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी महेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
यह मामला ग्राम पंचायत नेहटा स्थित गौ-आश्रय स्थल में जलभराव की स्थिति से जुड़ा है। आरोप है कि जलभराव के दौरान वहां संरक्षित गोवंशों को किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर भेजने के लिए शासन के निर्देशों और जरूरी व्यवस्थाओं का पालन नहीं किया गया। विभागीय आदेश में इस कथित लापरवाही को शासकीय दायित्वों के निर्वहन में कमी माना गया है।
महेश सिंह पर एक और आरोप लगाया गया है। बनियाखेड़ा विकासखंड में तैनाती के बावजूद उन्होंने गुन्नौर विकासखंड की ग्राम पंचायत कला स्थित गौशाला का अनधिकृत रूप से भ्रमण किया। विभाग के अनुसार, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पटेल ने उक्त गौशाला के भ्रमण के लिए स्पष्ट रूप से मना किया था। इसके बावजूद वहां जाने के मामले को गंभीरता से लिया गया।
विभागीय आदेश में ग्राम पंचायत अधिकारी पर अपने पदीय और शासकीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने, घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1999 के प्रावधानों के विपरीत माना गया है। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि में महेश सिंह को विकासखंड बहजोई से संबद्ध किया गया है। इस अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके लिए महेश सिंह को एक प्रमाण-पत्र देना होगा। प्रमाण-पत्र में उन्हें यह बताना होगा कि वह किसी अन्य सेवा, योजना, व्यापार-वृत्ति या व्यवसाय में नियोजित नहीं हैं।
मामले की अनुशासनात्मक और विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), संभल को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच के दौरान लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट रजत मल्होत्रा ने दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महेश सिंह को क्यों निलंबित किया गया?
गौशाला में जलभराव के दौरान गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लापरवाही और बिना अनुमति दूसरे विकासखंड की गौशाला में जाने के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया।
महेश सिंह कहां तैनात थे?
महेश सिंह विकासखंड बनियाखेड़ा में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात थे।
निलंबन अवधि में महेश सिंह को किससे संबद्ध किया गया है?
निलंबन अवधि में उन्हें विकासखंड बहजोई से संबद्ध किया गया है।
मामले की जांच किसे सौंपी गई है?
अनुशासनात्मक और विभागीय जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), संभल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
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