समाजवादी पार्टी ने सीतापुर के जिला महासचिव को पद से हटाया
समाजवादी पार्टी ने सीतापुर में अपने जिला महासचिव महेंद्र यादव को पद से हटा दिया है। यह फैसला पार्टी के भीतर उठे सवालों और पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल की शिकायत के बाद लिया गया है।
समाजवादी पार्टी ने सीतापुर में अपने जिला महासचिव महेंद्र यादव को पद से हटा दिया है। यह फैसला पार्टी के भीतर उठे सवालों और पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल की शिकायत के बाद लिया गया है। महेंद्र यादव को हाल ही में जिला अध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी ने यह अहम जिम्मेदारी दी थी, लेकिन नियुक्ति के तुरंत बाद ही पार्टी में विरोध शुरू हो गया था।
पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर महेंद्र यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। पत्र में कहा गया था कि पिछले चुनावों में महेंद्र यादव ने समाजवादी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों का साथ देने की जगह उनके खिलाफ काम किया था। पत्र में उनके पुराने राजनीतिक रुख और चुनावी गतिविधियों का भी जिक्र किया गया था।
जायसवाल का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी के अंदर चल रही खींचतान सबके सामने आ गई। कार्यकर्ताओं में भी इस नियुक्ति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने महेंद्र यादव को जिला महासचिव के पद से हटाने का फैसला कर लिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला सीतापुर में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को शांत करने की कोशिश है। शमीम कौसर सिद्दीकी के जिला अध्यक्ष बनने के बाद संगठन को मजबूत करने की कवायद चल रही है और इस बीच यह फैसला अहम माना जा रहा है। फिलहाल सीतापुर की राजनीति में इस फैसले को लेकर तेज चर्चा है और सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आगे पार्टी में और क्या बदलाव होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समाजवादी पार्टी ने सीतापुर के जिला महासचिव को क्यों हटाया?
महेंद्र यादव को हटाया गया क्योंकि पूर्व विधायक राधेश्याम जायसवाल ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। जायसवाल ने कहा कि पिछले चुनावों में यादव ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम किया था। इस पत्र के वायरल होने के बाद पार्टी में विरोध बढ़ गया।
महेंद्र यादव को जिला महासचिव बनाया किसने था?
जिला अध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी ने महेंद्र यादव को यह अहम जिम्मेदारी दी थी, लेकिन नियुक्ति के तुरंत बाद ही पार्टी में विरोध शुरू हो गया था।
राधेश्याम जायसवाल ने अखिलेश यादव को क्या लिखा था?
जायसवाल ने एक पत्र में महेंद्र यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि यादव ने पिछले चुनावों में समाजवादी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम किया था और उनके पुराने राजनीतिक रुख का भी जिक्र किया था।
यह फैसला पार्टी के लिए क्यों अहम माना जा रहा है?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला सीतापुर में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को शांत करने की कोशिश है। शमीम कौसर सिद्दीकी के जिला अध्यक्ष बनने के बाद संगठन को मजबूत करने की यह कवायद महत्वपूर्ण है।
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