बॉम्बे हाईकोर्ट के रिटायर जज ने परिवार पर खतरे का दावा किया
जस्टिस गौतम पटेल ने दावा किया कि दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार विवाद पर दिए गए फैसले के बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं। उनकी बेटी पर लंदन में हमला हुआ।
बॉम्बे हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस गौतम पटेल ने दावा किया है कि उन्हें और उनके परिवार को पिछले 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं। यह मामला 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर दिए गए उनके फैसले से जुड़ा है। अगस्त 2024 में जस्टिस पटेल ने सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को दाऊदी बोहरा समुदाय का वैध 53वां दाई-अल-मुतलक घोषित किया था। इसके बाद से ही उन्हें धमकी भरे संदेश मिलने शुरू हो गए।
सितंबर 2025 में उन्हें एक पत्र मिला, जिसमें उनसे फैसले को वापस लेने और सार्वजनिक रूप से उसे गलत बताने की मांग की गई। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 को उनकी बेटी अदिति पटेल पर लंदन में हमला हुआ। अदिति, जो उस समय अपने बच्चे को स्कूल छोड़कर लौट रही थीं, पर एक अज्ञात व्यक्ति ने हमला किया। इस हमले में उनकी नाकी हड्डी टूट गई। यूके पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
5 जून 2026 को अदिति को एक और गुमनाम पत्र मिला, जिसमें जस्टिस पटेल से यूट्यूब वीडियो के जरिए अपना फैसला वापस लेने की धमकी दी गई। पत्र में यह भी कहा गया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनके परिवार का अंतिम संस्कार करवाया जाएगा।
जस्टिस पटेल ने साफ किया है कि वह अप्रैल 2024 से सेवानिवृत्त हैं और यूट्यूब वीडियो के जरिए हाईकोर्ट का फैसला नहीं बदला जा सकता। उन्होंने इस गंभीर मामले की जानकारी भारतीय हाईकमीशन, बॉम्बे हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस और भारत के मुख्य न्यायाधीश को दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे लेकर सुरक्षा और कानूनी कदम उठाए जाने की मांग की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जस्टिस गौतम पटेल को धमकियां कब से मिल रही हैं?
उन्हें और उनके परिवार को पिछले 10 महीनों से धमकियां मिल रही हैं।
जस्टिस पटेल को धमकियां क्यों मिल रही हैं?
यह धमकियां 2024 में दाऊदी बोहरा समुदाय के उत्तराधिकार विवाद पर उनके फैसले के बाद शुरू हुईं।
अदिति पटेल पर हमला कब हुआ?
अदिति पटेल पर 22 अप्रैल 2026 को लंदन में हमला हुआ।
जस्टिस पटेल ने धमकियों के बारे में किसे जानकारी दी है?
उन्होंने भारतीय हाईकमीशन, बॉम्बे हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस और भारत के मुख्य न्यायाधीश को जानकारी दी है।
जस्टिस पटेल का कहना है कि उनका फैसला कैसे बदला जा सकता है?
उन्होंने कहा कि यूट्यूब वीडियो के जरिए हाईकोर्ट का फैसला नहीं बदला जा सकता।
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