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2026 में 1.65 लाख करोड़पति देश छोड़ेंगे, यूएई सबसे पसंदीदा

विश्वभर में 2026 में रिकॉर्ड 1.65 लाख करोड़पति देश छोड़ेंगे: यूएई और सिंगापुर सबसे पसंदीदा; भारत का वेल्थ हब स्कोर 56.5 2026 के Henley Private Wealth Migration Report के मुताबिक, इस साल रिकॉर्ड 1.65

2026 में 1.65 लाख करोड़पति देश छोड़ेंगे, यूएई सबसे पसंदीदा
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2026 के Henley Private Wealth Migration Report के मुताबिक, इस साल रिकॉर्ड 1.65 लाख करोड़पति अपने देश छोड़कर दूसरे देशों में बसने की तैयारी कर रहे हैं। ये आंकड़ा 2025 में 1.42 लाख और 2024 में 1.34 लाख करोड़पतियों के मुकाबले काफी ज्यादा है। तुलना करें तो 2013 में सिर्फ 51,000 करोड़पति दुनिया भर में माइग्रेट हुए थे।

रिपोर्ट बताती है कि अमीर परिवार अब सिर्फ टैक्स बचाने के लिए विदेश नहीं जा रहे। स्थिरता, सुरक्षा और बेहतर निवेश के मौके उनकी प्राथमिकता बन गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सबसे पसंदीदा "वेल्थ हब" बनकर उभरा है, जिसका स्कोर 85.3 है। वहीं भारत का वेल्थ हब स्कोर 56.5 है, जो रेगुलेटरी जटिलताओं और टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दर्शाता है।

अमेरिका, जिसका वेल्थ मोबिलिटी स्कोर 62.3 है, सबसे ज्यादा अमीर लोगों के माइग्रेशन का नेतृत्व कर रहा है। 2025 में अमेरिका से दूसरे देशों में नागरिकता के लिए आवेदन दोगुने हो गए थे, और ये ट्रेंड 2026 में भी जारी रहेगा। दिलचस्प बात ये है कि इनमें सिर्फ 7% आवेदन विदेश में रह रहे अमेरिकियों के थे, जबकि बाकी आवेदन देश में रहने वाले अमीर लोगों से आए। इनमें से आधे आवेदन यूरोप के लिए थे और एक चौथाई लैटिन अमेरिका और कैरिबियन के लिए।

ब्रिटेन में भी अमीर नागरिकों के माइग्रेशन में तेजी आई है। 2024-25 में विदेशी नागरिकता के लिए आवेदन 15% बढ़े, और 2026 में ब्रिटिश नागरिकों ने 53% आवेदन किए। ये आंकड़ा 2018 से काफी अलग है, जब सिर्फ 8% आवेदन ब्रिटिश नागरिकों के थे। 2018 में ब्रिटेन वेल्थ माइग्रेशन के लिए 20वें स्थान पर था, लेकिन अब टॉप 5 में आ गया है।

भारत में अमीर परिवारों के लिए दूसरा रेजिडेंसी या नागरिकता लेना अब एस्टेट प्लानिंग और टैक्स स्ट्रक्चरिंग का अहम हिस्सा बन गया है। इसकी वजह बेहतर शिक्षा के मौके, बिजनेस का विस्तार और उत्तराधिकार योजना है। हालांकि, भारत का कम वेल्थ मोबिलिटी स्कोर 56.5 बताता है कि यहां पूंजी नियंत्रण और टैक्स नियमों की जटिलता जैसी चुनौतियां हैं।

यूएई लगातार अमीर लोगों को आकर्षित कर रहा है, खासकर प्रवासी उद्यमियों को, जो इसे रणनीतिक प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं यूरोप में, ग्रीस को स्पेन और पुर्तगाल की सख्त नीतियों का फायदा मिल रहा है। स्पेन ने अपना गोल्डन वीजा प्रोग्राम बंद कर दिया है और पुर्तगाल ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट रूट बंद कर दिया है, जिससे ग्रीस निवेश आधारित नागरिकता के लिए पसंदीदा जगह बन गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में कितने करोड़पति देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं?

2026 में रिकॉर्ड 1.65 लाख करोड़पति देश छोड़ने की योजना बना रहे हैं।

यूएई को क्यों पसंद किया जा रहा है?

यूएई सबसे पसंदीदा 'वेल्थ हब' बनकर उभरा है, जिसका स्कोर 85.3 है।

भारत का वेल्थ हब स्कोर क्या है?

भारत का वेल्थ हब स्कोर 56.5 है।

अमेरिका में अमीर लोगों के माइग्रेशन का ट्रेंड कैसा है?

अमेरिका में अमीर लोगों के माइग्रेशन का ट्रेंड बढ़ रहा है, 2025 में नागरिकता के लिए आवेदन दोगुने हो गए थे।

भारत में अमीर परिवारों के लिए दूसरा रेजिडेंसी क्यों जरूरी हो रहा है?

भारत में अमीर परिवारों के लिए दूसरा रेजिडेंसी या नागरिकता लेना एस्टेट प्लानिंग और टैक्स स्ट्रक्चरिंग का अहम हिस्सा बन गया है।

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