Hardeep Singh Puri-Epstein Files: नई तस्वीर से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने पूछा, अमेरिका किसे ब्लैकमेल कर रहा है?
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिवंगत अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी एक तस्वीर सामने आने के बाद भारतीय राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) की ओर से जारी Epstein Files से जुड़ी इस तस्वीर को लेकर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने पुरी के पुराने बयानों पर सवाल उठाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी तस्वीर जारी होने के समय और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सवाल उठाए।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिवंगत अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी एक तस्वीर सामने आने के बाद भारतीय राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) की ओर से जारी Epstein Files से जुड़ी इस तस्वीर को लेकर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने पुरी के पुराने बयानों पर सवाल उठाए हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी तस्वीर जारी होने के समय और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सवाल उठाए।
विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी 2026 में एपस्टीन से अपनी मुलाकातों को इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) और उससे जुड़े प्रतिनिधिमंडल के संदर्भ में बताया था। अब सामने आई तस्वीर में दोनों एक मेज के सामने बैठे दिखाई दे रहे हैं। पुरी के कार्यालय ने कहा है कि तस्वीर से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बैठक में पहले या बाद में अन्य लोग मौजूद थे या नहीं। कार्यालय ने मुलाकातों को पेशेवर बताया है।
Hardeep Singh Puri और Epstein Files: तस्वीर को लेकर क्या है विवाद?
The Wire की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग के Epstein Files में शामिल एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में आई। तस्वीर में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन एक मेज के सामने बैठे नजर आते हैं। रिपोर्ट में इसी बैठक के कई मिलते-जुलते फोटो होने का भी उल्लेख किया गया है।
तस्वीर सामने आने के बाद सवाल उठे कि यह मुलाकात किस संदर्भ में हुई थी और क्या इसमें अन्य लोग भी मौजूद थे। पुरी के कार्यालय ने The Wire को बताया कि मंत्री को याद नहीं है कि तस्वीर किस बैठक की है या उस समय अन्य लोग मौजूद थे या नहीं।
कार्यालय के अनुसार, पुरी ने फरवरी में यह दावा नहीं किया था कि वह एपस्टीन से कभी अकेले नहीं मिले। उनका कहना था कि उन्होंने अपने तत्कालीन वरिष्ठ और IPI के प्रमुख टेर्जे रोड-लार्सन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में एपस्टीन से मुलाकात की थी।
इसलिए तस्वीर और पुरी के बयान के बीच संदर्भ को समझना इस विवाद का अहम हिस्सा है। केवल तस्वीर में दो लोगों का दिखाई देना अपने आप में किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है।
Hardeep Puri ने पहले क्या कहा था?
फरवरी 2026 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि 2009 से 2017 के बीच उन्होंने एपस्टीन से लगभग तीन या अधिकतम चार बार मुलाकात की थी। उस अवधि में वह संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजनयिक मिशन से जुड़े रहे और बाद में IPI के साथ काम किया।
पुरी के मुताबिक, IPI में उनके तत्कालीन वरिष्ठ टेर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे और उनकी शुरुआती मुलाकात इसी नेटवर्क के माध्यम से हुई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके संपर्क का उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था और डिजिटल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से जुड़ा था।
The Wire की पिछली रिपोर्ट में 2014 से 2017 के बीच पुरी और एपस्टीन के बीच ईमेल संवाद तथा न्यूयॉर्क स्थित एपस्टीन के आवास पर निर्धारित कई मुलाकातों का उल्लेख किया गया था। नई तस्वीर के सामने आने के बाद इन पुराने संपर्कों के संदर्भ पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
पुरी के कार्यालय ने कहा है कि तस्वीरें उनकी ओर से पहले बताए गए पेशेवर संदर्भ के अनुरूप हैं और उनके ईमेल भी भारत की अर्थव्यवस्था तथा डिजिटल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत दर्शाते हैं। कार्यालय ने यह भी कहा कि पुरी कभी एपस्टीन के द्वीप पर नहीं गए थे।
Rahul Gandhi ने पूछा, अमेरिका किसे ब्लैकमेल कर रहा है?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 21 अक्टूबर 2026 को तस्वीर जारी होने के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुंबई दौरे और अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से तस्वीर सामने आने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या अमेरिका किसी को ब्लैकमेल कर रहा है।
राहुल गांधी की टिप्पणी राजनीतिक आरोप के रूप में सामने आई है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध इन घटनाक्रमों से यह साबित नहीं होता कि तस्वीर जारी करने के पीछे ब्लैकमेल करने का उद्देश्य था।
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इस विवाद का भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कोई संबंध है।
इन बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और सरकार की ओर से दिए गए किसी आधिकारिक जवाब को अलग-अलग देखना जरूरी है। किसी नेता के आरोप को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
Congress ने Hardeep Puri से क्या सवाल पूछे?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नई तस्वीर पुरी के पहले के स्पष्टीकरण पर सवाल खड़े करती है। पार्टी ने मुलाकातों की संख्या, उनके उद्देश्य और उनमें अन्य लोगों की मौजूदगी को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग से जुड़े नेताओं ने ईमेल संवाद और कथित मुलाकातों की संख्या का भी उल्लेख किया है। पार्टी की ओर से ईमेल के आदान-प्रदान और मुलाकातों की संख्या को लेकर किए गए दावों का स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें हैं:
- पुरी एपस्टीन से किन परिस्थितियों में मिले थे?
- मुलाकातों का उद्देश्य और विषय क्या था?
- क्या इन बैठकों में अन्य लोग भी मौजूद थे?
- तस्वीर किस तारीख और किस बैठक की है?
- सरकार इस विवाद पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है?
इन सवालों का जवाब देने के लिए तस्वीर का पूरा संदर्भ, संबंधित ईमेल और अन्य उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।
Epstein Files क्या हैं और भारत में इन पर विवाद क्यों हो रहा है?
Epstein Files उन दस्तावेजों, ईमेल, तस्वीरों और अन्य रिकॉर्ड का सामूहिक नाम है जो जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों और संपर्कों के संदर्भ में सार्वजनिक किए गए हैं। एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसे नाबालिगों के यौन शोषण और यौन तस्करी से जुड़े गंभीर अपराधों के लिए जाना जाता है।
इन फाइलों में किसी व्यक्ति का नाम, तस्वीर या संपर्क दर्ज होना अपने आप में उसके किसी अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। हर रिकॉर्ड को उसके संदर्भ, तारीख, स्रोत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के साथ समझना आवश्यक है।
हरदीप सिंह पुरी से जुड़ा मौजूदा विवाद उनकी एपस्टीन के साथ मुलाकातों की प्रकृति और पहले दिए गए स्पष्टीकरण पर केंद्रित है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस तस्वीर के आधार पर पुरी के एपस्टीन के अपराधों में शामिल होने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
आगे क्या होगा?
अब इस विवाद में तीन बातें महत्वपूर्ण होंगी: तस्वीर की तारीख और पूरी परिस्थितियों की पुष्टि, पुरी के कार्यालय का विस्तृत स्पष्टीकरण और विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर सरकार की प्रतिक्रिया।
फिलहाल तस्वीर ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, लेकिन तस्वीर में साथ दिखाई देना और किसी अपराध में संलिप्त होना अलग-अलग बातें हैं। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए प्रमाणित दस्तावेजों और पूरे संदर्भ की जांच आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीर को लेकर विवाद क्यों हुआ?
तस्वीर में हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन एक मेज के सामने बैठे दिख रहे हैं। इसके बाद उनकी मुलाकातों के संदर्भ और पुराने बयानों को लेकर सवाल उठे।
हरदीप सिंह पुरी ने एपस्टीन से मुलाकातों के बारे में पहले क्या कहा था?
पुरी ने कहा था कि 2009 से 2017 के बीच वह एपस्टीन से करीब तीन या ज्यादा से ज्यादा चार बार मिले थे। उनके मुताबिक, ये मुलाकातें IPI से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के संदर्भ में हुई थीं।
पुरी के कार्यालय ने तस्वीर को लेकर क्या सफाई दी?
कार्यालय ने कहा कि तस्वीर से यह पता नहीं चलता कि बैठक में पहले या बाद में और लोग मौजूद थे या नहीं। उसने मुलाकातों को पेशेवर बताया।
पुरी और एपस्टीन के संपर्क का बताया गया उद्देश्य क्या था?
पुरी के मुताबिक, संपर्क भारत की अर्थव्यवस्था और डिजिटल क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से जुड़ा था।
क्या यह तस्वीर अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण है?
नहीं। लेख के मुताबिक, तस्वीर में सिर्फ दो लोगों का दिखाई देना अपने आप में किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है।
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