News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
Business General

आरबीआई ने पेमेंट सिस्टम के लिए मास्टर निर्देश जारी किए

आरबीआई ने पेमेंट सिस्टम गाइडलाइन्स को जोड़कर मास्टर निर्देश जारी किए।

News Darpan AI image

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने पेमेंट सिस्टम चलाने के लिए मास्टर निर्देश जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं। ये निर्देश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 (PSS Act) के तहत जारी विभिन्न सर्कुलर और गाइडलाइन्स को एक साथ जोड़ते हैं। इसका मकसद स्पष्टता बढ़ाना, नियमों का पालन आसान बनाना और रेगुलेटेड संस्थाओं के लिए पहुंच को सरल बनाना है।

इन निर्देशों में नेट-वर्थ की गणना, ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट को स्वेच्छा से सरेंडर करने, ऑन-टैप ऑथराइजेशन, संस्थाओं के लिए कूलिंग पीरियड, ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट की स्थायी वैधता और FATF नॉन-कॉम्प्लायंट जुरिस्डिक्शन्से जुड़े निवेश प्रतिबंध शामिल हैं। यह कदम आरबीआई के विभिन्न विभागों द्वारा नियमों को सरल बनाने की कोशिशों का हिस्सा है।

पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 आरबीआई को भारत में पेमेंट सिस्टम को रेगुलेट करने का अधिकार देता है। इन गाइडलाइन्स को एक साथ जोड़कर, आरबीआई पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स पर नियमों का बोझ कम करना और रेगुलेटरी निर्देशों की पहुंच बेहतर बनाना चाहता है।

नए फ्रेमवर्क में ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट को स्वेच्छा से सरेंडर करने की प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है, जिससे उन संस्थाओं के लिए आसानिकासी सुनिश्चित हो सके जो पेमेंट सिस्टम चलाना नहीं चाहतीं। साथ ही, ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट की स्थायी वैधता से ऑपरेटर्स के दीर्घकालिक संचालन को सरल बनाया गया है।

यह कदम भारत में पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स और उपयोगकर्ताओं के लिए पारदर्शी और प्रभावी रेगुलेटरी माहौल बनाने की आरबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्य बातें
- आरबीआई ने पेमेंट सिस्टम ऑथराइजेशन के लिए मास्टर निर्देश जारी किए।
- निर्देश PSS Act, 2007 के तहत गाइडलाइन्स को जोड़ते हैं।
- नेट-वर्थ, कूलिंग पीरियड और स्थायी वैधता पर नियम शामिल हैं।
- तुरंत लागू, नियमों का पालन आसान और स्पष्टता बढ़ाने के लिए।
- FATF नॉन-कॉम्प्लायंट जुरिस्डिक्शन्स में निवेश प्रतिबंध शामिल।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आरबीआई के मास्टर निर्देश का उद्देश्य क्या है?
पेमेंट सिस्टम गाइडलाइन्स को स्पष्टता और पालन में आसानी के लिए जोड़ना।

मास्टर निर्देश कब लागू होते हैं?
निर्देश तुरंत लागू हो गए हैं।

स्रोत: Reserve Bank of India प्रेस विज्ञप्ति, Mon, 15 Jun 2026 19:55:00. https://www.rbi.org.in/scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=62941

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरबीआई के मास्टर निर्देश का उद्देश्य क्या है?

पेमेंट सिस्टम गाइडलाइन्स को स्पष्टता और पालन में आसानी के लिए जोड़ना।

मास्टर निर्देश कब लागू होते हैं?

निर्देश तुरंत लागू हो गए हैं।

इन निर्देशों में कौन-कौन से नियम शामिल हैं?

नेट-वर्थ, कूलिंग पीरियड और स्थायी वैधता पर नियम शामिल हैं।

आरबीआई ने ये निर्देश क्यों जारी किए हैं?

ताकि नियमों का पालन आसान हो और रेगुलेटरी निर्देशों की पहुंच बेहतर बन सके।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।