आरबीआई ने महिला को-ऑपरेटिव बैंक, बेंगलुरु पर ₹5 लाख का जुर्माना
आरबीआई ने महिला को-ऑपरेटिव बैंक पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने महिला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बेंगलुरु पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 11 जून 2026 को बैंके निदेशकों और उनसे जुड़े लोगों को दिए गए लोन के नियमों का उल्लंघन करने पर लगाया गया। यह कार्रवाई 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति की जांच के बाद हुई।
आरबीआई ने पाया कि बैंक ने अपने निदेशकों, उनके रिश्तेदारों और संबंधित फर्मों को लोन दिए, जो उसके नियमों का उल्लंघन है। इस गड़बड़ी की जांच के बाद बैंको कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। बैंके जवाब और मौखिक सुनवाई के बाद आरबीआई ने तय किया कि यह उल्लंघन जुर्माने के योग्य है।
यह जुर्माना बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 47A(1)(c) और धारा 46(4)(i) व 56 के तहत लगाया गया। आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन की कमी पर आधारित है और बैंक व उसके ग्राहकों के बीच हुए लेन-देन की वैधता पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह कदम आरबीआई के नियमों के पालन और बैंकिंग संचालन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बैंकों को नियमों का सख्ती से पालन करने की यादिलाता है।
मुख्य बातें
- आरबीआई ने महिला को-ऑपरेटिव बैंक पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया।
- बैंक ने निदेशकों और संबंधित लोगों को लोन देने के नियम तोड़े।
- जांच 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर हुई।
- जुर्माना बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत लगाया गया।
- यह कार्रवाई नियामकीय कमी पर आधारित है, ग्राहकों पर नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
महिला को-ऑपरेटिव बैंक पर आरबीआई ने जुर्माना क्यों लगाया?
बैंक ने निदेशकों और संबंधित लोगों को लोन देने के नियम तोड़े।
यह जुर्माना किस कानून के तहत लगाया गया?
यह जुर्माना बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत लगाया गया।
स्रोत: Reserve Bank of India प्रेस विज्ञप्ति, Mon, 15 Jun 2026 18:40:00. https://www.rbi.org.in/scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=62939
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महिला को-ऑपरेटिव बैंक पर आरबीआई ने जुर्माना क्यों लगाया?
बैंक ने निदेशकों और संबंधित लोगों को लोन देने के नियम तोड़े।
यह जुर्माना किस कानून के तहत लगाया गया?
यह जुर्माना बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत लगाया गया।
जुर्माना लगाने की जांच कब हुई?
जांच 31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर हुई।
क्या इस जुर्माने का ग्राहकों पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
नहीं, यह कार्रवाई केवल नियामकीय अनुपालन की कमी पर आधारित है, ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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