राधा गोविंद विश्वविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई
राधा गोविंद विश्वविद्यालय, चंदौसी में सृजन एवं शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के वर्कशॉप में बड़ी श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
राधा गोविंद विश्वविद्यालय, चंदौसी में सृजन एवं शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के वर्कशॉप में बड़ी श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
भगवान विश्वकर्मा की जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पवन शर्मा एवं कुलपति डा. मनोज तोमर ने भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण करके किया।
इसके बाद राधा गोविंद विश्वविद्यालय के पुरोहित ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विश्वकर्मा पूजन एवं हवन सम्पन्न कराया। विश्वविद्यालय की इंजीनियरिंग वर्कशॉप, मैकेनिकल लैब, इलैक्ट्रिकल लैब, कंप्यूटर सैंटर लैब, सिविल विभाग एवं परिवहन विभाग में इस्तेमाल होने वाले सभी यंत्रो, उपकरणों, मशीनों तथा वाहनों की विधिवत पूजा की गई।
इस मौके पर कुलाधिपति पवन शर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा केवल एक देवता नहीं बल्कि कौशल, परिश्रम, तकनीक और ईमानदार श्रम के प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए महलों और अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया, उसी तरह आज का युवा भी अपनी तकनीकी कुशलता से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकता है।
इस मौके पर कुलपति डा. मनोज तोमर ने विश्वविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को बधाई दी और सभी छात्र-छात्राओं को स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया मिशन से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ के लिए भंडारा और प्रसाद का आयोजन किया गया।
इस मौके पर राधा गोविंद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डा. अखिलेश शुक्ला, दिनेश सिंह नेगी, डीन एकेडेमिक डा. खूब सिंह, डायरेक्टर फार्मेसी डा. पंकज बाबू, समस्त विभागाध्यक्ष, अनिल शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, नितिन सिंह चौहान, सुरेश पाल, पुष्पेन्द्र मौर्या, वर्कशॉप इंचार्ज मुदित शर्मा, शिक्षकगण, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी एवं सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
यह रिपोर्ट रजत मल्होत्रा ने चंदौसी से भेजी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राधा गोविंद विश्वविद्यालय में विश्वकर्मा जयंती कहां मनाई गई?
विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के वर्कशॉप में विश्वकर्मा जयंती बड़ी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
विश्वकर्मा जयंती पर किन यंत्रों और उपकरणों की पूजा की गई?
इंजीनियरिंग वर्कशॉप, मैकेनिकल लैब, इलैक्ट्रिकल लैब, कंप्यूटर सैंटर लैब, सिविल विभाग और परिवहन विभाग में इस्तेमाल होने वाली सभी मशीनें, उपकरण और वाहनों की पूजा की गई।
कुलपति डा. मनोज तोमर ने छात्र-छात्राओं को क्या सलाह दी?
उन्होंने छात्र-छात्राओं को स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया मिशन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया।
कुलाधिपति पवन शर्मा ने भगवान विश्वकर्मा के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा केवल एक देवता नहीं बल्कि कौशल, परिश्रम, तकनीक और ईमानदार श्रम के प्रतीक हैं, और आज का युवा भी अपनी तकनीकी कुशलता से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।
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