क्यूसीआई और एफडीडीआई ने फुटवियर क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने का
क्यूसीआई और एफडीडीआई ने भारत के फुटवियर क्षेत्र में गुणवत्ता और कौशल बढ़ाने के लिए समझौता किया।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) और फुटवियर डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) ने भारत के चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र में गुणवत्ता और कौशल को बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 12 जून 2026 को हुआ और इसका लाभ आगरा, कानपुर, चेन्नई, बहादुरगढ़, रनिपेट और कालीकट जैसे प्रमुख फुटवियर क्लस्टर्स को मिलेगा।
इस साझेदारी के तहत, क्यूसीआई और एफडीडीआई संयुक्त रूप से ऐसे कार्यक्रम तैयार करेंगे जो कार्यबल के कौशल को बढ़ाने, व्यक्तिगत प्रमाणन को बढ़ावा देने और गुणवत्ता प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत करने पर केंद्रित होंगे। यह पहल परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने और प्रयोगशालाओं को मान्यता प्राप्त करने में मदद करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
क्यूसीआई मान्यता मानकों और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा और एमएसएमई को सरकारी योजनाओं और गुणवत्ता प्रथाओं के बारे में जागरूक करेगा। एफडीडीआई विशेष फुटवियर हब की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नेतृत्व करेगा और परीक्षण ढांचे में अंतर को दूर करने के लिए प्रयोगशालाओं का मानचित्रण और नमूना संग्रह केंद्र स्थापित करेगा।
इस समझौते का एक प्रमुख पहलू मल्टी-लेवल वर्कर असेसमेंट और प्रमाणन ढांचे का विकास है, जिसमें अनुभवी और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए 'रिप्रोग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग' (आरपीएल) मार्ग शामिल हैं। यह उन श्रमिकों के कौशल को औपचारिक रूप देने में मदद करेगा जिनके पास औपचारिक योग्यता नहीं है।
यह साझेदारी भारत के एमएसएमई और चमड़ा व फुटवियर क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता-आधारित विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ मेल खाती है।
स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 12 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272310
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्यूसीआई और एफडीडीआई ने किस क्षेत्र में समझौता किया है?
क्यूसीआई और एफडीडीआई ने भारत के चमड़ा और फुटवियर क्षेत्र में गुणवत्ता और कौशल बढ़ाने के लिए समझौता किया है।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य कार्यबल के कौशल को बढ़ाना, व्यक्तिगत प्रमाणन को बढ़ावा देना और गुणवत्ता प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत करना है।
इस पहल का लाभ किन शहरों को मिलेगा?
इस पहल का लाभ आगरा, कानपुर, चेन्नई, बहादुरगढ़, रनिपेट और कालीकट जैसे प्रमुख फुटवियर क्लस्टर्स को मिलेगा।
क्यूसीआई इस समझौते में क्या भूमिका निभाएगा?
क्यूसीआई मान्यता मानकों और गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा और एमएसएमई को सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करेगा।
मल्टी-लेवल वर्कर असेसमेंट का क्या महत्व है?
मल्टी-लेवल वर्कर असेसमेंट अनुभवी और अर्ध-कुशल श्रमिकों के कौशल को औपचारिक रूप देने में मदद करेगा, खासकर उन श्रमिकों के लिए जिनके पास औपचारिक योग्यता नहीं है।
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