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मऊ के जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत, लापरवाही का आरोप

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महिला जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती एक गर्भवती महिला की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मऊ के जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत, लापरवाही का आरोप
Image credit: News Darpan Team

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महिला जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती एक गर्भवती महिला की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की पहचान निशा के रूप में हुई है, जो सरायलखंसी थाना क्षेत्र के खालिसपुर की रहने वाली थीं।

मृतका के पति मंजीत गौतम ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर उनकी पत्नी निशा को महिला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती होने के बाद उनकी हालत बिगड़ती रही, लेकिन समय रहते अपेक्षित इलाज नहीं मिला और प्रसव से पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने हंगामा किया और संबंधित डॉक्टर व अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।

परिजनों की ओर से छुट्टी के दिन अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए। घटना से जुड़े वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि नर्सिंग स्टाफ ने डॉक्टर की सलाह के बिना बाहर से कई इंजेक्शन मंगवाए। वायरल दावे के मुताबिक छह इंजेक्शन मंगाए गए और उनमें से चार लगाए गए।

हंगामे की सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मृतका के जेठ और पीआरडी जवान प्रमोद की ओर से संबंधित डॉक्टर के खिलाफ पुलिस को तहरीर दिए जाने की बात भी सामने आई है। परिजनों ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मऊ के जिला अस्पताल में क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महिला जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती एक गर्भवती महिला निशा की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उसे समय पर सही इलाज नहीं मिला।

परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल पर क्या आरोप लगाए हैं?

परिजनों ने कहा है कि निशा की हालत बिगड़ती रही लेकिन समय पर इलाज नहीं मिला। साथ ही, नर्सिंग स्टाफ ने डॉक्टर की सलाह के बिना बाहर से इंजेक्शन मंगवाए। छुट्टी के दिन वरिष्ठ डॉक्टर की मौजूदगी को भी सवाल उठाया गया है।

इस मामले में आगे क्या कदम उठाए गए हैं?

महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीलेश श्रीवास्तव ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। परिजनों ने भी संबंधित डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में तहरीर दिया है।

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