प्रतापगढ़ पुलिस ने तीन महीने में 953 चोरी मोबाइल बरामद किए
प्रतापगढ़ पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में शानदार कामयाबी हासिल की है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में शानदार कामयाबी हासिल की है। CEIR यानी Central Equipment Identity Register मोबाइल रिकवरी रैंकिंग में जिला अप्रैल की 40वीं रैंक से बढ़कर जुलाई में 6वीं रैंक पर पहुंच गया है। महज तीन महीने में 34 पायदान की इस छलांग को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार भाटी की देखरेख में CEIR पोर्टल का असरदार इस्तेमाल करते हुए लगातार अभियान चलाया गया। अप्रैल से अब तक प्रतापगढ़ पुलिस ने 953 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 61 लाख 88 हजार रुपये आंकी गई है। जरूरी सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ये मोबाइल असली मालिकों को लौटा दिए गए।
CEIR पोर्टल पर लगातार कोशिशों के चलते जिले की मोबाइल रिकवरी दर में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में करीब 40 फीसदी रही रिकवरी रेट मई में 48.46 फीसदी, जून में 65.3 फीसदी और जुलाई में 87.9 फीसदी तक पहुंच गई। अप्रैल में 40वीं रैंक से शुरुआत के बाद मई में प्रतापगढ़ 21वीं रैंक पर आया और फिर जुलाई में 6वीं रैंक हासिल की।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार भाटी ने CEIR से जुड़ी कार्रवाई की लगातार समीक्षा की। सर्विलांस सेल प्रभारी अजीत सिंह ने थाना स्तर की साइबर सेल टीमों के साथ तालमेल बिठाकर तकनीकी मदद और मार्गदर्शन दिया। पुलिस ने IMEI नंबर के जरिए तकनीकी तरीके से मोबाइल की पहचान कर बरामदगी की। इस कामयाबी को तकनीक आधारित पुलिसिंग, बेहतर निगरानी और टीमवर्क का नतीजा बताया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रतापगढ़ पुलिस ने पिछले तीन महीने में कितने चोरी के मोबाइल बरामद किए?
प्रतापगढ़ पुलिस ने अप्रैल से अब तक 953 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 61 लाख 88 हजार रुपये आंकी गई है।
CEIR रैंकिंग में प्रतापगढ़ जिला कहां से कहां पहुंचा?
प्रतापगढ़ CEIR मोबाइल रिकवरी रैंकिंग में अप्रैल की 40वीं रैंक से बढ़कर जुलाई में 6वीं रैंक पर पहुंच गया है। महज तीन महीने में यह 34 पायदान की छलांग है।
मोबाइल रिकवरी दर में क्या सुधार आया है?
अप्रैल में रिकवरी रेट करीब 40 फीसदी रही, जो मई में 48.46 फीसदी, जून में 65.3 फीसदी और जुलाई में 87.9 फीसदी तक पहुंच गई।
बरामद किए गए मोबाइल को असली मालिकों तक कैसे पहुंचाया जाता है?
पुलिस IMEI नंबर के जरिए तकनीकी तरीके से मोबाइल की पहचान करती है। जरूरी सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ये मोबाइल असली मालिकों को लौटा दिए जाते हैं।
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