बहराइच के थानाध्यक्ष ने सड़क हादसे में घायल महिला की जान बचाई
बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस की एक मानवीय पहल सामने आई है जब थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक महिला की जान बचाई।
बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस की एक मानवीय पहल सामने आई है जब थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने शुक्रवार को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक महिला की जान बचाई। थैलिया गांव के पास सड़क पर बेसुध पड़ी महिला को देखते ही प्रभारी निरीक्षक ने तुरंत कार्रवाई की और खुद उन्हें अपने वाहन में लेकर अस्पताल पहुंचाया।
घायल महिला की पहचान 55 वर्षीय गायत्री देवी के रूप में हुई जो थैलिया गांव की रहने वाली हैं। इलाके में भ्रमण के दौरान थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह की नजर जब गायत्री देवी पर पड़ी तो वह सड़क पर घायल हालत में पड़ी थीं। बिना एक पल गंवाए एसएचओ ने महिला को गोद में उठाया और तत्काल डॉक्टर शिव शरण सिंह के अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में समय पर इलाज मिलने से गायत्री देवी की जान बच गई। डॉक्टरों ने बताया कि अगर और देर हो जाती तो हालात गंभीर हो सकते थे। थानाध्यक्ष की इस त्वरित कार्रवाई ने एक जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस मानवता भरी पहल की जमकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पुलिस और जनता के बीच के रिश्ते को मजबूत करती हैं। सोशल मीडिया पर भी थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह की इस हरकत को सराहा जा रहा है।
यह घटना इस बात का सबूत है कि फर्ज के साथ-साथ मानवता भी पुलिस की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है। बहराइच पुलिस की यह पहल दूसरों के लिए भी एक मिसाल बन गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में थानाध्यक्ष ने किस महिला की जान बचाई?
बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने 55 वर्षीय गायत्री देवी की जान बचाई। गायत्री देवी थैलिया गांव की रहने वाली हैं और उन्हें सड़क पर सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया था।
थानाध्यक्ष ने घायल महिला को बचाने के लिए क्या किया?
थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने इलाके में भ्रमण के दौरान गायत्री देवी को सड़क पर घायल पड़ा देखा। बिना देर किए उन्होंने महिला को गोद में उठाया और तुरंत डॉक्टर शिव शरण सिंह के अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में इलाज मिलना कितना महत्वपूर्ण था?
समय पर चिकित्सा इलाज मिलने से गायत्री देवी की जान बच गई। डॉक्टरों के अनुसार अगर और देर हो जाती तो हालात गंभीर हो सकते थे।
इस घटना के बारे में लोगों की क्या प्रतिक्रिया है?
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस मानवता भरी पहल की जमकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि यह घटना पुलिस और जनता के बीच के रिश्ते को मजबूत करती है। सोशल मीडिया पर भी थानाध्यक्ष की इस कार्रवाई को सराहा जा रहा है।
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