सात-आठ इस्लामिक देशों ने मोदी को सर्वोच्च सम्मान से नवाजा, पीयूष गोयल ने टोक्यो में जवाब दिया
पीयूष गोयल ने टोक्यो में बताया कि 7-8 इस्लामिक देशों ने PM मोदी को नागरिक सम्मान दिया। विकास के लिए राष्ट्रीय एकता पर जोर।
कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने मंगलवार को उन कोशिशों का जवाब दिया जिन्हें उन्होंने जानबूझकर गलतफहमी पैदा करने और भारतीयों को बांटने की कोशिश बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्लामिक देशों द्वारा मिली मान्यता को उनके समावेशी रवैये के सबूत के तौर पर पेश किया।
टोक्यो में बोलते हुए गोयल ने कहा कि फूट डालने की कोशिशें उनके अपने परिवार तक पहुंच रही हैं। "अक्सर ऐसा माहौल बनाने की कोशिश होती है कि प्रधानमंत्री मोदी समाज के किसी खास हिस्से को नुकसान पहुंचा सकते हैं या किसी कम्युनिटी के साथ भेदभाव कर सकते हैं। लेकिन इस बात पर गौर कीजिए: 7-8 इस्लामिक देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है," उन्होंने कहा। मिनिस्टर ने कहा कि यह इस्लामिक दुनिया में मोदी की लोकप्रियता को दिखाता है, "पाकिस्तान को छोड़कर"।
विकास के लक्ष्यों के लिए एकता जरूरी
गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत की महत्वाकांक्षाओं के लिए राष्ट्रीय एकता बेहद अहम है। उन्होंने कहा, "जब हम 'विकसित भारत 2047' की बात करते हैं, तो हमें समझना होगा कि बंटा हुआ देश कभी विकसित नहीं हो सकता"। उन्होंने भारतीय एंबेसडर्स की देश की वैश्विक साख बढ़ाने में समर्पण की तारीफ की और कहा, "कोई भारत को बांट नहीं सकता"।
BIS सर्टिफिकेशन में छूट का ऐलान
मिनिस्टर ने ऐलान किया कि सरकार हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) सर्टिफिकेशन की जरूरतों से छूट देने के लिए एक सिस्टम तैयार कर रही है। यह कदम कई जापानी टेक्नोलॉजी फर्मों द्वारा अनिवार्य BIS सर्टिफिकेशन पर उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए है।
गोयल ने बताया कि यह छूट जरूरत के हिसाब से व्यक्तिगत कंपनियों, इंडस्ट्रीज, प्रोडक्ट्स या पूरे प्रोजेक्ट्स को दी जा सकती है। इसका मकसद भारत में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खोलने वाली बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए मशीनरी, इक्विपमेंट, मटीरियल और सर्विसेज को ज्यादा आसानी से उपलब्ध कराना है। "इससे देश में निवेश बढ़ेगा और 'मेक इन इंडिया' मुहिम भी मजबूत होगी," उन्होंने कहा।
सेमीकंडक्टर योजनाओं की रूपरेखा
सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के दौरान गोयल ने भारत की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता की रूपरेखा पेश की। उन्होंने कहा कि सरकार देश को एक बड़े वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करना चाहती है। उन्होंने अनुमान जताया कि 2032 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग करीब 150 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ 'Semicon 2.0' पहल को मंजूरी दी है। राज्य स्तर के इंसेंटिव्स के साथ मिलाकर यह स्कीम करीब 50 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करने की उम्मीद है, जो चिप डिजाइन, मशीनरी, मटीरियल और सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियों समेत छह मुख्य क्षेत्रों पर फोकस करेगी। भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट 2028 में चालू होने की उम्मीद है।
गोयल ने आश्वासन दिया कि जापानी कंपनियों को स्पेशल इकोनॉमिक जोन और अन्य उपलब्ध सरकारी इंसेंटिव्स का फायदा उठाने में मदद के लिए समयबद्ध कदम उठाए जाएंगे।
स्रोत: Live Hindustan
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीयूष गोयल ने टोक्यो में प्रधानमंत्री मोदी के बारे में क्या कहा?
गोयल ने कहा कि 7-8 इस्लामिक देशों ने मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है, जो इस्लामिक दुनिया में उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने इसे मोदी के समावेशी रवैये का सबूत बताया।
BIS सर्टिफिकेशन में छूट का क्या मतलब है?
सरकार हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स सर्टिफिकेशन की जरूरतों से छूट देने वाली एक व्यवस्था बना रही है। यह जापानी टेक्नोलॉजी फर्मों के लिए मशीनरी, इक्विपमेंट और सर्विसेज उपलब्ध कराना आसान बनाएगा।
Semicon 2.0 पहल क्या है?
Semicon 2.0 सरकार की 1.27 लाख करोड़ रुपये के बजट वाली पहल है, जो भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए है। इसका लक्ष्य 50 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करना है और भारत की पहली सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट 2028 में चालू होगी।
2032 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग कितनी बढ़ने की उम्मीद है?
गोयल के अनुमान के हिसाब से 2032 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग करीब 150 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
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