आंध्र प्रदेश में 3 जुलाई तक ग्रीनिंग सोसाइटी शुरू करने का निर्देश
डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने अधिकारियों से कहा, "3 जुलाई तक आंध्र प्रदेश में ग्रीनिंग सोसाइटी शुरू करें" आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और पर्यावरण, वन और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री के.
आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम और पर्यावरण, वन और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री के. पवन कल्याण ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 3 जुलाई तक प्रस्तावित ग्रीनिंग सोसाइटी की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि इस पहल में 2025 के राष्ट्रपति आदेश के तहत नियमों, नियुक्तियों और संचालन प्रक्रिया का सख्ती से पालन होना चाहिए।
गुरुवार को वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में पवन कल्याण ने ग्रीनिंग सोसाइटी को राज्य का हरित क्षेत्र 50% तक बढ़ाने के लिए एक अहम कदम बताया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर ग्राम पंचायत में नर्सरी विकसित करने को प्राथमिकता दी जाए। जहां ऐसा संभव न हो, वहां तीन-चार पंचायतों के समूह के लिए एक साझा नर्सरी बनाई जाए।
डिप्टी सीएम ने बताया कि नर्सरी की खेती को विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) के साथ जोड़ा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मिशन के तहत उपलब्ध फंड और श्रम दिवसों का सही इस्तेमाल कर ग्रामीण इलाकों में नर्सरी विकास को बढ़ावा दिया जाए।
राज्य के वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के तहत वन विभाग ने पवन कल्याण को जानकारी दी कि मानसून के दौरान वितरण के लिए 2.60 करोड़ सीड बॉल तैयार किए गए हैं। डिप्टी सीएम ने सुझाव दिया कि सीड बॉल के वितरण में जनता को शामिल किया जाए, क्योंकि सिर्फ सरकारी कर्मचारी इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकते। उन्होंने दुर्लभ और लुप्तप्राय पौधों की प्रजातियों की सुरक्षा के लिए विभाग के प्रयासों पर संतोष जताया।
अधिकारियों ने बताया कि मारेदुमिल्ली के जंगल क्षेत्र में पामुलेरु धारा के पास बम्बूसा आंध्रिकम नाम की एक बेहद दुर्लभ और लुप्तप्राय बांस प्रजाति की पहचान हुई है, जिसके केवल 10 पौधे बचे हैं। डिप्टी सीएम ने इस प्रजाति के संरक्षण और साइकस शेषाचलमेंसिस की खेती के प्रयासों की सराहना की। यह पौधा खजूर के पेड़ जैसा दिखता है और केवल शेषाचलम के जंगलों में पाया जाता है, लेकिन अब विलुप्ति के कगार पर है।
बैठक में प्रमुख सचिव कांतिलाल डांडे, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक पी.वी. चेलापति राव, वन विभाग के सलाहकार मल्लिकार्जुन राव, मुख्य वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी और प्राणी उद्यान) बी.एन.एन. मूर्ति और मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एन. नागेश्वर राव शामिल हुए।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।