पटली हाजीपुर में कचरा प्रबंधन के लिए 40 एकड़ जमीन उपयुक्त घोषित
पैनल ने 10 जगहों का किया सर्वे, पटली हाजीपुर सबसे उपयुक्त गुरुग्राम: गुरुग्राम के रोजाना के कचरे को इकट्ठा और प्रोसेस करने के लिए जमीन तलाशने वाली पांच सदस्यीय पैनल ने फर्रुखनगर तहसील के पटली हाजीपुर
पैनल ने 10 जगहों का किया सर्वे, पटली हाजीपुर सबसे उपयुक्त
गुरुग्राम: गुरुग्राम के रोजाना के कचरे को इकट्ठा और प्रोसेस करने के लिए जमीन तलाशने वाली पांच सदस्यीय पैनल ने फर्रुखनगर तहसील के पटली हाजीपुर गांव में 40 एकड़ की जमीन को "पूरी तरह उपयुक्त" बताया है। इस पैनल ने कुल 10 जगहों का सर्वे किया था। इस पैनल की अगुवाई एमसीजी के एडिशनल कमिश्नर रविंदर यादव ने की। पैनल ने ज्यादातर जगहें नगर निगम की सीमा के बाहर देखीं, लेकिन कुछ साइट्स एमसीजी के अधिकार क्षेत्र में भी शॉर्टलिस्ट की गईं।
कचरा प्रबंधन के लिए नई जगह तलाशने की कोशिश नई नहीं है। दिसंबर 2022 में एमसीजी ने पर्यावरण और वन मंत्रालय (MoEFCC) से बलोला गांव में 20 एकड़ जंगल की जमीन के लिए पर्यावरण और वन क्लियरेंस मांगी थी। इसका मकसद था बलोला साइट पर नया कचरा भेजकर ओवरलोडेड बंदवारी लैंडफिल का दबाव कम करना। इसके बदले एमसीजी ने नाथुपुर में वन विभाग को 20 एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव रखा था।
फर्रुखनगर की साइट एमसीजी के सेक्टर 34 ऑफिस से करीब 22 किलोमीटर दूर है। इसे कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे के करीब होने की वजह से सबसे उपयुक्त बताया गया। एमसीजी के एडिशनल कमिश्नर रविंदर यादव ने कहा, "हम जिले में उपयुक्त जमीन तलाशने की प्रक्रिया में हैं, जो एमसीजी की सीमा के अंदर और बाहर हो सकती है। जल्द ही फैसला लिया जाएगा।"
अन्य जगहों में गंगहोला, सोहना में 50 एकड़ की जमीन "आंशिक रूप से उपयुक्त" बताई गई। लेकिन वहां कीकर के पेड़ और गांवों से दूरी जैसी समस्याएं सामने आईं। कसन में 25 एकड़ की जमीन भी देखी गई, जो मानेसर में प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास है। लेकिन वहां रिहायशी इलाकों के करीब होने की वजह से दिक्कतें आईं।
बाकी सात जगहों को कचरा प्रबंधन के लिए अनुपयुक्त बताया गया। इनमें रिहायशी इलाकों, आर्मी फायरिंग रेंज, रेलवे ट्रैक, गांव की सड़कों और अन्य समस्याएं शामिल थीं। गामडोज, ग्वालियर (मानेसर), सिलानी, मढ़ावर, समरथला, गुगाना और ऊंचा माजरा जैसी जगहों को खारिज कर दिया गया। खासकर ऊंचा माजरा की साइट को इसलिए अनुपयुक्त बताया गया क्योंकि वहां पहले ही एक स्टेडियम बन चुका है।
कचरा प्रबंधन के लिए नई जगह तलाशने की प्रक्रिया केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देशों के बाद शुरू हुई। उन्होंने 28 मई की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को बंदवारी लैंडफिल में नया कचरा डालने पर रोक लगाने और शहर के रोजाना के कचरे के लिए नई जगह तलाशने को कहा था। एमसीजी के एक अधिकारी ने गुरुग्राम के घने शहरी विकास की वजह से आने वाली चुनौतियों पर बात की। उन्होंने बताया कि हर 500 मीटर पर रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एरिया हैं। अधिकारी ने शहर की कचरा प्रबंधन की समस्या को हल करने में जनता के सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरुग्राम में कचरा प्रबंधन के लिए कौन सी जगह सबसे उपयुक्त मिली है?
पटली हाजीपुर गांव में 40 एकड़ की जमीन को सबसे उपयुक्त घोषित किया गया है। यह जमीन फर्रुखनगर तहसील में है और कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के करीब होने से यह सबसे अच्छी मानी गई है।
पैनल ने कुल कितनी जगहों का सर्वे किया था?
पैनल ने कुल 10 जगहों का सर्वे किया था। इसमें से सिर्फ पटली हाजीपुर पूरी तरह उपयुक्त बताई गई, गंगहोला-सोहना आंशिक रूप से उपयुक्त बताई गई, और बाकी 7 जगहें अनुपयुक्त घोषित की गईं।
बंदवारी लैंडफिल से नया कचरा कहां भेजने की योजना है?
बंदवारी लैंडफिल पर दबाव कम करने के लिए नई जगह तलाशी जा रही है। दिसंबर 2022 में बलोला गांव में 20 एकड़ जमीन के लिए पर्यावरण क्लियरेंस मांगी गई थी, लेकिन अब पटली हाजीपुर को सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।
कचरा प्रबंधन के लिए किन जगहों को खारिज कर दिया गया?
गामडोज, ग्वालियर (मानेसर), सिलानी, मढ़ावर, समरथला, गुगाना और ऊंचा माजरा को खारिज कर दिया गया। इन जगहों पर रिहायशी इलाके, आर्मी फायरिंग रेंज, रेलवे ट्रैक या अन्य समस्याएं थीं। ऊंचा माजरा पर तो पहले ही एक स्टेडियम बना हुआ है।
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