हासन छात्रावास में बुनियादी सुविधाओं के लिए छात्राओं का प्रदर्शन
हासन की डॉ. अंबेडकर गर्ल्स हॉस्टल की 100+ छात्राओं ने प्राइवेसी और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने 15 दिन में बिस्तर देने का
हासन छात्रावास की छात्राओं ने प्राइवेसी और सुरक्षा की चिंताओं को लेकर प्रदर्शन किया, इसके बाद अधिकारियों ने बिस्तर और पर्दे देने का वादा किया
डॉ. बी.आर. अंबेडकर गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली 100 से ज्यादा छात्राओं ने 19 अगस्त को समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के सामने जमकर विरोध किया, जिसके बाद अधिकारियों को पखवाड़े भर में बिस्तर और सात दिन में खिड़कियों पर पर्दे लगाने की प्रतिबद्धता देनी पड़ी।
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन की हासन जिला इकाई द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में 110 छात्राओं वाले इस आवास की हालत को उजागर किया गया, जहां मुख्य सड़क की तरफ खुलने वाली खिड़कियां खुली हुई हैं क्योंकि प्रशासन ने पर्दे नहीं लगाए हैं। छात्राएं बुनियादी प्राइवेसी के लिए खिड़कियों पर चादरें लटकाने को मजबूर हैं।
लिखित अपीलों को नजरअंदाज किया गया
एआईडीएसओ जिला सचिव सुषमा डी.एस. ने रिपोर्टरों को बताया कि छात्राओं ने बिस्तर, खाट, मच्छर कॉइल और खिड़कियों के पर्दों के लिए कई बार लिखित में रिक्वेस्ट दी थीं, लेकिन अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मच्छरों से बचाव की व्यवस्था और सोने के सही फर्नीचर की कमी ने प्राइवेसी की समस्या को और बढ़ा दिया है।
यह प्रदर्शन विभाग के हासन ऑफिस के सामने हुआ, जहां छात्राओं ने वरिष्ठ अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कमियों का पूरा ब्यौरा दिया गया था। एआईडीएसओ जिला अध्यक्ष चैत्रा यू.के. और उपाध्यक्ष अभिषेक ने समूह का नेतृत्व किया।
डिलीवरी के लिए डेडलाइन तय
ज्ञापन स्वीकार करते हुए विभाग के अधिकारियों ने 15 दिन के भीतर हॉस्टल में बिस्तर और एक हफ्ते में पर्दे और अन्य सूचीबद्ध सुविधाएं देने पर सहमति जताई। यह टाइमलाइन इस बात की एक मापने योग्य कसौटी है कि क्या छात्रों के लगातार दबाव से उस नौकरशाही की सुस्ती को दूर किया जा सकता है, जिसने महीनों तक बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए की गई रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया।
19 अगस्त की यह मुहिम कर्नाटक में छात्रावास में रहने वाली छात्राओं द्वारा सार्वजनिक प्रदर्शन का ताजा मामला है, जो तब सामने आता है जब आंतरिक शिकायत के रास्ते समाज कल्याण योजनाओं के तहत तय न्यूनतम रहने के मानकों को देने में नाकाम रहते हैं।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हासन की छात्राओं ने प्रदर्शन किस बात के लिए किया?
डॉ. बी.आर. अंबेडकर गर्ल्स हॉस्टल की 100 से ज्यादा छात्राओं ने 19 अगस्त को प्राइवेसी और सुरक्षा की कमियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने बिस्तर, पर्दे, मच्छर कॉइल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की मांग की।
छात्राएं प्राइवेसी की समस्या का सामना कैसे कर रही थीं?
मुख्य सड़क की तरफ खुली खिड़कियों पर प्रशासन ने पर्दे नहीं लगाए थे, इसलिए छात्राएं बुनियादी प्राइवेसी के लिए खिड़कियों पर चादरें लटकाने को मजबूर थीं।
अधिकारियों ने किन सुविधाओं को देने के लिए सहमति जताई?
विभाग के अधिकारियों ने 15 दिन के भीतर बिस्तर देने और 7 दिन में खिड़कियों पर पर्दे लगाने पर सहमति जताई। साथ ही उन्होंने दूसरी सूचीबद्ध सुविधाएं भी देने का वादा किया।
छात्राओं की लिखित शिकायतों का क्या हुआ?
छात्राओं ने महीनों पहले बिस्तर, खाट, मच्छर कॉइल और पर्दों के लिए कई बार लिखित रिक्वेस्ट दी थीं, लेकिन अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
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