सुनील कुमार को कलेक्ट्रेट से हटाकर मूल विभाग भेजने की मांग
हाथरस कलेक्ट्रेट में तैनात नगर पालिका परिषद के कर्मचारी सुनील कुमार को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की मांग की गई है। इस संबंध में एक संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
हाथरस कलेक्ट्रेट में तैनात नगर पालिका परिषद के कर्मचारी सुनील कुमार को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की मांग की गई है। इस संबंध में एक संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए सुनील कुमार को कलेक्ट्रेट से तत्काल रिलीव कर नगर पालिका परिषद हाथरस भेजने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि सुनील कुमार वर्ष 2009 से कलेक्ट्रेट में संबद्ध हैं। वह वर्तमान में करीब पांच वर्षों से एलबीसी पटल पर काम कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात रहने के कारण उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से संबंधित शिकायतें हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ज्ञापन में लगाए गए आरोपों को पदाधिकारियों के दावे के तौर पर ही रखा गया है।
ज्ञापन में शासन के आदेशों का भी हवाला दिया गया। इसमें कहा गया कि दूसरे विभागों के कर्मचारियों को चुनाव आदि विशेष परिस्थितियों में ही सीमित अवधि के लिए संबद्ध रखा जाना चाहिए। पदाधिकारियों का आरोप है कि इसके बावजूद सुनील कुमार को वर्ष 2009 से अब तक उनके मूल विभाग नगर पालिका परिषद हाथरस में वापस नहीं भेजा गया।
पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सुनील कुमार को कलेक्ट्रेट से तत्काल रिलीव कर मूल विभाग में भेजने की मांग दोहराई।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष श्रीराम गुप्ता एडवोकेट, जिला कोषाध्यक्ष शिव कुमार पाठक, जिला प्रभारी रामकुमार ‘जिद्दी भैया’, जिला संगठन मंत्री अमित कुमार अग्निहोत्री, मीडिया प्रभारी मुकेश कुमार वर्मा और वरिष्ठ सदस्य नरेश कुमार मौर्य शामिल रहे। इस दौरान अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य भी मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सुनील कुमार को कहां भेजने की मांग की गई है?
उन्हें हाथरस कलेक्ट्रेट से रिलीव कर उनके मूल विभाग नगर पालिका परिषद हाथरस भेजने की मांग की गई है।
सुनील कुमार कब से कलेक्ट्रेट में संबद्ध हैं?
ज्ञापन के मुताबिक, सुनील कुमार वर्ष 2009 से कलेक्ट्रेट में संबद्ध हैं।
सुनील कुमार के खिलाफ क्या आरोप लगाए गए हैं?
पदाधिकारियों ने लंबे समय से एक ही जगह तैनाती के चलते भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़ी शिकायतों का दावा किया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से क्या मांग की?
उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और सुनील कुमार को कलेक्ट्रेट से तत्काल रिलीव कर मूल विभाग में भेजने की मांग की।
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