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छिन शी हुआंग के मकबरे के पारे पर ऑनलाइन दावा, फिर बढ़ी चर्चा

शुनयांग के प्राचीन ठिकानों पर सिनाबार के सबूत मिले हैं, लेकिन छिन शी हुआंग के मकबरे में पारे का स्रोत मिलने का दावा अभी पक्का नहीं है।

छिन शी हुआंग के मकबरे के पारे पर ऑनलाइन दावा, फिर बढ़ी चर्चा
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ऑनलाइन दावों से चीन के पहले सम्राट के मकबरे से जुड़ा पारे का रहस्य फिर चर्चा में

ऑनलाइन दावों से चीन के पहले सम्राट के मकबरे से जुड़ा पारे का रहस्य फिर चर्चा में

चीनी सोशल मीडिया पर चल रहे दावों ने शुनयांग के तीन प्राचीन ठिकानों की ओर फिर से ध्यान खींचा है। यहां पुरातत्वविदों को छिन से पहले के दौर और छिन-हान दौर के दौरान सिनाबार की खुदाई, प्रोसेसिंग और ढुलाई के सबूत मिले थे।

इन दावों में कहा गया कि पुरातत्वविदों ने उस पारे का स्रोत खोज लिया है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसका इस्तेमाल चीन के पहले सम्राट छिन शी हुआंग के मकबरे में किया गया था। छिन शी हुआंग ने 2,000 साल से ज्यादा पहले चीन को एकजुट किया था।

इससे जुड़े हैशटैग पिछले महीने के आखिर में सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी चीन के शान्शी प्रांत में मौजूद प्राचीन सिनाबार ठिकानों को लेकर लोगों की दिलचस्पी फिर बढ़ गई।

शुनयांग के तीन ठिकानों से मिले सबूत

यह चर्चा शुनयांग की उन तीन जगहों पर केंद्रित रही, जिनकी पुरातत्वविदों ने पिछले साल जांच की थी।

इन ठिकानों से मिली चीजों में सिनाबार की खुदाई, उसकी प्रोसेसिंग और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने से जुड़े सबूत शामिल थे।

ऑनलाइन दावों में सिनाबार को खास तौर पर इसलिए जोड़ा जा रहा है, क्योंकि यह पदार्थ पारे से जुड़ा है। ऐतिहासिक विवरणों में छिन शी हुआंग के मकबरे के बारे में इसी धातु का जिक्र मिलता है।

हालांकि, मूल जानकारी में पारे के स्रोत की पहचान को एक ऑनलाइन दावा बताया गया है। वहीं, अलग तौर पर यह बात पक्की है कि शुनयांग के ठिकानों पर सिनाबार से जुड़ी गतिविधियों के सबूत मिले हैं।

मकबरा अब तक नहीं खोला गया

यह भूमिगत दफन परिसर लीशान पहाड़ की उत्तरी तलहटी में स्थित है और इसे कभी नहीं खोला गया।

इस जगह तक पहुंच न होने की वजह से मकबरे के नीचे क्या हो सकता है, इसे लेकर पुराने विवरणों और बातों में लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है।

सबसे लंबे समय से चले आ रहे विवरणों में से एक शुरुआती हान राजवंश के इतिहासकार सिमा च्येन का है। उनके समय को 206BC-AD220 के तौर पर दर्ज किया गया है।

शिजी, यानी ‘महान इतिहासकार के अभिलेख’, में सिमा च्येन ने जमीन के नीचे मौजूद एक विशाल दुनिया का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उसकी बनावट और उसका मकसद ऊपर के आसमान और नीचे की धरती की तरह था।

उन्होंने लिखा कि मकबरे के अंदर “नदियों और समुद्रों” का रूप बनाने के लिए पारे का इस्तेमाल किया गया था।

उनके विवरण में एक ऐसी व्यवस्था का भी जिक्र था, जिसका मकसद इस धातु को बहते रखना था। इसी वजह से पारे से जुड़ा यह रहस्य आज तक उस मकबरे को लेकर होने वाली चर्चाओं में बना हुआ है।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छिन शी हुआंग कौन थे?

छिन शी हुआंग चीन के पहले सम्राट थे, जिन्होंने 2,000 साल से ज्यादा पहले चीन को एकजुट किया था।

पारे के स्रोत को लेकर ऑनलाइन दावे में क्या कहा गया?

ऑनलाइन दावे में कहा गया कि पुरातत्वविदों ने छिन शी हुआंग के मकबरे में इस्तेमाल किए गए पारे का स्रोत खोज लिया है।

शुनयांग के तीन प्राचीन ठिकानों पर क्या सबूत मिले?

वहां सिनाबार की खुदाई, उसकी प्रोसेसिंग और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के सबूत मिले।

क्या छिन शी हुआंग का मकबरा खोला जा चुका है?

नहीं, लीशान पहाड़ की उत्तरी तलहटी में मौजूद यह भूमिगत दफन परिसर अब तक नहीं खोला गया है।

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