NIMS हैदराबाद ने 1,000 रोबोटिक सर्जरी की, 90% मुफ्त में
NIMS हैदराबाद ने तीन साल से कम समय में 1,000 रोबोटिक सर्जरी पूरी की, 90% से ज्यादा मुफ्त हैदराबाद के निज़ाम्स इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) ने तीन साल से भी कम समय में 1,000 रोबोटिक सर्जरी
हैदराबाद के निज़ाम्स इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) ने तीन साल से भी कम समय में 1,000 रोबोटिक सर्जरी पूरी कर ली हैं। इनमें से 90% से ज्यादा सर्जरी सरकारी हेल्थ स्कीम्स जैसे आरोग्यश्री और मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के तहत मुफ्त में की गईं।
मरीजों की देखभाल में नई तकनीक का कमाल
रोबोटिक सर्जरी, जो अपनी सटीकता और कम इनवेसिव प्रक्रिया के लिए जानी जाती है, ने मरीजों के इलाज के नतीजों को काफी बेहतर किया है। इस तकनीक से सर्जन छोटे चीरे के जरिए जटिल ऑपरेशन कर सकते हैं। इससे मरीजों को कम दर्द, कम खून की कमी, और कम हॉस्पिटल में रुकने की जरूरत होती है, साथ ही रिकवरी भी जल्दी होती है।
यूरोलॉजी विभाग ने सबसे ज्यादा 590 सर्जरी कीं, जिनमें प्रोस्टेट कैंसर के लिए रैडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी, ब्लैडर कैंसर के लिए रैडिकल सिस्टेक्टॉमी, रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट और यूरो-गायनेकोलॉजिकल व रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी शामिल हैं।
सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने 248 सर्जरी कीं, जिनमें हेपेटोबिलियरी, पैंक्रियाटिक, कोलोरेक्टल, आंतों और अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी शामिल हैं। वहीं, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने 162 सर्जरी कीं, जिनमें ओवेरियन, यूटेराइन, कोलोरेक्टल और अन्य कैंसर शामिल हैं। इनमें एडवांस्ड ऑर्गन-प्रिज़र्वेशन और नर्व-स्पेरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
नेतृत्व और सरकार का सहयोग
NIMS के डायरेक्टर और यूरोलॉजी के सीनियर प्रोफेसर डॉ. राहुल देवराज ने इस उपलब्धि के लिए सर्जिकल टीम, नर्सों और ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की तारीफ की। उन्होंने तेलंगाना के हेल्थ मिनिस्टर सी. दामोदर राजा नरसिम्हा और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का भी आभार जताया, जिन्होंने NIMS में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद की।
यह उपलब्धि दिखाती है कि संस्थान गरीब मरीजों को सरकारी योजनाओं के जरिए अत्याधुनिक मेडिकल केयर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NIMS हैदराबाद ने कितनी रोबोटिक सर्जरी पूरी की हैं?
NIMS हैदराबाद ने तीन साल से कम समय में 1,000 रोबोटिक सर्जरी पूरी की हैं। इनमें से 90% से ज्यादा सर्जरी आरोग्यश्री और मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) जैसी सरकारी हेल्थ स्कीम्स के तहत बिना किसी खर्च के की गईं।
रोबोटिक सर्जरी के क्या फायदे हैं?
रोबोटिक सर्जरी में सर्जन छोटे चीरे के जरिए जटिल ऑपरेशन करते हैं। इससे मरीजों को कम दर्द, कम खून की कमी, कम हॉस्पिटल में रुकने की जरूरत, और जल्दी रिकवरी मिलती है।
NIMS में कौन से विभाग सबसे ज्यादा रोबोटिक सर्जरी कर रहे हैं?
यूरोलॉजी विभाग ने सबसे ज्यादा 590 सर्जरी कीं। इसके बाद सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने 248 सर्जरी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने 162 सर्जरी कीं।
यूरोलॉजी विभाग में कौन सी सर्जरी की जाती हैं?
यूरोलॉजी विभाग में प्रोस्टेट कैंसर की रैडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी, ब्लैडर कैंसर की रैडिकल सिस्टेक्टॉमी, रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट और यूरो-गायनेकोलॉजिकल सर्जरी की जाती हैं।
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