120mm गाइडेड मोर्टार सिस्टम का सफल परीक्षण, सटीकता और तेजी में सुधार
120mm गाइडेड मोबाइल मोर्टार सिस्टम का टेस्ट, अब सटीकता और तेजी से करेगा हमला निबे लिमिटेड ने मध्य प्रदेश के महू में इन्फैंट्री स्कूल में अपने गारुडास्त्र लॉन्ग-रेंज 120mm व्हीकल-माउंटेड मोर्टार
120mm गाइडेड मोबाइल मोर्टार सिस्टम का टेस्ट, अब सटीकता और तेजी से करेगा हमला
निबे लिमिटेड ने मध्य प्रदेश के महू में इन्फैंट्री स्कूल में अपने गारुडास्त्र लॉन्ग-रेंज 120mm व्हीकल-माउंटेड मोर्टार सिस्टम का सफल प्रदर्शन किया। इस सिस्टम ने एडवांस्ड खूबियां दिखाईं, जैसे तेज़ी से फायर करना और लोकेशन बदलना (शूट-एंड-स्कूट), मल्टीपल राउंड सिमल्टेनियस इम्पैक्ट (MRSI), तेज़ फायरिंग रेट और GPS व लेजर-गाइडेड गोला-बारूद से सटीक हमला।
मोर्टार अपनी हल्की बनावट और मोबाइलिटी के लिए जाने जाते हैं और तेजी से बदलते युद्धक्षेत्र में इन्फैंट्री ऑपरेशन्स को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं। आर्टिलरी गन के मुकाबले, जो ज्यादा रेंज और फायरपावर देती हैं, मोर्टार जल्दी तैनात किए जा सकते हैं और इनडायरेक्ट फायर में माहिर होते हैं।
गारुडास्त्र को एक विदेशी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) के साथ मिलकर विकसित किया गया है। यह 7-10 किलोमीटर की रेंज में टारगेट को हिट कर सकता है। इसमें 17 किलो का पेनिट्रेटिंग वॉरहेड है, जो 20 सेंटीमीटर मोटी कंक्रीट को भी भेद सकता है। यह इसे बंकर और मजबूत ठिकानों के खिलाफ असरदार बनाता है। 120mm मोर्टार के तौर पर यह फायरपावर, रेंज और मोबाइलिटी के बीच संतुलन बनाता है, जो इसे 81mm और 82mm जैसे छोटे कैलिबर के मोर्टार से बेहतर बनाता है।
इस सिस्टम में सॉफ्ट-रिकॉइल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसे हल्के 4x4 टैक्टिकल व्हीकल्स पर माउंट किया जा सकता है। यह कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर्स और इंटेलिजेंस (C4I) सिस्टम और बैटल मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) के साथ इंटीग्रेटेड है। यह ड्रोन, रडार और कमांड नेटवर्क से रियल-टाइम टारगेटिंग जानकारी हासिल कर सकता है, जो इसे मोबाइल टारगेट्स पर हमला करने के लिए रियल-टाइम कोर्स करेक्शन की सुविधा देता है।
गारुडास्त्र तेज़ फायरिंग कर सकता है, जिसमें 12-16 राउंड प्रति मिनट का बर्स्ट फायर और 3-4 राउंड प्रति मिनट का सस्टेन्ड फायर शामिल है। यह क्षमता इसे मूविंग टारगेट्स को तेजी से खत्म करने और युद्ध के अहम चरणों में बढ़त बनाए रखने में मदद करती है। इसका शूट-एंड-स्कूट फीचर इसे जल्दी फायर करने और फिर लोकेशन बदलने की सुविधा देता है, जिससे यह दुश्मन के काउंटर-बैटरी रडार से बच सकता है।
GPS और लेजर-गाइडेड गोला-बारूद का इस्तेमाल इसे पारंपरिक मोर्टार से कहीं ज्यादा एडवांस बनाता है, जो केवल बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी और एरिया बॉम्बार्डमेंट पर निर्भर करते हैं। GPS गाइडेंस सैटेलाइट नेविगेशन का इस्तेमाल कर प्री-डिज़ाइनेटेड टारगेट्स पर सटीक हमला सुनिश्चित करता है, जबकि लेजर-गाइडेड गोला-बारूद ग्राउंड ट्रूप्स, ड्रोन या फॉरवर्ड ऑब्जर्वर्स द्वारा रोशनी किए गए टारगेट्स पर निशाना साध सकता है। इस सटीकता से गोला-बारूद की खपत कम होती है और पहले ही राउंड में हिट करने की संभावना बढ़ती है।
सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत, गारुडास्त्र भारत की स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने और सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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