नीट (पीजी) 2026 में नए बदलाव, ज्यादा टेस्ट सेंटर और समय मिलेगा
नीट (पीजी) 2026: टेस्ट सेंटर के ज्यादा विकल्प, नए बदलावों का ऐलान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट (पीजी) 2026 में बड़े बदलावों की घोषणा की है।
नीट (पीजी) 2026: टेस्ट सेंटर के ज्यादा विकल्प, नए बदलावों का ऐलान
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट (पीजी) 2026 में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इसमें टेस्ट सेंटर के ज्यादा विकल्प और हर सवाल के लिए ज्यादा समय देने जैसे कदम शामिल हैं। ये सुधार 30 अगस्त को होने वाले इस एग्जाम के लिए रजिस्टर किए गए रिकॉर्ड 2.73 लाख कैंडिडेट्स की सहूलियत के लिए किए गए हैं।
कैंडिडेट्स को घर के पास टेस्ट सेंटर चुनने का मौका
नई व्यवस्था के तहत कैंडिडेट्स को अपने एग्जाम सेंटर के लिए तीन राज्यों की प्राथमिकता चुनने की अनुमति होगी। इसमें उनके पत्राचार वाले राज्य को पहली प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। इस बदलाव का मकसद यह है कि ज्यादातर कैंडिडेट्स को उनके घर के पास सेंटर मिले। पहले टेस्ट सेंटर 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर दिए जाते थे, जिससे देर से रजिस्टर करने वाले कैंडिडेट्स को दूर के राज्यों में जाना पड़ता था।
योजना बनाने के लिए ज्यादा समय और बदला हुआ एग्जाम पैटर्न
अब टेस्ट सिटी अलॉटमेंट एग्जाम से तीन हफ्ते पहले घोषित किया जाएगा। इससे कैंडिडेट्स को यात्रा और रहने की व्यवस्था करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। पहले यह जानकारी एग्जाम के काफी करीब दी जाती थी, जिससे कैंडिडेट्स को परेशानी होती थी।
एग्जाम पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। अब सवालों की संख्या 200 से घटाकर 180 कर दी गई है, जबकि कुल समय 210 मिनट का रहेगा। इस बदलाव से हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिलेगा, लेकिन कुल परीक्षा अवधि में कोई बदलाव नहीं होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एग्जाम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने आवेदन प्रक्रिया और एग्जाम के दिन आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन लागू किया है। फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन फेल होने की स्थिति में आईरिस-बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का बैकअप रहेगा।
सवालों के पेपर तैयार करने और डिलीवरी की प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया है। इसमें मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन, सुरक्षित ऑफलाइन तैयारी और एग्जाम शुरू होने के समय पर डिजिटल डिक्रिप्शन शामिल है। इसके अलावा, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने फर्जीवाड़ा और अन्य अनुचित गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए एक डेडिकेटेड ईमेल शुरू किया है।
सिंगल-शिफ्ट एग्जाम
पहले जहां इमरजेंसी या पोस्टपोनमेंट के चलते एग्जाम दो शिफ्ट में होता था, वहीं नीट (पीजी) 2026 अब एक ही शिफ्ट में आयोजित किया जाएगा। यह बदलाव सभी कैंडिडेट्स के लिए समान कठिनाई स्तर और मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
पिछले साल की तुलना में रजिस्ट्रेशन में 12.5% की बढ़ोतरी हुई है। नीट (पीजी) 2026 में 2.73 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स हिस्सा लेंगे। एग्जाम की व्यवस्था के लिए 60,000 से ज्यादा स्टाफ तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही सीसीटीवी सर्विलांस, सिग्नल जैमर, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और कमांड सेंटर्स के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
1 अगस्त को तैयारियों की समीक्षा के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सभी संबंधित पक्षों को एग्जाम प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
ये बदलाव मंत्रालय की इस कोशिश को दिखाते हैं कि नीट (पीजी) प्रक्रिया को कैंडिडेट्स के लिए ज्यादा सुविधाजनक बनाया जाए, साथ ही सुरक्षा और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखा जाए।
स्रोत: The Hindu
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