मनप्रीत सिंह बने भारत के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी
हॉकी: मनप्रीत सिंह बने भारतीय हॉकी के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी, विराट कोहली को मानते हैं आदर्श नई दिल्ली: भारतीय हॉकी स्टार और मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
हॉकी: मनप्रीत सिंह बने भारतीय हॉकी के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी, विराट कोहली को मानते हैं आदर्श
नई दिल्ली: भारतीय हॉकी स्टार और मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वो भारत के सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले हॉकी खिलाड़ी बन गए हैं। जर्मनी के खिलाफ एफआईएच प्रो लीग मैच में मनप्रीत ने अपना 413वां इंटरनेशनल मैच खेला, जिससे उन्होंने पूर्व कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की का 412 मैचों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस उपलब्धि के लिए हॉकी इंडिया ने मनप्रीत को 10 लाख रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है।
मनप्रीत ने 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर नेशनल टीम के लिए डेब्यू किया था। पिछले डेढ़ दशक में भारतीय हॉकी के पुनर्जागरण में उनकी अहम भूमिका रही है। हॉकी इंडिया ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि इस दौर में मनप्रीत भारतीय हॉकी की धड़कन रहे हैं।
अपनी खुशी जाहिर करते हुए मनप्रीत ने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने इस उपलब्धि को अपनी टीम के साथियों को समर्पित किया और अपनी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस सफर में उनका साथ दिया।
31 साल के मनप्रीत अपनी लंबी और सफल करियर का श्रेय फिटनेस पर फोकस को देते हैं। उन्होंने बताया कि वो भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली से प्रेरणा लेते हैं। मनप्रीत ने कोहली की फिटनेस, एग्रेसन और डेडिकेशन की तारीफ की और कहा कि ये गुण हर खेल के खिलाड़ियों के लिए मिसाल हैं। उन्होंने फुटबॉल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो की भी तारीफ की, जिन्हें खुद कोहली भी पसंद करते हैं।
दो ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बावजूद मनप्रीत का सबसे बड़ा सपना अभी अधूरा है। वो भारत के लिए ओलंपिक गोल्ड और वर्ल्ड कप मेडल जीतना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यही सपना उन्हें फिट और मोटिवेटेड रहने के लिए प्रेरित करता है। अपने करियर को याद करते हुए उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल को सबसे खास बताया, जबकि 2012 लंदन ओलंपिक, जहां भारत एक भी मैच नहीं जीत पाया और आखिरी स्थान पर रहा, को सबसे निराशाजनक अनुभव बताया।
आगे की योजना पर बात करते हुए मनप्रीत ने कहा कि वो 2028 लॉस एंजेलेस ओलंपिक में खेलने का लक्ष्य रखते हैं, लेकिन ये उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगेगा कि वो टीम के स्टैंडर्ड पर खरे नहीं उतर रहे हैं, तो वो युवा खिलाड़ियों के लिए जगह छोड़ देंगे।
दुनिया के सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले पुरुष हॉकी खिलाड़ियों में मनप्रीत 413 मैचों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। उनसे आगे बेल्जियम के जॉन-जॉन डोहमेन (481 मैच), नीदरलैंड्स के ट्यून डी नूजर (453), ऑस्ट्रेलिया के एडी ओकेंडन (451) और ग्रेट ब्रिटेन के बैरी मिडलटन (432) हैं। खास बात यह है कि 400 से ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में मनप्रीत इकलौते एक्टिव खिलाड़ी हैं।
पंजाब के जालंधर जिले के मित्थापुर गांव से आने वाले मनप्रीत भारतीय हॉकी के सुनहरे दौर के अहम हिस्से रहे हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीता, साथ ही 2014 और 2022 एशियन गेम्स, 2017 और 2025 एशिया कप और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खिताब अपने नाम किए। उनके योगदान के लिए उन्हें 2018 में अर्जुन अवॉर्ड और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
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