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मध्यप्रदेश में 80 हजार शिक्षकों की ओपीएस पर विभाग रिव्यू याचिका की तैयारी में

मध्यप्रदेश में करीब 80 हजार शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) का मामला एक बार फिर उलझता नजर आ रहा है।

मध्यप्रदेश में 80 हजार शिक्षकों की ओपीएस पर विभाग रिव्यू याचिका की तैयारी में
Image credit: News Darpan Team

मध्यप्रदेश में करीब 80 हजार शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) का मामला एक बार फिर उलझता नजर आ रहा है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 2018 में संविलियन वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने के पक्ष में फैसला सुनाया था। इस फैसले के करीब तीन महीने बाद भी विभाग ने अब तक कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया है।

अब स्कूल शिक्षा विभाग इस फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है। सरकार की ओर से इस मामले में कानूनी रास्ते पर आगे बढ़ने से पहले हाईकोर्ट के फैसले की समीक्षा की जाएगी।

इसी सिलसिले में 5 अक्टूबर को जबलपुर में एक अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और वकील शामिल होंगे। महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता भी इस बैठक का हिस्सा होंगे। इसमें फैसले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी और आगे की कार्रवाई को लेकर रणनीति तय की जाएगी।

सरकार की मुख्य चिंता इस फैसले से पड़ने वाले संभावित वित्तीय भार को लेकर है। यह मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिनकी नियुक्ति उस समय हुई थी, जब पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू थी। हालांकि, 2018 में संविलियन के बाद इन शिक्षकों को नई पेंशन योजना (NPS) के दायरे में रखा गया।

शिक्षक पक्ष का कहना है कि संविलियन के दौरान उनकी सेवा में कोई व्यवधान नहीं आया था। ऐसे में उन्हें पुरानी पेंशन योजना से अलग नहीं किया जाना चाहिए। शिक्षकों का तर्क है कि जब उनकी सेवा लगातार बनी रही, तो पेंशन व्यवस्था भी पुरानी ही रहनी चाहिए।

शिक्षक नेता राजेश मिश्रा के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए विभाग को रिमाइंडर भी भेजे गए हैं। इसके बावजूद करीब तीन महीने बीत जाने के बाद भी आदेश पर अमल नहीं हुआ है।

अब 5 अक्टूबर को जबलपुर में होने वाली बैठक में यह तय किया जाएगा कि सरकार रिव्यू याचिका के जरिए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की दिशा में आगे बढ़ेगी या नहीं। बैठक के बाद इस मामले में सरकार का अगला कानूनी कदम साफ हो सकता है।

फिलहाल पुरानी पेंशन का इंतजार कर रहे करीब 80 हजार शिक्षकों की नजरें सरकार के फैसले और अदालत में होने वाली आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं। शिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी सेवा निरंतरता के आधार पर पुरानी पेंशन का लाभ देने के आदेश पर अमल होगा, जबकि सरकार संभावित वित्तीय भार को देखते हुए फैसले की समीक्षा की तैयारी कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन का मामला किन शिक्षकों से जुड़ा है?

यह मामला करीब 80 हजार उन शिक्षकों से जुड़ा है, जिनका 2018 में संविलियन हुआ था।

हाईकोर्ट ने शिक्षकों की पुरानी पेंशन पर क्या फैसला दिया था?

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 2018 में संविलियन वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के पक्ष में फैसला सुनाया था।

स्कूल शिक्षा विभाग अब क्या करने की तैयारी में है?

स्कूल शिक्षा विभाग हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है।

5 अक्टूबर की बैठक में क्या तय होगा?

जबलपुर में होने वाली बैठक में फैसले के कानूनी पहलुओं पर चर्चा होगी और तय किया जाएगा कि सरकार रिव्यू याचिका के जरिए आगे बढ़ेगी या नहीं।

सरकार इस फैसले की समीक्षा क्यों करना चाहती है?

सरकार को इस फैसले से पड़ने वाले संभावित वित्तीय भार की चिंता है।

#high court#ओपीएस#पुरानी पेंशन#मध्य प्रदेश#शिक्षक

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