लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे: 18 दिन में सड़क धंसने के मामले बढ़े
उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा और 'अमेरिका जैसा' बताया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे महज 18 दिनों में सवालों के घेरे में आ गया है।
उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा और 'अमेरिका जैसा' बताया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे महज 18 दिनों में सवालों के घेरे में आ गया है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर 84 जगह सड़क धंसने और बार-बार मरम्मत की जरूरत ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके उद्घाटन के दौरान इसे 'अमेरिका जैसा' बनाने का दावा किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्माण करने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। कंपनी के तीन अधिकारियों को परियोजना से हटा दिया गया है और कंपनी को अगले दो वर्षों तक किसी भी सरकारी टेंडर में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच अब IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम करेगी।
भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक्सप्रेस-वे के कानपुर लेन पर 39 और लखनऊ लेन पर 45 जगह मरम्मत की जा चुकी है। इजरायल खेड़ा के पास करीब 200 मीटर क्षेत्र में दोबारा मरम्मत करनी पड़ी, लेकिन बारिश के बाद वहां फिर गड्ढे बन गए। इसी इलाके में 30 जुलाई को सड़क धंसने के कारण गिट्टी से लदा एक ट्रक पलट गया, जिससे ट्रक मालिक को करीब 1.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
इस परियोजना पर करीब 4700 करोड़ रुपये खर्च हुए, यानी प्रति किलोमीटर लगभग 75 करोड़ रुपये। इसे यूपी का अब तक का सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे बताया गया है। हालांकि, बार-बार सड़क धंसने और गड्ढों की वजह से यह आलोचना का केंद्र बन गया है। इसके टोल शुल्क में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले हाईवे पर एक तरफ का टोल 95 रुपये था, जो अब एक्सप्रेस-वे पर 275 रुपये हो गया है।
इस मामले ने निर्माण कंपनियों की जवाबदेही और सरकार की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल जनता के पैसे की बर्बादी हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे कब खोला गया था?
यह एक्सप्रेस-वे 18 दिन पहले खोला गया था।
इस एक्सप्रेस-वे पर सड़क धंसने के कितने मामले सामने आए हैं?
इस पर 84 जगह सड़क धंसने के मामले सामने आए हैं।
किस कंपनी ने इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया है?
इसका निर्माण PNC इंफ्राटेक लिमिटेड ने किया है।
इस एक्सप्रेस-वे पर टोल शुल्क कितना है?
अब एक्सप्रेस-वे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
इसकी जांच IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम करेगी।
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