News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
Uttar Pradesh Breaking news

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे: 18 दिन में सड़क धंसने के मामले बढ़े

उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा और 'अमेरिका जैसा' बताया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे महज 18 दिनों में सवालों के घेरे में आ गया है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे: 18 दिन में सड़क धंसने के मामले बढ़े
Image credit: News Darpan Team

उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा और 'अमेरिका जैसा' बताया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे महज 18 दिनों में सवालों के घेरे में आ गया है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर 84 जगह सड़क धंसने और बार-बार मरम्मत की जरूरत ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके उद्घाटन के दौरान इसे 'अमेरिका जैसा' बनाने का दावा किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्माण करने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। कंपनी के तीन अधिकारियों को परियोजना से हटा दिया गया है और कंपनी को अगले दो वर्षों तक किसी भी सरकारी टेंडर में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच अब IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम करेगी।

भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि एक्सप्रेस-वे के कानपुर लेन पर 39 और लखनऊ लेन पर 45 जगह मरम्मत की जा चुकी है। इजरायल खेड़ा के पास करीब 200 मीटर क्षेत्र में दोबारा मरम्मत करनी पड़ी, लेकिन बारिश के बाद वहां फिर गड्ढे बन गए। इसी इलाके में 30 जुलाई को सड़क धंसने के कारण गिट्टी से लदा एक ट्रक पलट गया, जिससे ट्रक मालिक को करीब 1.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

इस परियोजना पर करीब 4700 करोड़ रुपये खर्च हुए, यानी प्रति किलोमीटर लगभग 75 करोड़ रुपये। इसे यूपी का अब तक का सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे बताया गया है। हालांकि, बार-बार सड़क धंसने और गड्ढों की वजह से यह आलोचना का केंद्र बन गया है। इसके टोल शुल्क में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले हाईवे पर एक तरफ का टोल 95 रुपये था, जो अब एक्सप्रेस-वे पर 275 रुपये हो गया है।

इस मामले ने निर्माण कंपनियों की जवाबदेही और सरकार की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल जनता के पैसे की बर्बादी हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे कब खोला गया था?

यह एक्सप्रेस-वे 18 दिन पहले खोला गया था।

इस एक्सप्रेस-वे पर सड़क धंसने के कितने मामले सामने आए हैं?

इस पर 84 जगह सड़क धंसने के मामले सामने आए हैं।

किस कंपनी ने इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया है?

इसका निर्माण PNC इंफ्राटेक लिमिटेड ने किया है।

इस एक्सप्रेस-वे पर टोल शुल्क कितना है?

अब एक्सप्रेस-वे पर एक तरफ का टोल 275 रुपये है।

इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

इसकी जांच IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम करेगी।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।