लोकेश ने हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य दिया
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने सीडैप को हर साल 1 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य दिया और स्किल ट्रेनिंग पर जोर दिया।
आंध्र के एचआरडी मंत्री लोकेश ने अधिकारियों से स्किल ट्रेनिंग के लक्ष्य तय करने को कहा
आंध्र प्रदेश के एचआरडी मंत्री नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश में रोजगार पैदा करने और कारोबार के विकास के लिए बनी सोसाइटी यानी सीडैप को हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य तय करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में रोजगार के ज्यादा मौके पैदा करने के लिए ओवरसीज मैनपावर कंपनी आंध्र प्रदेश यानी ओएमकैप और सीडैप के बीच तालमेल होना चाहिए। यह फायदा उन युवाओं को मिल सकेगा, जिन्होंने स्किल ट्रेनिंग हासिल की है।
लक्ष्य और रोजगार पैदा करने पर जोर
श्री लोकेश ने गुरुवार को अपने उंडावल्ली स्थित आवास पर स्किल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने अधिकारियों से स्किल ट्रेनिंग और रोजगार पैदा करने के लिए छोटे और लंबे, दोनों तरह के लक्ष्य तय करने को कहा।
मंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम को असरदार तरीके से लागू करने से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बेरोजगार युवाओं को फायदा पहुंचाने के लिए पीएम इंटर्नशिप स्कीम का असरदार तरीके से इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों ने श्री लोकेश को बताया कि अब तक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए 5.43 लाख युवाओं को रोजगार के मौके मिले हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में प्लेसमेंट रेट 76% रहा है, जबकि देश का औसत 64% है।
उन्होंने कहा कि यह बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा प्लेसमेंट रेट है।
अधिकारियों ने बताया कि स्किल ट्रेनिंग दिए गए युवाओं की संख्या के मामले में भी राज्य बड़े राज्यों में दूसरे नंबर पर रहा।
जॉब मेलों के जरिए रोजगार
अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर लगाए गए जॉब मेलों से 1.02 लाख युवाओं को रोजगार हासिल करने में मदद मिली।
अधिकारियों के मुताबिक, सीडैप ने 2024 में 41,288 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी।
सीडैप को श्री लोकेश के निर्देश के बाद हर साल रोजगार देने का जो लक्ष्य तय करना है, वह 2024 में सीडैप की ओर से ट्रेनिंग दिए गए युवाओं की संख्या से ज्यादा है।
ओएमकैप और सीडैप के बीच प्रस्तावित तालमेल का मकसद राज्य के जॉब मेलों और दूसरे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए मिलने वाले रोजगार के मौकों से आगे भी युवाओं को रोजगार के अवसर देना है।
पीएमकेवीवाई सेंटर अपग्रेड किए जाएंगे
अधिकारियों ने कहा कि पीएम कौशल विकास योजना यानी पीएमकेवीवाई के इस्तेमाल के मामले में आंध्र प्रदेश उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर रहा।
राज्य के सभी 192 पीएमकेवीवाई सेंटर को अपग्रेड करने का फैसला लिया गया।
अधिकारियों ने श्री लोकेश को यह भी बताया कि पीएम-सेटू प्रोग्राम के तहत आंध्र प्रदेश के आईटीआई को 18 क्लस्टर में बांटा गया है।
उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम क्लस्टर के लिए एएम/एनएस यानी आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील को इंडस्ट्री पार्टनर चुना गया है।
श्री लोकेश ने अधिकारियों को बाकी क्लस्टर के लिए इंडस्ट्री पार्टनर जल्द से जल्द तय करने का निर्देश दिया।
बैठक में ए.पी. एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल सेक्रेटरी जे. श्यामला राव, एपी स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ जी. गणेश कुमार, और ए.पी. स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन के प्रभारी चेयरमैन एस. विजया भास्कर समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लोकेश ने सीडैप को हर साल कितने युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य दिया है?
लोकेश ने सीडैप को हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य दिया है।
सीडैप और ओएमकैप के बीच तालमेल क्यों किया जाएगा?
इस तालमेल का मकसद स्किल ट्रेनिंग हासिल कर चुके युवाओं के लिए विदेशों में ज्यादा रोजगार के मौके पैदा करना है।
अब तक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम से कितने युवाओं को रोजगार के मौके मिले हैं?
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 5.43 लाख युवाओं को रोजगार के मौके मिले हैं।
आंध्र प्रदेश के कितने पीएमकेवीवाई सेंटर अपग्रेड किए जाएंगे?
राज्य के सभी 192 पीएमकेवीवाई सेंटर अपग्रेड किए जाएंगे।
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