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केरल सरकार ने के.एम. चंद्रशेखर के लिए तीन आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति को दी मंजूरी

केरल सरकार ने प्लानिंग बोर्ड के वाइस-चेयरमैन के.एम. चंद्रशेखर के लिए आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति को दी मंजूरी केरल सरकार ने राज्य योजना बोर्ड के वाइस-चेयरमैन के.एम.

केरल सरकार ने के.एम. चंद्रशेखर के लिए तीन आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति को दी मंजूरी
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केरल सरकार ने राज्य योजना बोर्ड के वाइस-चेयरमैन के.एम. चंद्रशेखर के लिए तीन आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। चंद्रशेखर, जो पहले केंद्रीय कैबिनेट सचिव रह चुके हैं, जुलाई में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार के तहत योजना बोर्ड के पुनर्गठन के बाद इस पद पर आए थे।

आर्थिक रणनीति में मदद करेंगे विशेषज्ञ

वित्त विभाग ने डी. नारायण, जो गुलाटी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड टैक्सेशन (GIFT) के पूर्व निदेशक हैं, को सीनियर इकोनॉमिक एडवाइजर के रूप में मंजूरी दी है। इसके अलावा, GIFT के असिस्टेंट प्रोफेसर किरण कुमार काकरलापुडी और सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज के प्रोफेसर एम. परमेश्वरन को आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया गया है। इनकी नियुक्ति चंद्रशेखर के कार्यकाल के साथ ही खत्म होगी, जैसा कि प्लानिंग और इकोनॉमिक अफेयर्स डिपार्टमेंट ने तय किया है।

डॉ. नारायण को इस क्षेत्र में काफी अनुभव है। वह पहले तीन सदस्यीय पैनल का हिस्सा थे, जिसकी अध्यक्षता चंद्रशेखर ने की थी और जिसने यूडीएफ सरकार के तहत केरल की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र तैयार किया था। काकरलापुडी और परमेश्वरन ने इस पैनल को रिसर्च और एनालिसिस में मदद की थी और आर्थिक योजना और नीति निर्माण में अपनी विशेषज्ञता दिखाई थी।

प्लानिंग बोर्ड में बदलाव की तैयारी

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब केरल के प्लानिंग बोर्ड पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। जून में राज्य विधानसभा में श्वेत पत्र पेश करने के बाद बोर्ड की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई थी। इस पत्र में बोर्ड को एक सरकारी थिंक टैंक में बदलने का प्रस्ताव दिया गया था। इस सिफारिश को 2026-27 के संशोधित बजट में भी शामिल किया गया है।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर विपक्षी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने आलोचना की है। एलडीएफ का कहना है कि यूडीएफ सरकार बीजेपी की उस नीति की नकल कर रही है, जिसमें योजना आयोग को खत्म कर नीति आयोग बनाया गया था। एलडीएफ इसे पारंपरिक योजना ढांचे को कमजोर करने वाला कदम मानता है।

नियुक्तियों का संदर्भ

इस साल की शुरुआत में प्लानिंग बोर्ड के पुनर्गठन को केरल की गवर्नेंस रणनीति में एक बड़ा बदलाव माना गया। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन को चेयरपर्सन बनाया गया, जबकि चंद्रशेखर को वाइस-चेयरपर्सन और पांच मंत्रियों को सदस्य नियुक्त किया गया। अब आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति से बोर्ड की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, ताकि वित्तीय चुनौतियों का समाधान किया जा सके और नीति सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

ये नियुक्तियां यूडीएफ सरकार की उस प्रतिबद्धता को दिखाती हैं, जिसमें विशेषज्ञों की राय का इस्तेमाल कर केरल की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। खासकर तब, जब हालिया रिपोर्ट्स में राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल सरकार ने किसके लिए आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति को मंजूरी दी है?

केरल सरकार ने प्लानिंग बोर्ड के वाइस-चेयरमैन के.एम. चंद्रशेखर के लिए आर्थिक सलाहकारों की नियुक्ति को मंजूरी दी है।

नियुक्त आर्थिक सलाहकार कौन-कौन हैं?

नियुक्त आर्थिक सलाहकार हैं डी. नारायण, किरण कुमार काकरलापुडी, और एम. परमेश्वरन।

ये आर्थिक सलाहकार किस उद्देश्य से नियुक्त किए गए हैं?

ये आर्थिक सलाहकार केरल की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने और नीति सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद करेंगे।

प्लानिंग बोर्ड का पुनर्गठन कब हुआ था?

प्लानिंग बोर्ड का पुनर्गठन जुलाई में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार के तहत हुआ था।

एलडीएफ ने इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

एलडीएफ ने इस प्रस्ताव की आलोचना की है और इसे पारंपरिक योजना ढांचे को कमजोर करने वाला कदम बताया है।

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